पांवधोई शकलापुरी में स्वच्छ, शहर में गंदगी से अटी

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Tue, 27 Oct 2020 11:36 PM IST
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पांवधोई नदी स्थित धोबीघाट पर लगा नदी में गंदगी का ढेर
पांवधोई नदी स्थित धोबीघाट पर लगा नदी में गंदगी का ढेर - फोटो : SAHARANPUR

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सहारनपुर। शहर की गंगा पांवधोई फिर दूषित हो गई। शकलापुरी में जहां से नदी का उद्गम है वहां एकदम स्वच्छ पानी बहता है, लेकिन कुछ दूरी पर पहुंचते ही नदी पूरी तरह दूषित हो जाती है। कई कॉलोनियों से गंदा पानी इसमें बहाया जा रहा है तो पुराने कपड़े, टूटा सामान और अन्य कचरा तक फेंका जा रहा है।
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पांवधोई नदी को सहारनपुर की गंगा कहा जाता है। इसका ऐतिहासिक महत्व है। किवदंती है कि सदियों पहले बाबा लालदास ने इसे अपने कठोर तप से प्रकट किया था, लेकिन इसमें कूड़ा, कचरा, नाले और सीवर गिरने से यह नाला बन गई थी। नदी को स्वच्छ बनाने की कवायद पहले भी कई बार चली, लेकिन व्यवस्था फिर पुराने ढर्रे पर लौट आती है और नदी को प्रदूषित करने वाले भी सक्रिय हो जाते हैं। आज भी गांव शकलापुरी में शक्लेश्वर महादेव मंदिर के निकट इस नदी का पानी एकदम स्वच्छ है, वहां पानी के भीतर छोटी मछलियां भी साफ दिखाई देती हैं, मगर उससे आगे जुल्मगढ़ की पुलिया तक पहुंचते ही नदी में कचरा अटा रहता है। उससे आगे शहर के बीच आने और फिर राकेश टॉकीज के पास ढमोला नदी में गिरने तक नदी की हालत दयनीय नजर आती है।
एक साल पहले हुआ था जलोत्सव
एक साल पहले ही मई 2019 को पांवधोई नदी पर बाबा लालदास के बाड़ा के निकट जलोत्सव हुआ तो नदी में लोगों ने स्नान तक किया था। इससे पूर्व 2010 में पौराणिक महत्व की वजह से ही रामलीला मंचन के दौरान केवट लीला का मंचन पांवधोई नदी में कराया गया था।
छोड़ा गया था नहर का पानी, अब बंद
पांवधोई नदी में एक साल पहले ही पूर्वी यमुना नहर का पानी छोड़ा गया था। इसकी अनुमति शासन से ली गई थी। नहर का पानी इसमें छोड़ने की वजह से पानी का फ्लो सुधर गया था। बाद में नहर का पानी बंद हुआ तो पांवधोई नदी फिर से सिमट गई।
आज निरीक्षण को निकलेगी टीम
सहारनपुर। पांवधोई नदी को स्वच्छ बनाने के उद्देश्य से मंडलायुक्त संजय कुमार ने पांच अधिकारियों की समिति बनाई है। इसमें सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर, सहायक नगर आयुक्त, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी और सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता शामिल हैं। इन पांचों अधिकारियों को पांवधोई नदी और ढमोला नदी का स्थलीय निरीक्षण करना है। साथ ही नदी को प्रदूषित करने वाली इकाइयों और अन्य लोगों को भी चिह्नित करना है। सिटी मजिस्ट्रेट सुरेश कुमार सोनी ने बताया कि बुधवार को टीम के साथ निरीक्षण किया जाएगा।
पांवधोई में बीओडी की स्थिति
सहारनपुर। पांवधोई नदी के पानी को लेकर पिछले दिनों जांच हुई। उसमें शकलापुरी में बीओडी (बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) 2.4 मिलीग्राम प्रति लीटर और बाबा लालदास बाड़ा पर 2.5 मिलीग्राम प्रति लीटर मिला है। जहां ढमोला नदी में पांवधोई मिलती है वहां पर करीब 14 मिलीग्राम प्रति लीटर बीओडी पाया गया है।
होता रहता है बीओडी में अंतर : मौर्य
उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी एसआर मौर्य ने बताया कि बीओडी (बॉयोलॉजिकल ऑक्सीजन डिमांड) और सीओडी (केमिकल ऑक्सीजन डिमांड) में समय समय पर उतार चढ़ाव होता रहता है।
पांवधोई नदी स्थित धोबीघाट पर लगा नदी में गंदगी का ढेर
पांवधोई नदी स्थित धोबीघाट पर लगा नदी में गंदगी का ढेर- फोटो : SAHARANPUR
शकलापुरी स्थित शंकलेश्वर महादेव मन्दिर के निकट बहता साफ पानी
शकलापुरी स्थित शंकलेश्वर महादेव मन्दिर के निकट बहता साफ पानी- फोटो : SAHARANPUR
पांवधोई नदी पर लगा नदी में गंदगी का ढेर और नदी में गिरता गंदा
पांवधोई नदी पर लगा नदी में गंदगी का ढेर और नदी में गिरता गंदा- फोटो : SAHARANPUR
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