भगत सिंह के मामले में मजबूत पैरवी होगी

Saharanpur Updated Tue, 06 May 2014 05:30 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
सहारनपुर। ब्रिटिश पुलिस अधिकारी जॉन पी सांडर्स की 1928 में हुई हत्या के मामले में दर्ज प्राथमिकी में शहीद-ए-आजम भगत सिंह का नाम शामिल न होने के खुलासे से यहां उनका परिवार आहत है। भगत सिंह के भतीजे किरणजीत सिंह संधू का कहना है कि इस खुलासे से साफ हो गया है कि हत्याकांड में सरदार भगत सिंह को फांसी देने के फैसले पर बड़ी चूक हुई है। इससे यह आशंका भी और गहरा गई है कि ब्रिटिश शासन के दबाव में ही बिना पूरी और सही जांच के भगत सिंह को फांसी दे दी गई।
विज्ञापन

यहां प्रद्युमन नगर में रह रहे संधू ने सोमवार को अमर उजाला से बातचीत में कहा कि इस मामले की और गहनता से जांच कर भगत सिंह को निर्दोष घोषित किया जाना चाहिए। इस केस की मजबूत पैरवी के लिए परिवार जल्दी ही पाकिस्तान जाना चाहता है, मगर इससे पहले मामले में याचिका दायर करने वाले भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के निमंत्रण या इस बारे में पाक अदालत के आदेश का इंतजार है। बता दें कि इसी फाउंडेशन की याचिका पर लाहौर पुलिस से हत्याकांड की प्राथमिकी के बारे में जानकारी मांगी गई थी।
भगत सिंह को 83 साल पहले हुई सांडर्स की हत्या का दोषी मानते हुए लाहौर के शादमान चौक पर फांसी दी गई थी। इस मामले में भगत सिंह मेमोरियल फाउंडेशन के चेयरमैन इम्तियाज राशिद ने पाकिस्तानी अदालत में याचिका दायर कर शहीद-ए-आजम को निर्दोष साबित करने की मुहिम शुरू की है। दायर याचिका पर अदालत ने लाहौर पुलिस से भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी की प्रमाणित कॉपी मांगी थी। वहां अनारकली पुलिस स्टेशन के दस्तावेजों की खोज के बाद उर्दू में मिली प्राथमिकी में दो अज्ञात बंदूकधारियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी, मगर उसमें भगत सिंह का नाम शामिल नहीं था।
ऐतिहासिक नजरिए में भी चूकःशहीद-ए-आजम के भतीजे किरणजीत सिंह संधू ने कहा कि उनका परिवार लंबे समय से यही मानता आ रहा है कि भगत सिंह की फांसी के फैसले में जल्दबाजी की गई थी। बिना पूरी जांच के ब्रिटिश शासन के दबाव में इतना बड़ा निर्णय लिया गया। हत्याकांड की रिपोर्ट में भगत सिंह का नाम न होना जाहिर करता है कि जहां इस मामले की जांच और न्यायिक फैसले में चूक हुई है। वहीं इस प्रकरण को ऐतिहासिक तौर पर भी सही ढंग से पेश नहीं किया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us