जनरेटर की बेल्ट बनी काल

Saharanpur Updated Wed, 26 Dec 2012 05:30 AM IST
सरसावा। जनरेटर की बेल्ट वर्कशॉप मालिक के लिए काल बन गई और उसमें फंसकर उसकी मौत हो गई। उधर, आग में झुलसी युवती और सड़क हादसे में घायल महिला ने अस्पताल में दम तोड़ दिया।
सरसावा के अंबाला रोड पर मुकंद लाल उर्फ काला (45) की चांद इंजीनियरिंग के नाम से वर्कशॉप है। मुकंद मंगलवार सुबह करीब दस बजे जनरेटर चलाकर वेल्ंिडग का कामकर रहा था। काम पूरा करने पर वह जैसे ही जनरेटर बंद करने लगा। उसकी लोई जनरेटर की बेल्ट में फंस गई। तेज झटका लगते ही मुकंद लाल का सिर भी बेल्ट में आ गया। दुकान में मौजूद उसके भाई और अन्य लोगों ने तुरंत जनरेटर बंद किया। किसी तरह मुकंद लाल को बेल्ट से बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना का पता चलते ही उसके परिजन रोते-बिलखते मौके पर पहुंचे।
उधर, नागल के ग्राम भरतपुर निवासी रविता (20) की सोमवार की रात जिला अस्पताल में मौत हो गई। रविता घर में खाना बनाते हुए गंभीर रूप से झुलस गई थी। परिजनों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रामपुर मनिहारान अस्पताल के सामने सोमवार को वाहन की चपेट में आकर गंभीर रूप से घायल हुई बड़गांव थाना क्षेत्र के गांव सिरसली निवासी महमूदा (70) ने भी उपचार के दौरान जिला अस्पताल में दम तोड़ दिया।

Spotlight

Most Read

Lucknow

राहुल गांधी के काफिले का विरोध करने पर बवाल, भाजपाइयों को कांग्रेसियों ने पीटा

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का विरोध जताने पहुंचे भाजपाइयों की कांग्रेसियों से भिड़ंत हो गई। जिसमें कांग्रेसियों ने भाजपाइयों की पिटाई कर दी।

15 जनवरी 2018

Related Videos

तो इसलिए ये महिला बोली पीएम मोदी की गाड़ी के आगे लेट कर दे देगी जान

यूपी वेस्ट के सहारनपुर में बड़ी तादाद में लोगों ने घंटाघर से कलेक्ट्रेट के बीच कैंडल मार्च निकाला। इस कैंडल मार्च की वजह थी मृत छात्र वैभव को इंसाफ दिलाना। सहारनपुर का वैभव गाजियाबाद में इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहा था, वहीं उसकी मौत हो गई।

10 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper