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शहर में बसती है पाताल नगरी

Saharanpur Updated Fri, 12 Oct 2012 12:00 PM IST
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सहारनपुर। पाताल नगरी का नाम सुनते ही मन में रावण के भाई अहिरावण की याद आ जाती है। वही अहिरावण जो राम-लक्षमण का अपहरण कर पाताल नगरी ले गया था। बाद में हनुमान जी ने अहिरावण का वध कर दोनों राजकुमारों को छुड़ाया था। शहर में भी एक पाताल नगरी बसती है। खासियत यह है कि इस नगरी में राम लक्ष्मण के साथ अहिरावण भी बड़े सौहार्द से रहता है। अयोध्या के राजा जनक भी यहीं रहते हैं और ताड़का, नारद, मेघनाद तथा हनुमान की वानर सेना भी।
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सिटी कोतवाली क्षेत्र में ढमोला नदी के तट से सटी यह पाताल नगरी धरातल से करीब 15-20 फुट नीचे है। मकानों की छत सड़क के लेवल से मिलती हैं। इस नगरी में 18 परिवार रहते हैं, जिनमें कुछेक को छोड़कर सभी वर्षों से रामलीला के किरदार निभाते आ रहे हैं। मुख्य है बब्बर जंग गुरुम और अशोक कोहली जो तकरीबन 40 सालों से रामलीला से जुड़े हुए हैं। रेलवे टी2 कालोनी में हर साल यही कलाकार रामलीला के किरदार निभाते हैं। बब्बर जंग इस रामलीला के डायरेक्टर हैं जो राजा जनक का किरदार निभाते हैं। इसके अलावा अनुराग राम, अनिरुद्ध लक्ष्मण, सतीश सुलोचना, अशोक कोहली लक्ष्मण, सुनील रतन अहिरावण एवं सीता, सलीम ताड़का, नारद, शूपर्नखा, आशीष उर्फ गोल्डी मेघनाद, विनोद ठाकुर दृश्य निर्देशन, मनमोहन शर्मा पर्दा संचालक, आशीष शर्मा एवं रोहित शर्मा ड्रेस व्यवस्थापक, दीपक सचदेवा राम, सतीश दृश्य निर्देशन, गौतम सचदेवा, सन्नी, अजीम हनुमान की वानर सेना के रोल बखूबी निभाते आ रहे हैं। स्थिति यह है कि रामलीला के पात्रों के किरदार ही अब इनकी पहचान बन गए हैं। डायरेक्टर बब्बर जंग बताते है कि आज भी कलाकारों में वही जोश है, जो पुराने समय की रामलीलाओं में होता है। दर्शकों की तालियां और वाहवाही हर कलाकार का मेहनताना होती है। टीवी सीरियल और फिल्मों से हटकर लोगों को स्वस्थ मनोरंजन देना और धार्मिक परंपराओं से अवगत कराना ही उनका मकसद है।


ग्रेजुएट राम और इंजीनियर लक्ष्मण
सहारनपुर। डायरेक्टर बब्बर जंग के दो बेटे अनुराग और अनिरुद्ध भी रामलीला में राम और लक्ष्मण के रोल प्ले करते हैं। 22 वर्षीय अनुराग पांच साल और अनिरुद्ध दस वर्ष की उम्र से बाल राम और लक्ष्मण भूमिका निभाते आ रहे हैं। खास बात यह है कि अनुराग बीए का स्टूडेंट है और अनिरुद्ध इंजीनियरिंग का। रामलीला के समय दोनों पढ़ाई के साथ साथ अपनी भूमिकाओं के लिए कड़ी मेहनत करते हैं। वहीं अशोक कोहली के तो चारों पुत्र ही राजा जनक के राम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुघ्न की भूमिका निभाते हैं। इनके नाम भी कमल, विमल, भरत, शत्रुघ्न हैं।

सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल सलीम
सहारनपुर। पाताल नगरी निवासी सलीम ऐसा किरदार है, जिसने सांप्रदायिक सौहार्द की मिसाल पेश की है। वह रामलीला में सीता, ताड़का और नारद के रोल कर चुके हैं। स्टेज व्यवस्थापक की जिम्मेदारी भी बखूबी निभाते हैं। रेलवे स्टेशन पर चाय की दुकान करने वाले सलीम बताते हैं कि अभिनय के शौक के चलते वे रामलीला से जुड़े। वे इस कर्म को भी खुदा की इबादत का एक जरिया मानते हैं। अब तो उसके बेटे अजीम ने भी रामलीला में किरदार निभाने शुरू कर दिए हैं।

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