सुपारी देकर कराई थी कैदी मनोज की हत्या

Saharanpur Updated Wed, 10 Oct 2012 12:00 PM IST
सहारनपुर। सहारनपुर रेलवे स्टेशन पर 29 सितंबर को पुलिस कस्टडी में हुई कैदी मनोज की हत्या पुरानी पारिवारिक रंजिश में करवाई गई थी। जेल में बंद कुख्यात अपराधी विक्की त्यागी के शार्प शूटरों ने 16 लाख की सुपारी लेकर हत्या को अंजाम दिया था। पुलिस ने इस मामले का खुलासा करते हुए चाचा-भतीजे समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया है। शूटर अभी हाथ नहीं लगे हैं।
एसएसपी डीसी मिश्रा ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए पत्रकारों को बताया कि इस मामले में देवबंद के लालवाला गांव निवासी सागर, उसके चाचा नरेश, गांव के ही विनोद ठाकुर और लखनौती के उज्जवल त्यागी को देवबंद रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया। उनसे पूछताछ करने पर वारदात की सारी परतें खुल गईं। मनोज लालवाला और उसके भाई सोनू ने वर्ष 2000 में अपने चाचा डा. राजवीर, उसके बेटे मनीष (3) और आशीष (5) और राजवीर के साले मनोज की हत्या की थी। जिसमें दोनों को फांसी की सजा सुनाई गई थी। जो बाद में आजीवन कारावास में परिवर्तित हो गई थी।
एसएसपी ने बताया कि 2008 में जेल में रहते मनोज ने गांव के ही प्रमोद, 2009 में प्रमोद के भाई डालचंद, 2010 में प्रमोद के पिता राम सिंह और 2011 में मामले की पैरवी कर रहे प्रमोद के दोस्त इंद्रजीत की हत्या करवाई थी। लालवाला गांव का विनोद ठाकुर मृतक डाल चंद और प्रमोद आदि की जमीन ठेके पर बो रहा था। मनोज ने उसकी हत्या की भी योजना बनाई थी, लेकिन पूर्व में दो शूटरों के पकड़े जाने से इसका खुलासा हो गया था। इसी पारिवारिक रंजिश में सागर, नरेश और विनोद ठाकुर ने उज्जवल की मदद से शूटर मोनू त्यागी और उसके दो साथियों ने मनोज की हत्या कराई। शूटर मोनू त्यागी मुजफ्फरनगर जेल में बंद कुख्यात बदमाश विक्की त्यागी गैंग का सदस्य है। एसएसपी के मुताबिक विक्की त्यागी के इशारे पर ही 16 लाख रुपये में मनोज की हत्या की सुपारी तय हुई थी। साढ़े दस लाख रुपये मोनू त्यागी को हत्या से पहले दे दिए गए थे। शेष रकम एक-दो दिन में देनी थी।
याद रहे बरेली सेंट्रल जेल में आजीवन कारावास की सजा काट रहे देवबंद के लालवाला गांव निवासी मनोज की 29 सितंबर की सुबह कार सवार बदमाशों ने रेलवे स्टेशन के बाहर पुलिस कस्टडी में गोलियां बरसाकर हत्या कर दी थी। पुलिस उसे सहारनपुर में पेशी के लिए ले जा रही था। गोलीबारी में नागल क्षेत्र के एक व्यक्ति की भी मौत हुई थी और बिजनौर की महिला समेत दो लोग घायल हुए थे।

हाथ मिलाकर दी पहचान
सहारनपुर। मनोज की हत्या का कांट्रेक्ट होने के बाद विनोद ठाकुर ने पांच सितंबर को कोर्ट में पेशी के दौरान मनोज से हाथ मिलाकर शूटरों को उसकी पहचान कराई थी, लेकिन कई हत्याएं कर चुका मनोज उसकी साजिश को नहीें समझ पाया था।

हत्या का पश्चाताप नहीं
सहारनपुर। पकड़े गए विनोद ठाकुर, सागर और नरेश के चेहरे पर मनोज की हत्या का कोई पश्चाताप नहीं है। पूछने पर विनोद बोल ही पड़ा, मार दिया साले को। मुझे भी मरवाना चाहता था।

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