डीएफओ के खिलाफ सड़कों पर कारोबारी

Saharanpur Updated Tue, 18 Sep 2012 12:00 PM IST
सहारनपुर। वन विभाग की कार्रवाई के विरोध में आखिरकार लकड़ी कारोबारियों का आक्रोश फूट ही पड़ा। सोमवार को उन्होंने डीएफओ पर अनावश्यक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए जुलूस निकाला। भैंसा बुग्गियों की श्रृंखला बनाकर घंटाघर जाम कर दिया और सिटी मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंप कर डीएफओ को हटाने की मांग की।
वन विभाग अधिकारियों पर चेकिंग के नाम पर अनावश्यक उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए लकड़ी कारोबारी पिछले एक सप्ताह से लकड़ी मंडी में धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। कुछ दिन पहले उन्होंने जुलूस निकाल कर सपा कार्यालय पर प्रदर्शन किया था और जिलाध्यक्ष का घेराव करते हुए उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की थी। सोमवार को सहारनपुर टिंबर एसोसिएशन के नेतृत्व में सैकड़ों की संख्या में लकड़ी व्यारी, मजदूर और कारीगरों ने ईदगाह से घंटाघर तक जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी बाइक और गाड़ियों में सवार थे। घंटाघर पहुंचकर चौक के चारों ओर भैंसा बुग्गियों, गाड़ियों की श्रृंखला बना मार्ग जाम कर दिया।
व्यापारियों ने डीएफओ का हटाने और उत्पीड़न पर अंकुश लगाने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होगी वे घंटाघर जाम रखेंगे। यह बात प्रशासन तक पहुंची तो हड़कंप मच गया। सिटी मजिस्ट्रेट अजय कांत सैनी तुरंत घंटाघर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझा कर शांत किया। आश्वावासन दिया कि उनकी मांग से शासन को अवगत कराया जा रहा है। किसी का भी अनावश्यक उत्पीड़न नहीं होने दिया जाएगा। भरोसा मिलने पर ही लकड़ी व्यापारी माने और करीब पौने घंटे बाद जाम खोला। इस दौरान परवेज अंसारी, प्रदीप अग्रवाल, मूसा सिद्दीकी, विकास अग्रवाल, अनवर सिद्दीकी, हाजी जमशेद, अजय अग्रवाल, फरहत अली, जगमोहन सिंह बजाज, हाजी गुलजार, मसरूर बदर आदि मौजूद रहे।

यूं ही नहीं है गुस्सा
सहारनपुर। वन विभाग लगातार अवैध कटान और लकड़ी की तस्करी रोकने के लिए अभियान चलाए हुए है। डीएफओ अदिति शर्मा ने निर्देश जारी किए हैं कि बिना परमिट और अभिवहन पास के कोई भी लकड़ी नहीं आने-जाने दी जाएगी। यह सरकारी कार्य है और राजस्व के लिए किया जा रहा है, तो फिर लकड़ी व्यापारियों में आक्रोश क्यों है? जवाब देते हैं एसोसिएशन के परवेज अंसारी और प्रदीप अग्रवाल। कहते हैं कि विभाग द्वारा जो लकड़ी पकड़ी जाती है, उसे धारा 26 में चालान कर दिया जाता है। छुड़ाने की प्रक्रिया को तीन तीन माह तक लटकाया जाता है, जिससे व्यापारियों को आर्थिक नुकसान होता है। विभागीय परमिट और अभिवहन पास बनवाने के प्रक्रिया भी सरल नहीं है। यह व्यवस्था दलालों और विभागीय अधिकारियों की मिलीभगत से चल रही है। विभाग की गलत कार्यशैली से यह कारोबार पूर्णतया चौपट होने के कगार पर पहुंच चुका है।

जाम से छटपटाया शहर
सहारनपुर। लकड़ी व्यापारियों के 45 मिनट के जाम से शहर की यातायात व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। घंटाघर से निकले वाले पांचों मार्गों रेलवे रोड, देहरादून रोड, अंबाला रोड, नेहरू मार्केट रोड, कोर्ट रोड पर भारी जाम़ लग गया। छोटे वाहनों से लेकर रोडवेज बस, कार, ट्रकों की लंबी लंबी कतारें हर मार्ग पर लगीं थीं। जो जहां था वहीं रुक गया। दोपहिया वाहन स्वामियों ने तो हर छोटी-बड़ी गली, मोहल्लों का प्रयोग किया। इससे वहां भी जाम की स्थिति बनी रही। जाम के कारण लोग परेशान रहे। कोर्ट रोड पुल, अस्पताल पुल पर तो ट्रैफिक को सुचारू कराने के लिए खुद टीएसआई अजय कुमार श्रीवास्तव को डटना पड़ा।

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