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पांच साल में लगे 85 हजार पौधे, हरियाली दूर तक नहीं

Meerut Bureau Updated Mon, 05 Jun 2017 11:44 PM IST
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सहारनपुर। वन विभाग पिछले पांच साल में करीब 85 हजार पौधे लगवा चुका है, मगर हैरत की बात है कि उन पौधों में से ज्यादातर पौधे पेड़ नहीं बन सके हैं। इसकी मुख्य वजह पौधों की देखभाल नहीं किया जाना है। देहात के साथ ही शहर की तमाम सड़कें पेड़ों से सूनी हैं। जिन सड़कों पर दस साल में दो से तीन बार पौधरोपण किया गया है। उन पर भी आज गिने-चुने ही पेड़ शेष हैं।
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लगातार बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने का सबसे बेहतर तरीका अधिक से अधिक हरियाली तैयार करना है। जनपद में तमाम संगठन पौधरोपण करते आ रहे हैं। प्रत्येक वर्ष विश्व पर्यावरण दिवस पर पौधे रोपे जाते हैं। वन विभाग की इसमें अहम भूमिका रहती है। वन विभाग के पास इसके लिए बाकायदा बजट होता है। इसे खर्च कर वह प्रत्येक वर्ष हजारों पौधे लगवाता है। विभागीय दावे की बात करें तो पिछले पांच साल विभाग ने करीब 85 हजार पौधे लगवाए हैं। मगर यह भी सच है कि उनमें से आज कम ही पौधे बचे हैं। यानी ज्यादातर पौधे या तो सूख गए हैं या फिर उन्हें पशु खा गए हैं। ज्यादातर पौधों के खत्म होने की वजह उनको समय से पानी नहीं मिलना रहा है। विभागीय सूत्रों ने बताया कि पौधों के बच न पाने की वजह उनकी देखभाल न होना है। --
लाखों खर्च करने के बाद भी नतीजा कुछ नहीं
पौधरोपण के लिए प्रत्येक वर्ष लाखों रुपये का बजट आता है। एक पौधा 15 से 25 रुपये तक में खरीदा जाता है। इस लिहाज से यदि किसी वर्ष 30 हजार पौधे लगे हैं तो उनकी खरीद पर कम से कम पांच लाख रुपये खर्च होते हैं। मगर उसके बावजूद जिले से हरियाली धीरे-धीरे गायब हो रही है जो चिंता का विषय है।
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2015 में लगे सबसे अधिक पौधे
केंद्र में भाजपा की सरकार बनने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर व्यापक स्तर पर पौधरोपण पूरे देश में किया गया था। सहारनपुर में भी बड़ी संख्या में पौधरोपण हुआ था। इसमें कमिश्नर, डीएम, नगरायुक्त समेत तमाम सरकारी और गैर सरकारी लोग शामिल रहे थे। इस वर्ष जिले में 30 हजार 250 पौधे लगाए गए। कमिश्नर आवास के आसपास सड़कों पर भी पौधे लगाए गए थे, मगर कमिश्नर के आवास के बाहर ही कई सेफ्टी गार्ड खाली खड़े हैं। इनके भीतर के पौधे सूख चुके हैं।
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देखभाल न होने से सूखते हैं पौधे
वन विभाग प्रत्येक वर्ष हजारों पौधे लगाने के दावे कर रहा है। मगर यह भी सच है कि वन विभाग पौधों को एक बार लगाने के बाद उनकी तरफ मुड़कर नहीं देखता है। सहारनपुर में ही दिल्ली रोड और कोर्ट रोड पर अनेक बार पौधरोपण हुआ है। मगर कोर्ट रोड पर ये पौधे अब गायब हैं। दिल्ली रोड पर भी अनेक सेफ्टी गार्ड खाली खड़े हैं।
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पिछले पांच साल में रोपे गए पौधे
वर्ष पौधों की संख्या
2017 14350
2016 29235
2015 30250
2014 6500
2013 3250
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विभागीय स्तर पर होने वाले पौधारोपण की पूरी प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाती है। जितने पौधे लगाए जाते हैं उनका सत्यापन तक कराया जाता है। इसके बाद पौधों की देखभाल करने का जिम्मा भी विभाग का रहता है। पिछले कुछ सालों में जिले में हरियाली बढ़ी है।
विजय कुमार, डीएफओ।

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