विज्ञापन

श्रीराम का इशारा पाकर लक्ष्मण ने काटे सूर्पनखा के नाक कान

Meerut Bureauमेरठ ब्यूरो Updated Sun, 14 Oct 2018 12:57 AM IST
ख़बर सुनें
श्रीराम का इशारा पाकर लक्ष्मण ने काटे सूर्पनखा के नाक कान
विज्ञापन
विज्ञापन
देवबंद। श्री रामा मंडल रामलीला सेवा ट्रस्ट की रामलीला के रंगमंच पर शुक्रवार रात भरत मिलाप, सूर्पनखा मोह और खर दूषण वध की लीला का मंचन किया गया। रामलीला भवन पर चल रही रामलीला में दिखाया गया कि गुरू वशिष्ठ से परामर्श के बाद भरत अपने बड़े भाई राम को अयोध्या वापस लाने के लिए वनों में जाने का निर्णय करते हैं। गुरू तथा माताओं सहित भरत श्रीराम के पास पहुंचकर उनसे अयोध्या चलने के लिए कहते हैं। लेकिन राम पिता के वचनों का पालन करने की बात कहते हुए लौटने से इनकार कर देते हैं। तब भरत श्रीराम की चरण पादुका लेकर वापस अयोध्या आकर उन्हें राज सिंहासन पर विराजमान कर देते हैं। उधर, श्रीराम पंचवटी नामक स्थान पर पहुंचते हैं, जहां भ्रमण करते हुए रावण की बहन सूर्पनखा आती है। वह श्रीराम के रूप पर मोहित होकर उन्हें विवाह का प्रस्ताव देती है। श्रीराम के इंकार करने पर क्रोध में सीता को मारने के लिए झपटती है। तब राम का इशारा पाकर लक्ष्मण सूर्पनखा के नाक और कान काट देते हैं। रोती बिलखती सूर्पनखा अपने भाई खर दूषण के पास जाती है। वह बदला लेने के लिए श्रीराम के साथ युद्ध करने के लिए आते हैं। अंत में श्रीराम खर और दूषण का वध कर देते है। देवगण श्रीराम की जय जयकार कर उठते हैं।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Saharanpur

किशोरी को ले गया

किशोरी को ले गया

19 दिसंबर 2018

विज्ञापन

VIDEO: सीएम योगी के खिलाफ बगावत, 24 दिसंबर से यूपी के ये मंत्री करेंगे अनशन

उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही है। लोकसभा चुनाव से महज कुछ महीने पहले उनके कैबिनेट मंत्री ओपी राजभर ने बगावत कर दी है। ओपी राजभर अपने कार्यकर्ताओं के साथ 24 दिसंबर से अनशन पर बैठ रहे हैं।

18 दिसंबर 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree