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कौन है ट्रंप के साथ भारत आ रहीं बस्ती की रीता बरनवाल, गांव वाले मिलने को उत्साहित

नीरज श्रीवास्तव/रामकृपाल, अमर उजाला Updated Sat, 22 Feb 2020 09:34 AM IST
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रीता बरनावल
रीता बरनावल - फोटो : Twiter
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सार

  • जुलाई 2019 में ट्रम्प प्रशासन ने उन्हें परमाणु उर्जा विभाग का बनाया था प्रमुख
  • कलवारी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में हुआ था रीता का जन्म, गांव में खुशी की लहर
  • परिवार ने भारत दौरे के दौरान अमेरिकन एंबेसी में मिलने की मांगी है अनुमति

विस्तार

भारत दौरे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बस्ती की रीता बरनवाल भी आ रही हैं। रीता अमेरिका में परमाणु उर्जा विभाग की प्रमुख हैं। इनका जन्म बस्ती जिले के कलवारी थाना क्षेत्र के बहादुरपुर गांव में हुआ था। गांव में रह रहे रिश्तेदारों ने अमेरिकन एंबेसी में रीता से मिलने की अनुमति मांगी है।
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रीता के भतीजे गौरव बरनवाल के मुताबिक वाशिंगटन में रह रहीं चाची माया ने 18 फरवरी को फोन करके राष्ट्रपति ट्रंप के प्रतिनिधिमंडल के साथ रीता बुआ के आने की जानकारी दी थी। तभी उन लोगों ने अमेरिकन एंबेसी में एप्लाई करके मिलने की अनुमति मांगी है। यदि अनुमति मिल जाती है तो वे लोग दिल्ली मिलने जाएंगे।

जानकारी के अनुसार ट्रंप के साथ आ रहे डेलीगेशन में भारतीय मूल के कई लोगों को शामिल किया गया है। इनमें परमाणु उर्जा प्रमुख रीता बरनवाल भी हैं। रीता के पिता कृष्ण चन्द्र बरनवाल काफी समय पूर्व अमेरिका गए और फिर वहीं बस गए थे। उन्ही के साथ रीता भी गयी और फिर वहीं की होकर रह गयी। रीता ने एमआईटी से पदार्थ विज्ञान एंव अभियांत्रिकी में बीए तथा मिशिगन विश्व विद्यालय से पीएचडी की है।

रीता को राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रस्ताव पर जून 2019 को परमाणु उर्जा विभाग के प्रमुख पद पर सीनेट ने मुहर लगाई जिसके बाद उन्हें जुलाई में नियुक्त कर दिया गया। नियुक्ति की सूचना जब उनके पैतृक गांव में पंहुची थी लोग खुशी से झूम उठे।  अब जब राष्ट्रपति ट्रम्प के डेलिगेशन में शामिल होकर रीता के भारत आने के सूचना उनके परिवार के लोगों को मिली तो उन्होंने अमेरिकी एम्बेसी से मिलने की अनुमति मांगी है।

रीता के भतीजे गौरव ने बताया कि बुआ का जन्म यहीं बहादुरपुर में ही हुआ था। बड़े  बाबा कृष्ण चन्द्र बरनवाल व दादी आरती जन्म के कुछ महीने बाद ही रीता बुआ को लेकर अमेरिका चली गयी थीं। बाद में बड़े बाबा को वहां की नागरिकता मिल गयी और सभी लोग वहीं रहने लगे।

बुआ जब परमाणु उर्जा प्रमुख नियुक्त हुई थी तब बात हुई थी। उन्होने बताया कि लगभग 10 वर्ष पूर्व बुआ गांव आयी थी। बाबा कृष्ण चन्द्र पांच भाई राम चन्द्र बरनवाल, हरिश्चन्द्र, उमाचन्द्र तथा सुवाष चन्द्र बरनवाल थे। दो बाबा कृष्ण चन्द्र व उमाचन्द्र का परिवार अब अमेरिका में रह रहा है। जबकि बाकी लोग गांव में रहते है। बुआ की शादी अमेरिकन नागरिक से की है जिससे उनके दो बच्चे हैं।
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