सिर्फ 200 परिवारों को मिला रोजगार

Rampur Updated Tue, 23 Oct 2012 12:00 PM IST
रामपुर। मनरेगा से रोजगार देने में भी मंडल पिछड़ गया। छह महीने में पांचों जिले सिर्फ दो सौ परिवारों को ही 100 दिन का रोजगार दे सके हैं। रामपुर और संभल की स्थिति सबसे बेहद खराब है।
मनरेगा का मकसद गांवों के ही मजदूरों को गांव में ही रोजगार मुहैया कराना है। इसके लिए चालू वित्तीय वर्ष का श्रम बजट पहले ही स्वीकृत कर रोजगार देने का भी लक्ष्य निर्धारित कर दिया गया है। लेकिन, मजदूरों को रोजगार नहीं मिल रहा है। संयुक्त विकास आयुक्त ने कुछ दिन पहले मंडल की सभी जिलों की समीक्षा की थी। समीक्षा में पता चला कि सभी जिले रोजगार देने में पिछड़ रहे हैं। माह सितंबर का जो टारगेट दिया गया था उसकी भी स्थिति निराशाजनक पाई गई। संभल में 1013 के सापेक्ष सिर्फ 20 और रामपुर में 205 में 26 परिवारों को 100 दिन का रोजगार मिल सका। और तो और कई मजदूरों को इससे ज्यादा दिन का भुगतान दरसाकर लाखों का भुगतान कर लिया गया। संयुक्त विकास आयुक्त ने भुगतानकर्ता से रिकवरी के आदेश दिए हैं। संयुक्त विकास आयुक्त ने महिलाओं की कम भागीदारी पर भी नाराजगी जताई है। उन्होंने सभी जिलों के संबंधित अधिकारियों को प्लान तैयार कर टारगेट के मुताबिक रोजगार मुहैया कराने के निर्देश दिए हैं।

जनपद लक्ष्य रोजगार
रामपुर- 605 20
अमरोहा- 915 68
बिजनौर- 208 15
संभल- 1013 20
मुरादाबाद- 1131 79

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