जिपं अध्यक्ष लाखन सिंह का इस्तीफा मंजूर, डीएम बने प्रशासक

Moradabad Bureau Updated Sun, 04 Jun 2017 12:39 AM IST
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जिपं अध्यक्ष लाखन सिंह का इस्तीफा मंजूर, डीएम बने प्रशासक
रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां के करीबी लाखन सिंह से जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी आखिरकार छिन ही गई। शासन ने लाखन सिंह का इस्तीफा मंजूर कर लिया। अब जिला पंचायत की शक्तियों एवं कृत्यों का निर्वाहन करने के लिए जिलाधिकारी को प्रशासक अधिकृत किया गया है। शक्ति परीक्षण को बुलाई गई बैठक भी निरस्त कर दी गई। अध्यक्ष के खिलाफ मतदान करने सभी 25 विरोधी सदस्य सुबह ही जिला पंचायत सभागार में पहुंच गए थे। उधर, विरोधी सदस्यों ने लाखन के हटते ही सभागार से सपा नेताओं के फोटो हटाकर प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के फोटो लगा दिए।

सपा सरकार के रहते आजम खां के विरोधी जिला पंचायत सदस्य खमोश बने रहे। लेकिन, सत्ता परिवर्तन के बाद जिला पंचायत अध्यक्ष रहे लाखन सिंह के खिलाफ अधिकतर सदस्य लामबंद हो गए। उन्होंने करीब दो सप्ताह पहले लाखन सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पारित कर डीएम को शपथ पत्र सौंपे थे। डीएम ने अविश्वास प्रस्ताव पर चरचा के लिए शनिवार को बोर्ड की मीटिंग बुलाई थी। मीटिंग से पहले लाखन सिंह ने शुक्रवार को अपने पद से इस्तीफा देकर नया मोड़ दे दिया। मुख्य विकास अधिकारी ने स्वीकृति के लिए उनका इस्तीफा शासन को भेज दिया था। शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर कर लिया। साथ ही जिला पंचायत के शक्तियों एवं कृत्यों का निर्वाहन करने के लिए जिलाधिकारी को प्राशासक अधिकृत कर दिया। जिला पंचायत सभागार में मौजूद विरोधी सदस्यों को एडीएम(प्रशासन) उमेश कुमार मंगला की मौजदूगी में मीटिंग से जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी धनन्जय सोम ने शासनादेश पढ़कर सुनाया। उन्होंने बताया कि शासन ने जिला पंचायत अध्यक्ष का इस्तीफा मंजूर कर लिया है। इसलिए बैठक निरस्त की जाती है। सदस्यों ने मांग रखी कि बोर्ड की अगली बैठक जिलाधिकारी की अध्यक्षता में शीघ्र बुलाई जाए। ताकि, विकास कार्यों को गति दी जा सके। बाद में सदस्यों ने एक दूसरे को बधाई दी।

यह विरोधी सदस्य पहुंचे मीटिंग में
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष अब्दुल सलाम, जाहिदा सलाम, ख्याली राम लोधी, पूर्व जिपं अध्यक्ष चंद्रपाल सिंह, जसविंदर कौर, लाल सिंह, आमना बेगम, मुन्नी देवी, बिलाल, जुल्फिकार हुसैन, प्रीतम सिंह, इस्लाम, नूरजहां, ओमप्रकाश, मुनेश, अमरावती, मिथलेश, महासिंह राजपूत, शहनाज बेगम, जलधारा, मीरा सिंह, सावित्री देवी, नेहा कश्यप, सुषमा, त्रिवेणी। भाजपा की ओर से कपिल आर्य, राकेश शरन मिश्रा, अजय तिवारी, जागेश्वर दयाल दीक्षित और अथर नकवी मौजूद रहे।

मीटिंग में नहीं लाखन और उनके समर्थक
रामपुर। शक्ति परीक्षण के लिए बुलाई गई बोर्ड की मीटिंग से पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह का एक भी समर्थिक सदस्य नहीं पहुंचा। मीटिंग में सिर्फ लाखन सिंह के विरोधी सदस्य ही पहुंचे। इस्तीफा देने के कारण लाखन सिंह स्वयं भी मौजूद नहीं रहे।


अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे एडीएम, सदस्य भड़के
रामपुर। अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) उमेश मंगला जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठ गए। यह देखकर सदस्य भड़क गए और उन्होंने हंगामा किया। बाद में एडीएम को अध्यक्ष की कुर्सी से हटना पड़ा।
जिला पंचायत अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चरचा के लिए जिला पंचायत के सभागार में शनिवार को बोर्ड की मीटिंग बुलाई थी। कानून व्यवस्था और सुरक्षा की दृष्टि से अपर जिलाधिकारी ( प्रशासन) और पुलिस की भी तैनाती की गई थी। लेकिन, एडीएम अध्यक्ष की कुर्सी पर जाकर बैठ गए। यह देखकर सदस्य चंद्रपाल सिंह, महासिंह राजपूत समेत तमाम सदस्य भड़क गए। उन्होंने एडीएम पर एतराज जताया। सदस्यों ने एडीएम से सवाल किया कि वह किस हैसियत से अध्यक्ष की कुर्सी पर बैठे हैं। बाद में एडीएम को कुर्सी से हटना पड़ा। हालांकि कुछ लोगों ने एडीएम का पक्ष किया।


मुख्यमंत्री ने मुख्तार अब्बास नकवी को दी बधाई

रामपुर। पूर्व मंत्री आजम खां के करीबी जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह को कुर्सी से हटाने पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को फोन पर बधाई दी। योगी ने गोरखपुर का भी जिक्र किया।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव का ताना बाना तैयार करने से लेकर इस्तीफा मंजूर होने तक केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी की भूमिका अहम रही थी। नकवी ही लाखन सिंह के विरोधी सदस्यों को गाइड कर रहे थे। लाखन सिंह को जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी से हटाने का आखिरी एपीसोड भी दिल्ली में ही नकवी के निर्देशन में तैयार किया था। नकवी ने सदस्यों को दो बार दिल्ली बुलाया। शुक्रवार को भी लाखन सिंह के विरोधी सदस्य दिल्ली में मौजूद थे। लाखन सिंह को शनिवार को विश्वास मत हासिल करना था। लेकिन, उनके खिलाफ जो रणनीति तैयार की उसे देखकर लाखन सिंह को ऐन वक्त पर अपने पद से इस्तीफा देना पड़ा। आजम खां के करीबी को जिला पंचायत की कुर्सी से हटाने में जो कामयाबी मिली है उसके लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने फोन पर मुख्तार अब्बास नकवी को बधाई दी। उस वक्त कुछ सदस्य भी नकवी के साथ मौजूद थे। मुख्यमंत्री ने गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष का भी जिक्र किया। क्योंकि गोरखपुर जिला पंचायत पर भी सपा समर्थित अध्यक्ष काबिज है। सत्ता परिवर्तन के बाद गोरखपुर जिला पंचायत अध्यक्ष के तख्तापलट भी तैयारी की जा रही है।

इस्तीफा देने से पहले फूट-फूटकर रोए लाखन

रामपुर। जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से इस्तीफा देने के बाद लाखन सिंह फूट-फूटकर रोए। उनका कहना था कि ईमानदारी का उन्हें यह सिला मिला है। उन्होंने कुर्सी छोडने का कोई गम नहीं है। लेकिन, उन पर भ्रष्टाचार के जो आरोप लगाए हैं उनका दुख है।
पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष लाखन सिंह शुक्रवार इस्तीफा देने से पहले जिला पंचायत परिसर में बने आवास पर थे। इस्तीफा देने जाने से पहले लाखन सिंह परिवार वालों के साथ फूट-फूटकर रोए। इस्तीफा देने की बाद में भी उनकी आंखे नम हो गईं। पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष का कहना था कि उन्होंने डेढ़ साल मर्यादा की कुर्सी पर बैठकर ईमानदारी से काम किया। ग्रामीण क्षेत्र का ज्यादा से ज्यादा विकास कराया। लेकिन, सत्ता परिवर्तन के बाद विरोधी सदस्य उनके खिलाफ लामबंद हो गए। उनका कहना था कि दुख इस्तीफा देने या कुर्सी जाने का नहीं है। बल्कि दुख इस बात का है कि सदस्यों ने उन पर भ्रष्टाचार के बे-बुनियाद आरोप लगाए। वहीं जिला पंचायत अध्यक्ष की कुर्सी छिनने का बाद सरकारी आवास भी खाली कराने की कवायद शुरू कर दी गई है।

सदस्यों के लिए खोला अध्यक्ष का कक्ष
रामपुर। बोर्ड की बैठक निरस्त होने के बाद सदस्य सभागार से निकल जिला पंचायत कक्ष के पास पहुंचे। लेकिन, उसमें ताला पड़ा था। यह देखकर अपर मुख्य अधिकारी धनन्जय सोम फौरन दौड़े और उन्होंने चपरासी को बुलवाकर कक्ष खुलवाया।

जिला पंचायत को मिली आजम से मुक्ति
रामपुर। इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आकाश सक्सेना ने जिला पंचायत अध्यक्ष के पद से लाखन सिंह के हटने के बाद जिला पंचायत के पूर्व मंत्री आजम खां से मुक्ति मिल गई। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सत्ता परिवर्तन के बाद ग्रामीण क्षेत्र के विकास में तेजी आएगी। ग्रामीण स्तर पर उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। कहा कि आजम खां उद्योग के विरोधी रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्र में स्थापित उद्योग जिला पंचायत को टैक्स देते हैं। लेकिन, अब ग्रामीण क्षेत्र में उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

आजम खां को लगा करारा झटका
रामपुर। पूर्व मंत्री के बेटे मुस्तफा हुसैन ने कैंप कार्यालय पर बैठक में कहा कि जिला पंचायत अध्यक्ष का हटना पूर्व मंत्री आजम खां की हार है। उन्होंने कहा कि पूर्व मंत्री ने सत्ता का लाभ उठाते हुए लाखन सिंह बेईमानी से चुनाव जिताया था। लाखन सिंह भ्रष्टाचार और अनियमितताओं से घिर गए हैं। उनकी जांच चल रही है। जांच में भी लाखन सिंह दोषी पाए जाएंगे। उन्हें इसकी भी सजा मिलेगी। लाखन सिंह के अध्यक्ष रहते ग्रामीण क्षेत्र का विकास नहीं हुआ। बैठक में माजिद अली, अब्दुल रहीम, महफूज पाशा, मोहम्मद यासीन, बाबू, शराफत, शकील पाशा, मोहम्मद अहमद, असगर अली, सहादत अली, जसवीर सिंह, संजीव कुमार, मनोहर सिंह, मुख्तयार अहमद, मुस्तफा कमाल, इब्ने हाजी, लियाकत अली, जाकिर अली भी थे।

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