एम्स शुरू होने के डेढ़ साल बाद पहले डायरेक्टर की तैनाती, आएगी रफ्तार

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Thu, 05 Mar 2020 12:21 AM IST
विज्ञापन
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अरविंद राजवंशी।
एम्स के डायरेक्टर डॉ. अरविंद राजवंशी। - फोटो : RAIBARAILY

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
एम्स में पहले डायरेक्टर की तैनाती
विज्ञापन

- अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में 13 अगस्त 2018 से शुरू कराई गई थी ओपीडी
- 29 अगस्त 2019 को एमबीबीएस के पहले बैच की शुरू हुई पढ़ाई, इसी माह करेंगे जॉइन
- अब तक पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक के पास ही था चार्ज
रायबरेली। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में पहले डायरेक्टर की तैनाती कर दी गई है। एम्स को शुरू हुए डेढ़ साल से अधिक का समय गुजर गया है। अब तक पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक के पास ही एम्स रायबरेली का चार्ज था। नए निदेशक प्रो. अरविंद राजवंशी की तैनाती से एम्स के कार्यों में रफ्तार आएगी। अब तक पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक के अनुमोदन के बाद काम होता था। ऐसे में काफी समय लग जाता है। डायरेक्टर की तैनाती के बाद एम्स में काम फटाफट होंगे।
एम्स में ओपीडी की शुरूआत 13 अगस्त 2018 से हुई थी। ओपीडी शुरू होने के एक साल बाद 29 अगस्त 2019 से एमबीबीएस के पहले बैच की पढ़ाई शुरू की गई। अब हॉस्पिटल के साथ ही दूसरे बैच की पढ़ाई का काम शुरू होना है। एम्स में निदेशक की तैनाती न होने के कारण काफी समस्या का सामना करना पड़ता था। पीजीआई चंडीगढ़ के निदेशक से अनुमोदन लेने के बाद ही कोई काम हो सकता था। अब छोटे-छोटे कार्यों को कराने में देरी नहीं होगी, क्योंकि निदेशक के पास हर तरह का निर्णय लेने का अधिकार होगा।
डॉ. अरविंद राजवंशी की शासन ने डायरेक्टर के पद पर तैनाती कर दी है। इसी महीने वे यहां आकर पदभार ग्रहण कर सकते हैं। अब तक डिप्टी डायरेक्टर एसके सिंह, रजिस्ट्रार व वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी समीर शुक्ला और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. अशोक कुमार ही काम कर रहे थे। एम्स के पहले निदेशक बने प्रोफेसर डॉ. अरविंद राजवंशी वर्तमान समय में चंडीगढ़ के पीजीआईएमईआर में साइटोलॉजी एंड गाइने पैथालॉजी के प्रोफेसर व हेड ऑफ डिपार्टमेंट हैं।
वे मूल रूप से हिमाचल प्रदेश के रहने वाले हैं। ज्यादातर समय चंडीगढ़ में ही बिताया। करीब 40 साल पुराना उनका मेडिकल से संबंधित सफर है। अब तक वे कई रिसर्च भी कर चुके हैं। एम्स में वर्ष 2020 से मेडिकल कॉलेज और हॉस्पिटल शुरू कराने के लिए स्वास्थ्य मंत्रालय से 991 रेगुलर पदों को हरी झंडी पहले ही मिल चुकी है। एम्स में 183 सुपर स्पेशलिस्ट व अन्य डॉक्टरों के साथ 700 नर्सिंग के रेगुलर पद भरे जाएंगे। निदेशक की तैनाती के बाद अब इस काम में तेजी आएगी।
पूर्व में भर्ती प्रक्रिया पूरी कराने के लिए पीजीआई चंडीगढ़ का सहारा लेना पड़ता था। सारी प्रक्रिया चंडीगढ़ में ही पूरी करानी पड़ती थी। एम्स की ओर से करीब 46 लाख रुपये खर्च होने के बाद स्वतंत्र फीडर से 11 हजार केवी लाइन से बिजली आपूर्ति शुरू होने के बाद एम्स प्रशासन ने 33 हजार केवी के स्वतंत्र फीडर के लिए प्रयास कर रहा है। डायरेक्टर की तैनाती के बाद इस काम में भी तेजी आएगी। इसके लिए पॉवर कॉर्पोरेशन को इस्टीमेट उपलब्ध कराने के लिए पत्र भेजा गया है।
अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में प्रोफेसर डॉ. अरविंद राजवंशी पहले निदेशक बनाए गए हैं। वे इसी महीने यहां आकर पदभार ग्रहण करेंगे। डायरेक्टर के जॉइन करने के बाद एम्स के सभी प्रकार के कार्यों में तेजी आएगी।- समीर शुक्ला, रजिस्ट्रार/ वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी एम्स
एम्स रायबरेली का मुख्य गेट।
एम्स रायबरेली का मुख्य गेट।- फोटो : RAIBARAILY
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us