डेढ़ साल की बच्ची की रेप के बाद हत्या के मामले में मृत्युदंड की सजा

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Sat, 24 Oct 2020 12:54 AM IST
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रायबरेली। जिला एवं सत्र न्यायालय स्थित पॉक्सो कोर्ट ने शुक्रवार को सलोन कोतवाली क्षेत्र में करीब छह साल पहले डेढ़ साल की बच्ची से दुष्कर्म और उसके बाद उसकी हत्या कर देने की वारदात में दोष सिद्ध होने पर अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई है।
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साथ ही दो लाख 20 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। यह फैसला जिला कारागार व दीवानी कचहरी के बीच हुई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में पॉक्सो कोर्ट के विशेष न्यायाधीश विजय पाल ने सुनाया। आखिरकार छह साल बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला।
मिशन शक्ति अभियान के तहत आरोपी को सजा दिलाने का काम किया गया। दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में जिले में पहली बार किसी अभियुक्त को फांसी की सजा सुनाई गई है।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले विशेष लोक अभियोजक (पॉक्सो) वेदपाल सिंह के मुताबिक मामले की रिपोर्ट बच्ची के पिता ने कोतवाली सलोन में दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार मुकदमा वादी के घर पर 02 मई 2014 को वैवाहिक कार्यक्रम था।
इसी दौरान आरोपी जितेंद्र वादी की डेढ़ साल की बेटी को गोद में लेकर कहीं चला गया। तलाश के दौरान बच्ची का शव मिला। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में बच्ची की हत्या के पूर्व बलात्कार करने की पुष्टि हुई।
पुलिस ने विवेचना के उपरांत आरोपी जितेंद्र सिंह के खिलाफ दुष्कर्म, हत्या, साक्ष्य नष्ट करने व पॉस्को एक्ट के आरोप में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। अदालत ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर अपराध की गंभीरता को देखते हुए जितेंद्र सिंह को मृत्युदंड व दो लाख 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
कोर्ट ने अभियुक्त द्वारा जुर्माना जमा करने पर कुल राशि दो लाख 20 हजार रुपये में से आधी राशि अर्थात एक लाख 10 हजार रुपये दुष्कर्म की शिकार पीड़िता के पिता को देने का आदेश दिया है। शेष आधी राशि राजकीय कोष में जमा कराने के लिए कहा।
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से चलाए जा रहे मिशन शक्ति के तहत पॉक्सो मामलों में विशेष पैरवी कर सजा दिलाने का प्रयास किया जा रहा है। एसपी श्लोक कुमार ने मामले में पैरवी करने की विशेष जिम्मेदारी अपर पुलिस अधीक्षक विश्वजीत श्रीवास्तव को सौंपी थी।
‘अमर उजाला’ से बातचीत में एएसपी ने बताया कि मामले की पैरवी की। जरूरी साक्ष्य उपलब्ध कराए गए, ताकि जघन्य अपराध में अभियुक्त को सजा मिले। कोर्ट ने अभियुक्त को फांसी की सजा दी।
उनका कहना है कि इस तरह के हर मामलों की ठीक तरीके से पैरवी करके आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी, ताकि इस तरह की वारदातों में कमी आए।
डेढ़ साल की बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले में अभियुक्त को मृत्युदंड की सजा मिलने से लोग इस तरह का कृत्य करने से वह घबराएंगे। मिशन शक्ति अभियान के तहत पॉक्सो एक्ट के मामले में सख्त कार्रवाई कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसी का नतीजा रहा कि लंबे समय बाद पीड़ित परिवार को इंसाफ मिला।- श्लोक कुमार, एसपी
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