पुलिस की ढिलाई से बिफरे व्यापारी

Raebareli Updated Tue, 26 Nov 2013 05:42 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
डलमऊ (रायबरेली)। कस्बे के मोहल्ला शंकरनगर में रविवार की रात किराना व्यापारी मनोज साहू उर्फ छुन्नू की गोली मारकर हत्या करने और व्यापारियों के बढ़ते उत्पीड़न से लोगों का गुस्सा पुलिस पर फूट पड़ा। आक्रोशित भीड़ ने हाईवे पर जाम लगाने के साथ न सिर्फ पुलिस चौकी और चौकी प्रभारी की बाइक फूंक दी, बल्कि वाहनों में ईंट-पत्थर चलाकर जमकर तोड़फोड़ भी की। भीड़ का गुस्सा इस कदर भड़का कि उसने समझाने का प्रयास कर रहे पुलिस अधिकारियों और सिपाहियों को दौड़ा लिया। इस दौरान पुलिस के वाहनों समेत दर्जन भर वाहन तोड़ डाले। आग बुझाने का प्रयास किया तो दरोगा समेत पुलिस कर्मियों पर पथराव कर घायल कर दिया। व्यापारी इस बात से खफा थे कि एक तो पुलिस व्यापारियों के मामले में तत्काल कार्रवाई नहीं करती है, दूसरे वारदात के बाद बदमाशों का पीछा करने के बजाय पीड़ित परिवार को समझाने की कोशिश करती है। यदि वारदात के बाद पुलिस ने बदमाशों का पीछा किया होता तो शायद हत्या के आरोपी पकड़ लिए गए होते। पुलिस ने बदमाशों का पीछा करने की भी जहमत नहीं उठाई।
विज्ञापन

डलमऊ के मोहल्ला शंकरनगर निवासी मनोज साहू उर्फ छुन्नू की घर में ही किराने की दुकान है। वह रविवार की रात 8:30 बजे दुकान के काउंटर पर बैठा हुआ था। इसी दौरान दो नकाबपोश बदमाश पैदल दुकान पर पहुंचे। व्यापारी उनसे सामान लेने के बारे में कोई जानकारी करता, इससे पहले एक बदमाश ने व्यापारी पर गोली चला दी, लेकिन वह मिस हो गई। पहला फायर मिस होते देख दूसरे नकाबपोश ने तमंचे से व्यापारी के सीने में गोली मार दी।
गोली लगते ही व्यापारी खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। घटना को अंजाम देने के बाद हमलावर पैदल ही विकास खंड कार्यालय से होते हुए रेलवे स्टेशन की पटरी की तरफ भाग निकले। इधर गोली की आवाज सुनकर व्यापारी और क्षेत्र के लोग एकत्र हो गए। उन्होंने बदमाशों का पीछे किया, लेकिन वह दूर जा चुके थे। घटना की सूचना के बावजूद पुलिस देर से पहुंची। घटना और पुलिस के रवैये से खफा व्यापारियों ने इलाहाबाद-कानपुर हाईवे पर मुराई बाग चौराहे पर तख्त और बेंच डालकर जाम लगा दिया। व्यापारी घनश्याम जायसवाल, गुरुबख्श सिंह बख्शी, संतोष, रामहर्ष आदि हमलावरों की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। इसी बीच पुलिस पहुंच गई और उसने व्यापारियों को समझाने का प्रयास किया। नहीं माने तो धमकाने लगे। अपर पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने भी व्यापारियों को समझाकर जाम खत्म कराने का प्रयास किया।
पुलिस के रवैये से नाराज व्यापारियों के साथ क्षेत्र के लोग भी जाम स्थल पर पहुंच गए। पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी के बजाय लोगों को समझाने का प्रयास करती रही। इससे गुस्साई भीड़ ने पुलिस वाहनों पर पथराव शुरू कर दिया। भीड़ ने एएसपी, कोतवाल के वाहन के अलावा अन्य दर्जन भर वाहनों में ईंट-पत्थर चलाकर तोड़फोड़ की। इस पर भी गुस्सा शांत नहीं हुआ तो पुलिस चौकी मुराईबाग में घुसकर जमकर उत्पात मचाते हुए तोड़फोड़ की। लोगों ने पुलिस कर्मियों का सामान व प्रसाधन तोड़ दिया। इसके बाद पुलिस चौकी को आग के हवाले कर दिया। लोगों ने चौकी इंचार्ज रामकुमार की बाइक फूंक दी। पुलिस कर्मियों ने आग बुझाने का प्रयास किया तो भीड़ ने जमकर उन पर ईंट पत्थर चलाए। इससे दरोगा हौसिला प्रसाद अवस्थी घायल हो गए। पथराव में चार-पांच सिपाहियों को चोटें आईं हैं।


इनसेट
पुलिस वालों को दौड़ाया
जाम लगाने और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी के दौरान कुछ पुलिस कर्मियों ने व्यापारियों को समझाने और धमकाने का प्रयास किया तो गुस्साए लोगों ने न सिर्फ पथराव शुरू कर दिया, बल्कि गाली गलौज करने के साथ पुलिस वालों को दौड़ा लिया। इससे पुलिस कर्मी भाग खड़े हुए और काफी दूर खड़े होकर तमाशबीन बने रहे।

इनसेट
व्यापारियों के साथ घटनाएं होती रहीं नहीं हुए खुलासे
डलमऊ के व्यापारी और नागरिक काफी दिनों से पुलिस के रवैये से नाराज थे। एक महीने पहले मेडिकल व्यवसायी अजय कुमार समेत कई लोगों को चाकू मारकर घायल कर दिया गया था, लेकिन पुलिस ने मामले को गंभीरता से नहीं लिया। इसी तरह आए दिन कभी घरों में चोरी तो कभी व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में चोरी होती रही, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। यही नहीं पिछले कई महीने में धार्मिक स्थलों को भी चोर निशाना बनाते रहे। इनमें भी पुलिस ढुलमुल रवैया अपनाए रही। यही वजह रही कि व्यापारियों और नागरिकों ने पुलिस के खिलाफ हल्ला बोल दिया।

इनसेट
अधिवक्ता से विवाद तो नहीं घटना की वजह
डलमऊ कस्बे के शंकरनगर निवासी मनोज साहू उर्फ छुन्नू का करीब डेढ़ महीने पहले मखदूमपुर के एक अधिवक्ता से विवाद हो गया था। इस मामले में दोनों पक्षों और उनके समर्थकों में मारपीट भी हुई थी। इस प्रकरण में दोनों तरफ से जानलेवा हमले का मुकदमा दर्ज कराया गया था। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि यह वारदात वकील से हुई घटना से जुड़ी हो सकती है। बदमाशों का उद्देश्य व्यापारी को गोली मारना ही था, क्योंकि उन्होंने लूटपाट का कोई प्रयास नहीं किया है। अधिवक्ता का व्यापारी से वर्चस्व को लेकर विवाद हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
X

प्रिय पाठक

कृपया अमर उजाला प्लस के अनुभव को बेहतर बनाने में हमारी मदद करें।
  • Downloads

Follow Us