स्कूलों से सादे बिल वाउचर मंगाकर भरते थे अफसर

Raebareli Updated Sat, 26 Oct 2013 05:39 AM IST
विज्ञापन

पढ़ें अमर उजाला ई-पेपर
कहीं भी, कभी भी।

*Yearly subscription for just ₹249 + Free Coupon worth ₹200

ख़बर सुनें
रायबरेली। कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में राशन घोटाले की पोल परत दर परत खुलती ही जा रही है। सहायक वित्त एवं लेखाधिकारी (एएओ) मनोज जेटली के फंसने के आसार बढ़ने के बाद वार्डेनों ने भी अपना काम शुरू कर दिया है। जांच में जुटे ट्रेनी आईएएस प्रवीण कुमार की जांच में एक वार्डेन ने लिखकर दे दिया है कि बिलों पर साइन करा लिए जाते थे, लेकिन मांग के सापेक्ष राशन का आपूर्ति नहीं की जाती थी। यह भी मामला प्रकाश में आया है कि सादे बिल मंगवाकर एएओ के कक्ष में ही दो लोग भरते थे और भुगतान के दिन ही स्कूलों को भेजकर स्टॉक रजिस्टर में मात्रा को दर्ज कराया जाता था।
विज्ञापन

कस्तूरबा गांधी आवासीय स्कूलों में बच्चियों के भोजन और नाश्ते के नाम पर महीनों से लाखों का खेल चल रहा है। अमर उजाला ने बेसिक शिक्षा विभाग में चल रहे इस गोरखधंधे की कलई खोली तो डीएम अमित गुप्ता ने गंभीर रुख अपनाया। डीएम के निर्देश पर ट्रेनी आईएएस प्रवीण कुमार ने मामले की पड़ताल भी शुरू कर दी है। बीएसए कार्यालय स्थित एएओ के कक्ष में लाखों के बिल वाउचर रखी अलमारी को बीते गुरुवार को जांच अधिकारी ने सील कर दिया था। इसके अलावा कंप्यूटर पर एएओ के फोल्डरों को भी कॉपी करा लिया। जांच अधिकारी ने अमावां सहित कई कस्तूरबा स्कूलों में पहुंचकर पड़ताल की। एक वार्डेन ने तो लिखकर दे दिया है कि उससे भुगतान के दिन ही बिलों पर साइन कराए जाते थे। यह भी जांच अधिकारी को बताया कि कभी भी मांग के सापेक्ष राशन की आपूर्ति नहीं दी गई। प्रथमदृष्टया जांच में कई गंभीर मामले प्रकाश में आए हैं, जिनमें एएओ और गोरखधंधे में शामिल अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पर्याप्त सबूत इकट्ठे हो गए हैं। बताते हैं कि सादे बिल वाउचरों को एएओ के कक्ष में भरकर वार्डेनों से भुगतान के दिन ही साइन कराया जाता था। उन्हें मात्रा के बारे में कोई भनक तक नहीं लग पाती थी।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Election
  • Downloads

Follow Us