गंगा जमुनी तहजीब का प्रतीक दशहरा मेला

Raebareli Updated Tue, 30 Oct 2012 12:00 PM IST
सिंहपुर (रायबरेली)। विकास खंड के इन्हौना कस्बे का दशहरा मेला ऐतिहासिक महत्व रखता है। यह मेला एक मुस्लिम परिवार की देखरेख में होता है। गंगा जमुनी तहजीब और आपसी भाईचारे को खत्म कराने का प्रयास तक किया गया था, लेकिन इन्हौंना कस्बे के चौधरी परिवार ने न तो अपनी सियासत मिटने दी और न ही तहजीब। आज भी मर्यादाओं के साथ अपने पूर्वजों से मिली दशहरे मेले की विरासत को संभाले हुए हैं। मंगलवार से शुरू होने वाले मेले में दूरदराज के व्यापारियों का जमावड़ा लगना शुरू हो गया है। आज से करीब 200 वर्ष पहले इन्हौंना के चौधरी ने हिंदू-मुस्लिम एकता का बीड़ा उठाया। कस्बे में हिंदुओं के प्रमुख दशहरे मेले के पूरे इंतजाम की जिम्मेदारी चौधरी परिवार ने उठानी शुरू कर दी। अंग्रेजों ने इस एकता को तोड़ने का प्रयास किया, लेकिन उनकी नीति चौधरी परिवार की इच्छा शक्ति के सामने बौनी साबित हुई। इसकी शुरूआत चौधरी सर्फुद्दीन ने की थी। इसके बाद चौधरी, हसन, चौधरी हुसैन, चौधरी अकबर हुसैन, चौधरी मुशर्रफुद्दीन ने इस परंपरा को आगे बढ़ाया। वर्तमान में चौधरी अख्तर हुसैन मेला कमेटी के अध्यक्ष हैं। परिवार के वहाब अख्तर ने बताया दशहरा मेला पूरे सम्मान के साथ दो दिन तक चलता है।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार, पक्ष में माहौल बनाने के लिए अपनाया ये तरीका

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

जब रात में CM योगी के आवास के बाहर किसानों ने फेंके आलू

लखनऊ में आलू किसानों को जबरदस्त प्रदर्शन देखने को मिला। अपना विरोध जताते हुए किसानों ने लाखों टन आलू मुख्यमंत्री आवास, विधानसभा और राजभवन के बाहर फेंक दिया। देखिए आखिर क्यों भड़क उठा आलू किसानों का गुस्सा।

6 जनवरी 2018

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper