विद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं को तरस रहे बच्चे

Raebareli Updated Fri, 05 Oct 2012 12:00 PM IST
रायबरेली। सरकारी विद्यालयों में व्याप्त असुविधाओं के ये तो चंद नमूने हैं। जिले में बेसिक शिक्षा का हाल बड़ा खराब है। करोड़ों खर्च के बाद भी छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। 400 से अधिक स्कूल एक शिक्षक के भरोसे चल रहे हैं। 60 प्रतिशत से अधिक शौचालय निष्प्रयोज्य हो गए हैं। एक दर्जन से अधिक स्कूलों के हैंडपंप पूरी तरह से खराब पडे़ हैं। 150 से अधिक स्कूलों के हैंडपंप गंदा पानी दे रहे हैं। इसके अलावा परिषदीय स्कूलों में शिक्षा का माहौल नहीं बन पा रहा है।
सुप्रीम कोर्ट ने शिक्षा का अधिकार कानून को प्रभावी ढंग से लागू करने के साथ ही छात्र-छात्राओं को विद्यालयों में मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने का आदेश दिया है। इसी के साथ ही रिपोर्ट भी मांगी है। सुप्रीम कोर्ट ने भले ही शिक्षा का अधिकार कानून को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया है, लेकिन जिले में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति बदहाल है। इसे सुधारने में काफी समय लग जाएगा। वैसे तो 40 छात्रों पर एक शिक्षक का मानक है, लेकिन जिले में तमाम ऐसे भी विद्यालय हैं, जहां एक शिक्षक दो-दो सौ छात्रों को शिक्षा दे रहा है। शासन का सपना है कि खासकर स्कूलों की छात्राएं शौचालय के लिए बाहर न जाएं, लेकिन यह सपना पूरा नहीं हो पा रहा है। स्कूलों में शौचालय बदहाल पड़े हैं, जिससे छात्राओं को शौच के लिए स्कूल से बाहर जाना पड़ रहा है।

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