हाई-वे जाम कर रही छात्राओं पर लाठीचार्ज

Raebareli Updated Wed, 26 Sep 2012 12:00 PM IST
जायस (रायबरेली)। शिक्षकों की कमी, स्कूल की जर्जर बिल्डिंग, बदहाल सफाई व्यवस्था समेत अन्य समस्याओं को लेकर मंगलवार को एक बार फिर राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जायस की छात्राओं को गुस्सा सड़क तक जा पहुंचा। उन्होंने न सिर्फ रायबरेली-सुल्तानपुर हाई-वे, जायस-जगदीशपुर मार्ग जाम कर दिया, बल्कि नगर पालिका परिषद के कार्यालय में तोड़फोड़ करके फर्नीचर सड़क पर फेंक दिए। दुकानें बंद करा दीं। कांग्रेस विधायक के खिलाफ नारेबाजी की और उनकी गाड़ी के पहियों की हवा निकाल दी। प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश हो गईं। हालात बिगड़ते देख पुलिस ने छात्राओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें तीन छात्राएं घायल हुईं। बेहोश और घायल छात्राओं को सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। मौके पर अमेठी जिले के डीआईओएस, एडीएम प्रशासन पहुंचे। वार्ता की, लेकिन छात्राएं तत्काल समस्याएं दूर कराने को लेकर अडिग रहीं। करीब आठ घंटे तक पुलिस और छात्राओं के बीच भिड़ंत चलती रही।
राजकीय बालिका इंटर कॉलेज जायस में करीब 1100 छात्राएं पढ़ती हैं। शिक्षा व्यवस्था की हालत पतली है। शिक्षकों की कमी है तो बिल्डिंग जर्जर है। मिड-डे-मील तक नहीं मिलता है। इसको लेकर कई बार छात्राओं ने आवाज उठाई। समस्याओं को दूर कराने के लिए आश्वासन दिए गए, लेकिन नतीजा सिफर रहा। इससे छात्राओं में नाराजगी थी। मंगलवार की सुबह छात्राएं एक बार फिर गुस्से में आ गई। वे स्कूल की कक्षाएं छोड़कर बस स्टेशन पहुंच गईं। सूचना पर पुलिस पहुंची, लेकिन मूकदर्शक बनी रही। रायबरेली-सुल्तानपुर और जायस-जगदीशपुर मार्ग पूरी तरह से जाम कर दिया। इससे आवागमन ठप हो गया। दोपहर 12 बजे जानकारी होने पर डीआईओएस ओपी त्रिपाठी ने लेखाधिकारी आशुतोष मिश्रा को मौके पर भेजा। लेखाधिकारी ने स्कूल में दो शिक्षकों की तैनाती करने की बात कही, लेकिन छात्राएं डीआईओएस को मौके पर बुलाने के लिए अडिग हो गई। इसी बीच क्षेत्रीय कांग्रेस विधायक मो. मुसलिम पहुंचे और छात्राओं के समर्थन में धरने पर बैठ गए। बावजूद इसके छात्राओं ने विधायक के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। यही नहीं गुस्साई छात्राओं ने विधायक की गाड़ी के पहियों की हवा तक निकाल दी। छात्राओं का गुस्सा देखकर विधायक भाग खड़े हुए। प्रदर्शन के दौरान कक्षा 10 की छात्रा अर्चना, 11 की गुलफिशां बेहोश हो गई, जिन्हें अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके बाद छात्राएं नगर पालिका परिषद जायस के कार्यालय पहुंची और वहां तोड़फोड़ की। कार्यालय का फर्नीचर समेत अन्य सामान को सड़क पर फेंक दिया। स्थिति बिगड़ती देख छात्राओं पर पुलिस ने लाठियां बरसाना शुरू कर दिया और छात्राओं को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इसमें कक्षा 11 की छात्रा नजरीना, अर्चना और कक्षा नौ की शबीना घायल हुईं, जिन्हें नवीन प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र जायस में भर्ती कराया गया। पुलिस के उत्पीड़न से नाराज छात्राओं ने बेंच पर चढ़कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करनी शुरू कर दी। हालात काबू में न आने पर पुलिस ने इसकी सूचना आलाधिकारियों को दी। कुछ देर बाद डीआईओएस और एडीएम प्रशासन माताफेर मौके पर पहुंचे। उन्होंने चार शिक्षकों की तैनाती करने और कॉलेज की बिल्डिंग की मरम्मत के लिए प्रस्ताव शासन को भेजने की बात कही। साथ ही बिल्डिंग की मरम्मत न होने तक जूनियर हाईस्कूल में कॉलेज संचालित कराने की बात कही। छात्राएं शांत नहीं हुई। उनकी मांग थी कि तत्काल उनकी समस्याएं दूर कराई जाएंगी, तभी वह जाम हटाएंगी। डीआईओएस ने आठ शिक्षकों की तैनाती, कंप्यूटर शिक्षा की पढ़ाई, स्कूल की रंगाई-पुताई करने समेत अन्य छात्राओं की समस्याएं को दूर कराने का आश्वासन के बाद उनका गुस्सा शांत हो गया। सुबह 9.30 बजे से लगा जाम 5.30 बजे हटा।

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