पहले दिन शिक्ष्‍ाकों का हंगामा

Raebareli Updated Tue, 28 Aug 2012 12:00 PM IST
रायबरेली। बेसिक शिक्षा परिषद के शिक्षकों के समायोजन और स्थानांतरण के लिए सोमवार को जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में होने वाली काउंसलिंग हंगामे के कारण देर से शुरू हुई। सुबह 8 बजे जैसे ही शिक्षकों का मजमा लगना शुरू हुआ, उन्होंने चस्पा सूची देखकर हंगामा करना शुरू कर दिया। यह हंगामा शांत होने के बजाए बढ़ता रहा। इस पर अफसरों के हाथ-पैर फूलने लगे। नतीजतन प्रशासनिक अफसर भी पुलिस बल के साथ पहुंचे। काफी मान-मनौव्वल के बाद शिक्षकों की आपत्तियां ली गईं और विसंगतियों को दूर किया गया। शिक्षक नेताओं और अफसरों के बीच वार्ता के बाद दोपहर 3 बजे काउंसलिंग शुरू हुई, जो रात 8 बजे तक चली।
जिले के परिषदीय प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों का समायोजन और स्थानांतरण करने के लिए काउंसलिंग का कार्यक्रम तय हुआ। इसके तहत 27 अगस्त को विकलांगों और महिला शिक्षकों को बुलाया गया, जबकि 28 अगस्त को अन्य अध्यापकों की काउंसलिंग होनी है। सभी शिक्षकों को तय तिथियों पर सुबह 8 बजे बुलाया गया। सोमवार को केवल विकलांगों और महिला शिक्षकों की काउंसलिंग होनी थी, मगर मंगलवार को बुलाए गए शिक्षक भी पहुंच गए। जैसे ही सभी ने सूची देखी, उसमें विसंगतियां सामने आईं। इसी बात को लेकर हंगामा करना शुरू कर दिया, जिससे तय समय पर काउंसलिंग शुरू नहीं हो सकी। शिक्षकों का कहना था कि चस्पा की गई सूची में कुछ स्कूल जानबूझ कर दिखाए नहीं गए हैं। चहेते शिक्षकों को सूची से अलग किया गया है, ताकि वह अपने मनमाफिक स्कूल से दूसरी जगह न जा सके। इसी तरह वरिष्ठता में भी हेराफेरी की गई। इन्हीं विसंगतियों को लेकर आक्रोश जता रहे शिक्षक पीछे हटने को तैयार नहीं थे और काउंसलिंग को निरस्त करने की मांग कर रहे थे। इससे शिक्षा अधिकारियों के हाथ-पैर फूलने लगे। डायट में अफरातफरी का माहौल रहा। इसकी भनक लगने पर सिटी मजिस्ट्रेट एसके श्रीवास्तव और डीडीओ राजीव बनकटा पुलिस बल के साथ पहुंचे, ताकि कोई बड़ी घटना न होने पाए। प्रशासनिक अफसरों के हस्तक्षेप पर शिक्षा अधिकारियों और शिक्षक नेताओं के बीच वार्ता कराई गई। काफी देर तक चले मान-मनौव्वल के बाद शिक्षकों की आपत्तियों को स्वीकार किया गया। उनकी आपत्तियों का निस्तारण करने के बाद दोपहर 3 बजे काउंसलिंग शुरू हुई, जो रात 8 बजे तक चलती रही।
इस मौके पर बीएसए ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया, उपेंद्र सिंह, अजय सिंह, वीरेंद्र कनौजिया, शिक्षक नेता लल्लन मिश्रा, जहीर अहमद, रजवंत सिंह, गंगाबख्श सिंह, भगौती सिंह, शिवशरण सिंह आदि मौजूद रहे।
ज्यादातर शिक्षकों की कराई काउंसलिंगः
सोमवार को काउंसलिंग में जूनियर हाईस्कूल की विज्ञान से संबंधित 54 महिला शिक्षकों, अन्य विषयों की 57 महिला शिक्षकों, प्राइमरी स्कूल की 106 महिला शिक्षकों के साथ ही सात विकलांग शिक्षकों को भाग लेना था। ज्यादातर लोग सुबह से ही पहुंच गए। हंगामे के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ा। दोपहर में काउंसलिंग शुरू हुई तो वरिष्ठता के आधार पर उन्हें बुलाया गया। खबर लिखे जाने तक बुलाए गए ज्यादातर शिक्षकों की काउंसलिंग हो चुकी थी।
पुरुष शिक्षकों की काउंसलिंग आजः
मंगलवार को पुरुष शिक्षकों की काउंसलिंग सुबह 8 बजे से कराई जाएगी। इसमें प्राथमिक विद्यालय के 232, जूनियर हाईस्कूल के विज्ञान से संबंधित 84 और 36 अन्य शिक्षकों को बुलाया गया है। काउंसलिंग के दौरान सभी को एकल और बंद विद्यालयों में भेजा जा रहा है, जबकि साइंस टीचरों को सिर्फ जूनियर विद्यालयों में तैनाती दी जा रही है। बीएसए ज्ञानेंद्र सिंह भदौरिया का कहना है कि काउंसलिंग में कुछ शिक्षकों की आपत्तियों के कारण थोड़ी बाधा आई। विसंगतियां दूर कराने के बाद काउंसलिंग सुचारु रूप से शुरू हो गई। मंगलवार को भी काउंसलिंग समय से शुरू करा दी जाएगी।

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