आपसी तकरार के कारण फ्लॉप रहा आशा सम्मेलन

Raebareli Updated Fri, 24 Aug 2012 12:00 PM IST
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रायबरेली। आशा बहुओं में दो फाड़ का नजारा गुरुवार को आयोजित आशा दिवस के कार्यक्रम में साफ देखने को मिला। वैसे तो स्वास्थ्य विभाग ने 1100 आशा बहुओं को एक छत के नीचे बैठाकर उन्हें आगे और अच्छा काम करने की नसीहत देने का सपना संजोया था, लेकिन इसके आधी भी आशा बहुएं ही कार्यक्रम में नहीं शामिल हुईं। पुरस्कार लेने के लिए भी मंच से उनका नाम पुकारा गया, मगर नाराज कई आशा बहुएं इसके लिए मंच पर नहीं पहुंची। कार्यक्रम को लेकर मौके पर तरह-तरह की चर्चाएं सुनने को मिली।
हर साल की 23 अगस्त को स्वास्थ्य विभाग आशा दिवस आयोजित करता है। गुरुवार को भी फिरोज गांधी महाविद्यालय के सभागार में कार्यक्रम हुआ। इसमें जिले की आशा बहुओं को बढ़-चढ़कर भाग लेने का आदेश दिया गया था, लेकिन इस बार आशा बहुएं सम्मेलन में शामिल होने के लिए गंभीर नहीं दिखी। अपराह्न 12 बजे तक 465 आशा बहुएं ही कार्यक्रम में शामिल हो पाईं थीं। शिवगढ़, महराजगंज, ऊंचाहार और रोहनिया की आशा बहुओं की संख्या दहाई के अंक तक भी नहीं पहुंच पाई। यहां यह भी बताते चले कि कुछ आशा बहुओं ने जिलाध्यक्ष पर ही अवैध रूप से धन वसूलने का आरोप लगाया था। इस मामले में स्वास्थ्य मंत्री ने करीब एक माह पहले ही सीएमओ को जांच करके रिपोर्ट देने का आदेश दिया था, लेकिन मंत्री का आदेश यहां ठंडे बस्ते में रखा हुआ है। इस बात को लेकर आशा बहुओं में और भी नाराजगी है। यही वजह रही कि कार्यक्रम में कई आशा बहुएं पुरस्कार लेने तक नहीं पहुंची। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि डीएम जी. श्रीनिवास रहे। इसके अलावा सीएमओ डा. एके गुप्ता, एसीएमओ डा. एके चौधरी, सीएमएम डा. विनीता सिंह मौजूद रहे।

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