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पौष पूर्णिमा पर जगन्नाथमंदिर में कराएं विष्णुसहस्त्रनाम का पाठ, होंगी सारी मनोकामनाएं पूरी
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यूपी : भाजपा का चुनाव चिन्ह जब्त करने के लिए याचिका, जानें क्या है पूरा मामला

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राष्ट्रीय पुष्प कमल का भारतीय जनता पार्टी द्वारा चुनाव चिन्ह के रूप में इस्तेमाल करने से रोक लगाने और चुनाव के लिए आवंटित चिन्ह का राजनीतिक दलों द्वारा लोगों के रूप में इस्तेमाल करने के मुद्दे पर निर्वाचन आयोग से जवाब मांगा है।

याचिका की सुनवाई 12 जनवरी को होगी। कोर्ट में यह मुद्दा भी उठा है कि राजनीति दलों द्वारा चुनाव चिन्ह का लोगो के रूप में प्रचार के लिए छूट देना निर्दलीय प्रत्याशी के साथ भेदभाव पूर्ण होगा।
 
यह आदेश मुख्य न्यायाधीश गोविन्द माथुर तथा न्यायमूर्ति पीयूष अग्रवाल की खंडपीठ ने चौरीचौरा,गोरखपुर के सपा नेता काली शंकर की जनहित याचिका पर दिया है। याचिका पर अधिवक्ता जीसी तिवारी व कपिल तिवारी ने बहस की। याची का कहना है कि जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 एवं चुनाव चिन्ह  (आरक्षण एवं आवंटन ) आदेश 1968 के अंतर्गत चुनाव आयोग को चुनाव लड़ने के लिए राष्ट्रीय राजनीतिक दल को चुनाव चिन्ह आवंटित करने का अधिकार है।
 
चुनाव आयोग को मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट का उल्लंघन करने पर दल की मान्यता वापस लेने का अधिकार है। बीजेपी का चुनाव चिन्ह कमल राष्ट्रीय चिन्ह भी है। इसलिए उसे जब्त करने व दुरुपयोग करने पर रोक लगाई जाए। कोर्ट ने याची को अन्य किसी राजनीतिक दल को भी पक्षकार बनाने की छूट दी है।

कोर्ट ने कहा कि याचिका में यह मुद्दा नहीं उठाया गया है कि चुनाव चिन्ह केवल चुनाव के लिए आवंटित किया जाता है, अन्य कार्य के लिए नहीं तो चुनाव चिन्ह का अन्य उद्देश्य से इस्तेमाल करने की अनुमति क्यों दी जा रही है। याची अधिवक्ता ने कहा कि चुनाव चिन्ह का आवंटन चुनाव लड़ने वाले प्रत्याशी को किया जाता है।

पार्टी विशेष का चुनाव चिन्ह लेने का प्रत्याशी को अधिकार है। किसी राजनीतिक दल को चुनाव चिन्ह पार्टी लोगो के रूप मे इस्तेमाल करने का अधिकार नहीं है। चुनाव चिन्ह चुनाव तक ही सीमित है। पार्टी को अपना चुनाव चिन्ह किसी निर्दलीय प्रत्याशी को देने का अधिकार नहीं है। यदि राजनीतिक दलों को चुनाव चिन्ह का दूसरे कार्यों के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति दी गई तो यह निर्दलीय प्रत्याशियों के साथ अन्याय व विभेदकारी होगा। क्योंकि उन्हे अपना प्रचार करने के लिए कोई निशान नहीं मिला होता है।

राजनीतिक दल हमेशा प्रचार करते हैं और निर्दलीय प्रत्याशी को यह छूट नहीं होती है। क्योंंकि चुनाव चिन्ह केवल चुनाव लड़ने के लिए ही दिया जाता है। कोर्ट ने कहा कि कई देशों में चुनाव चिन्ह नहीं है, किन्तु भारत मे चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ा जा रहा है। सरकार की चुनाव चिन्ह से चुनाव लड़ने की व्यवस्था वापस लेने की मंशा भी नहीं है। निर्वाचन आयोग के अधिवक्ता ने इन विन्दुओं पर विचार के लिए समय मांगा। जिस पर कोर्ट ने जवाब दाखिल करने का समय दिया है।
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द्वारचार के दौरान पटाखे की चपेट में आने से दूल्हे की जीजा की मौत, बारात में मचा हड़कंप

साले की शादी में शामिल जीजा हाथ में आतिशबाजी का सामान लेकर डांस कर रहा था। तभी पटाखों में विस्फोट होने से उसकी दर्दनाक मौत हो गई। करीब खड़ा बराती भी घायल हो गया। पल भर में खुशी का माहौल मातम में बदल गया। आनन-फानन दोनों को लेकर लोग जिला अस्पताल पहुंचे। जहां डॉक्टरों ने ट्रक चालक जीजा को मृत घोषित कर दिया। घायल बराती को उपचार के बाद घर भेज दिया। रात में सादगी के साथ शादी की रस्म पूरी हुई लेकिन दूल्हा बिना दुल्हन लिए घर लौट गया। मृतक के घर खबर मिलते ही कोहराम मच गया। देर शाम परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार कर दिया।

अंतू थाना क्षेत्र के पूरे रामदेव गौराडांड निवासी घनश्याम यादव की शादी बुधवार को तिवारीपुर रामनगर राम किशोर के घर आई थी। सभी बराती खुशी में डांस कर रहे थे। शादी में घनश्याम का जीजा केशव प्रसाद यादव उर्फ केशरी (40) पुत्र अवधेश यादव निवासी गंगहारी बरहुआ भोजपुर नगर कोतवाली भी शामिल हुआ था। वह भी खुशी में डांस कर रहा था। द्वारपूजा के दौरान आतिशबाजी हो रही थी।

ग्रामीणों के अनुसार डीजे पर फिल्मी गीत के बीच केशव प्रसाद जलता हुआ अनार हाथ में उठाकर डांस करने लगा। अचानक उसने आतिशबाजी वाला झोला कंधे पर रख लिया। तभी तेज विस्फोट हो गया। जिसकी चपेट में आने से केशव प्रसाद के सिर का हिस्सा दूर-दूर फैल गया और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। उसके करीब डांस कर रहा सुजीत कुमार निवासी भदारी का पुरवा पूरे रामदेव भी घायल हो गया। बरात में भगदड़ मच गई। डीजे बंद कराकर लोग केशव व सुजीत को लेकर जिला अस्पताल भागे।

यहां डाक्टरों ने केशव को मृत घोषित कर दिया और सुजीत को उपचार के बाद छोड़ दिया। परिजन रोते बिलखते केशव का शव लेकर घर चले गए। उधर खुशी वाले घर में मातम के बीच सादगी में विवाह की रस्म पूरी की गई। दूल्हा रात में ही बिना दुल्हन के घर लौट गया। दूल्हा घनश्याम व उसके परिवार के लोग रात में ही बरहुआ भोजपुर पहुंच गए। शैव का देर शाम अंतिम संस्कार कर दिया गया। अंतू थानाध्यक्ष ने बताया कि घटना की जानकारी मिली थी लेकिन किसी ने कोई तहरीर नहीं दी। आतिशबाजी लेकर डांस करते समय घटना घटित हुई है।

रात में ही भाग निकले बराती, रुका रहा दूल्हा

द्वारपूजा के दौरान हुई घटना से बराती सहम गए। रात में ही बराती बिना खाना खाए घर रवाना हो गए। केवल दूल्हा व उसके परिवार के कुछ सदस्य ही बचे थे। दूल्हा शादी के लिए भी तैयार नहीं था लेकिन कन्या पक्ष व रिश्तेदारों के अनुरोध पर केवल शादी के लिए राजी हुआ। आंख में आंसू लिए वह दुल्हन के साथ सात फेरे लगाता रहा।

तीन दिन पहले पत्नी मंजू बच्चों के साथ चली आई थी मायके

भाई घनश्याम की शादी में शामिल होने के लिए केशव की पत्नी मंजू तीन दिन पहले बच्चों को लेकर मायके चली आई थी। दोनों घरों में खुशियों का माहौल था। मृतक केशव का बेटा राज दस साल का है। बेटी ऋष्टि व सबसे छोटा बेटा अभय राज छह साल का है। तीनों बच्चों के सिर से पिता का साया छिन गया। मंजू समेत बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल रहा।

नेग की लालच में केशव को खींच लाई मौत, भाई कर रहा था मना

जेठवारा। नगर कोतवाली के गंगहारी बरहुआ भोजपुर निवासर केशव प्रसाद यादव ट्रक चलाकर परिवार का गुजर बसर करता है। उसके बड़े भाई संतराम ने बताया कि केशव उसे शादी में जाने से मना कर रहा था। बुधवार को वह शादी में शामिल होने के लिए तैयार हो रहा था। उसे वह मना करने लगा। बोला तुम मत जाओ। वह शादी में शामिल होने चला जाता है। केशव बोला भैया साले की शादी है। वहां पर कुछ नेग मिलने वाला है। यह कहते हुए वह घर से निकल गया। उसकी मौत उसे तिवारीपुर तक नेग के बहाने खींच लाई। यह कहकर उसका बड़ा भाई संतराम रोने लगा। मृतक चार भाइयों में मझला था।
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प्रतापगढ़ : दूल्हे को आया चक्कर, गश खाकर गिरा, दुल्हन का शादी से इनकार

प्रतापगढ़ में महिला अफसर से दुष्कर्म, बनाई अश्लील वीडियो, आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज

जिले में तैनात एक महिला अफसर ने शाहजहांपुर निवासी युवक के खिलाफ दुष्कर्म और शारीरिक शोषण का आरोप लगाते हुए एफआईआर दर्ज कराई है। महिला अफसर का आरोप है कि दुष्कर्म के दौरान आरोपी ने उसकी अश्लील फोटो और वीडियो बना ली और वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल कर रहा है। आरोपी आठ वर्ष से उसका शारीरिक शोषण कर रहा है। बात नहीं मानने पर उसने सरकारी दफ्तर और आवास में घुसकर गालीगलौज करते हुए जाने से मारने की धमकी दी है। पुलिस आरोपी को हिरासत लेकर पूछताछ कर रही है।  

फतेहपुर निवासी महिला अफसर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि वर्ष 2012 में दिल्ली में कोचिंग के दौरान शाहजहांपुर के बसंतपुर निवासी गुरुविंदर सिंह पुत्र साधू सिंह उसके साथ छेड़छाड़ करता था। जिससे वह बीमार व अक्सर बेहोश रहने लगी। इसी दौरान दिल्ली स्थित अपने कमरे में एक दिन वह अचेत पड़ी थी। तभी गुरुविंदर वहां पहुंचा और उसके साथ दुष्कर्म किया।

आरोपी ने घटना की अश्लील वीडियो व फोटो बना ली। घटना के पंद्रह दिन बाद कोचिंग में उसने वीडियो दिखाया और वायरल करने की धमकी देते हुए उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वह उसके साथ घूमने जाने की बात करने लगा। इससे वह डिप्रेशन में रहने लगी। दो साल बाद वर्ष 2015 में बरेली में बैंक में नौकरी लगने पर वह किराए का कमरा लेकर वहां रहने लगी, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। एक दिन गुरुविंदर बरेली स्थित उसके कमरे में पहुंचा और मारपीट कर उसे कुर्सी से बांधने के बाद शारीरिक शोषण करते हुए वीडियो व फोटो बना ली।

महिला अफसर का आरोप है कि गुरुविंदर सिंह ने अपने नाम से सिम खरीदकर उसे दिया और परिजनों से दूर रहने पर मजबूर किया। उसने उसके बैंक खाते से अवैध तरीके से रुपये का लेनदेन किया। बात नहीं मानने पर गुरुविंदर ने उसकी बहन के व्हाट्सएप नंबर पर अश्लील फोटो व वीडियो भेज दी। इस बीच उसकी वर्ष 2017 में प्रतापगढ़ जिले में तैनाती हो गई।

यहां तैनाती के बाद से आरोपी उसको फोन व व्हाट्सएप पर धमकी व ब्लैकमेल करने के लिए संदेश भेजता रहा। आरोपी ने वीडियो वायरल करते हुए उसकी अश्लील फोटो दीवारों पर चस्पा करने की धमकी देकर उसका मानसिक व सामाजिक शोषण किया। इसके बाद भी उसकी बात नहीं मानी तो बीते 18 दिसंबर को अपने दो अज्ञात साथियों के साथ मेरे सरकारी आवास पर पहुंचा और साथ चलने का दबाव बनाने लगा। यह देख मैं अपने ड्राइवर के साथ कार से सरकारी आवास पर चली गई।

इसके बाद वह वहां भी आ धमका और साथ ले जाने पर अड़ गया। महिला अफसर के ड्राइवर ने जब शोर मचाया तो आरोपी भाग निकले। जिसके बाद पीड़ित महिला अफसर ने लालगंज कोतवाली में आरोपी गुरुविंदर समेत दो अज्ञात लोगों के खिलाफ दुष्कर्म, शारीरिक शोषण, जान से मारने की धमकी देने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कराया। चर्चा है कि पुलिस आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। प्रभारी कोतवाल रामअधार ने बताया कि केस दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है। 

पखवारे भर मामला दबाए रही पुलिस

महिला अफसर की तहरीर पर दो जनवरी को ही मुकदमा दर्ज कर लिया गया था, लेकिन पुलिस मामले को दबाए रही। दो दिन पहले मीडियाकर्मियों को किसी तरह जानकारी मिली तो घटना के बारे में खंगालना शुरू किया। प्रभारी कोतवाल रामअधार जानकारी से इनकार करते रहे। सीओ ने भी पूरी तरह अनभिज्ञता जाहिर की। प्रभारी कोतवाल तो घटना के बारे में बयान भी देने से कतराते रहे। काफी कुरेदने पर उन्होंने केस दर्ज करने की बात स्वीकार की।
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डाल्फिन को मारने के चार आरोपी गए जेल, आठ का पता नहीं

पंद्रह दिन पहले प्रयागराज जल शाखा की शारदा सहायक नहर में मिली डाल्फिन मछली को ग्रामीणों ने आहार बनाने के लिए लाठी-डंडे के साथ ही धारदार हथियार से प्रहार कर मौत के घाट उतार दिया था। इस मामले में बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। अब तक पुलिस कुल चार लोगों को इस मामले में जेल भेज चुकी है, जबकि आठ लोगों को चिह्नित करने का दावा किया जा रहा है। इन आठ लोगों के नामों का पुलिस खुलासा नहीं कर रही है। तर्क है कि नाम सामने आने के बाद आरोपी फरार हो सकते हैं। 

 नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोथरिया गांव के पास प्रयागराज जलशाखा की शारदा सहायक नहर में 31 दिसंबर 2020 को डॉल्फिन मछली को ग्रामीणों ने आहार बनाने के लिए लाठी-डंडे के साथ ही धारदार हथियार से प्रहार कर मार डाला था। दूसरे दिन घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। जिसके बाद पुलिस व वन विभाग की टीम हरकत में आई। डाल्फिन का पोस्टमार्टम कराने के बाद अज्ञात ग्रामीणों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया। वीडियो क्लिप के सहारे पुलिस ने राहुल कुमार निवासी आजाद नगर, थाना ऊंचाहार, राहुल कुमार, अनुज कुमार निवासी हरिहरपुर, कोतवाली ऊंचाहार को जेल भेज दिया।

बृहस्पतिवार को पुलिस ने एक और आरोपी आशीष निवासी गंगसरी, थाना ऊंचाहार, जनपद रायबरेली को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नवाबगंज थानाध्यक्ष अखिलेश सिंह का कहना है कि डाल्फिन को मारने में कुल 12 लोगों को चिह्नित किया गया है। वीडियो क्लिप से सभी की पहचान की गई है। चार आरोपियों को जेल भेजा गया है। अभी आठ आरोपी फरार हैं। यदि चिह्नित आरोपियों के नाम उजागर कर दिए गए तो वे हाथ नहीं आएंगे। अधिकांश आरोपी रायबरेली जनपद के रहने वाले हैं।

वीडियो बनाने वाला मछली को बचाने में रहा नाकाम

शारदा सहायक नहर में डाल्फिन मछली को कुछ लोगों ने बचाने की भी कोशिश की। पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आई है कि वीडियो बनाने वाला युवक लगातार लोगों को रोकता रहा, लेकिन उसकी बात लोगों ने अनसुनी कर दी। वीडियो बनाने वाला भी अभी घर से फरार चल रहा है।

एसपी की अगुवाई में समोगरा में पुलिस ने दी दबिश

आपराधिक घटनाओं की रोकथाम के लिए पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना बृहस्पतिवार की शाम पट्टी कोतवाली पहुंचे। सराफ अहमद की हत्या में अब तक हुई कार्रवाई की जानकारी ली। इलाके के एक शातिर बदमाश के करीबी की तलाश में एसपी भारी फोर्स लेकर समोगरा जा धमके। पुलिस की कार्रवाई से गांव के लोग सहम गए। सूत्रों के अनुसार पुलिस की दबिश से पहले ही संदिग्ध बदमाश गांव से भाग निकला।
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पहले डॉल्फिन को पकड़ने की कोशिश, सफल नहीं हुए तो पीट-पीटकर मार डाला, तीन गिरफ्तार

प्रतापगढ़ पुलिस ने डाल्फिन मछली को मारने वाले आरोपियों का खुलासा कर दिया। उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोथरिया गांव के पास इलाहाबाद जल शाखा की शारदा सहायक नहर में बीते 31 दिसंबर 2020 को डाल्फिन मछली आ गई थी।

नहर बंद होने के चलते पानी कम हो गया और वह बाहर से दिखने लगी। इसका फायदा उठाते हुए कुछ लोगों ने उसे पकड़ने का प्रयास किया। पकड़ने में सफलता नहीं मिलने पर उसे मार दिया।

करीब एक क्विंटल वजन होने के कारण उसे ले नहीं जा पाए। तब तक इसकी सूचना वन विभाग और पुलिस को मिल गई। वन विभाग ने अज्ञात लोगों पर डाल्फिन को मारने का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने जांच शुरू की तो पता चला कि कुछ लोगों ने उसे खाने के लिए पकड़ने का प्रयास किया था। सफलता नहीं मिलने पर धारदार हथियार से मार दिया।

जांच के दौरान ऊंचाहार थाना क्षेत्र के आजाद नगर निवासी राहुल कुमार पुत्र अयोध्या प्रसाद सरोज, ऊंचाहार के हरिहरपुर गांव निवासी राहुल कुमार पुत्र छोटेलाल व अनुज कुमार पुत्र रामपाल के नाम सामने आए। नवाबगंज पुलिस और वनविभाग की टीम ने तीनों को गिरफ्त में ले लिया। लिखापढ़ी कर तीनों को जेल भेज दिया गया।
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कई दिनों से सराफा व्यवसायी सुरेश के दुकान की रेकी कर रहे थे बदमाश 

pratapgarh news : ग्रामीणों ने डॉल्फिन मछली को मार डाला।
श्याम बिहारी गली में सराफ की दुकान से 90 लाख रुपये के आभूषण समेत दस हजार रुपये और मोबाइल लूट वाले बदमाश कई दिनों से रेकी कर रहे थे। पुलिस को आशंका है कि सराफा बाजार से ही किसी ने बदमाशों को सारी जानकारी मुहैया कराई थी। बिना सटीक जानकारी के बदमाश इतनी बड़ी घटना को अंजाम देने का साहस नहीं कर सकते। सुरेश का कहना था कि केवल उसके ग्राहक ही दुकान में आते-जाते थे। संदिग्ध लोगों को वह बाहर कर देता था।

श्याम बिहारी गली में हर दिन करोड़ों का कारोबार होता है। शहर के साथ ही ग्रामीण इलाकों के सराफ जेवरात बनवाने व थोक सोना और चांदी खरीदने आते हैं। बृहस्पतिवार को भी हर दिन की तरह लोग अपने काम में मशगूल थे। साफ-सफाई के साथ ही मार्केट में चाय नाश्ते की दुकानों पर लोग खा-पी रहे थे। इस बीच ढाई मिनट के भीतर बदमाश सुरेश की दुकान से 90 लाख रुपये के जेवरात समेत मोबाइल व दस हजार रुपये लूटकर भाग निकले। जानकारी मिलने के बाद पुलिस पहुंचकर छानबीन करने लगी। पुलिस को यह पता चला कि इस मार्केट में कभी इस तरह की वारदात नहीं हुई।

इस मार्केट में आने-जाने के कई रास्ते भी हैं। सनसनीखेज वारदात से हर कोई दंग था। पुलिस भी खोजबीन में जुट गई। चर्चाओं के अनुसार डकैती के पीछे मार्केट में आने-जाने वाले किसी करीबी ने ही विभीषण का किरदार निभाया है। तभी बदमाशों को दुकान के भीतर कमरे में तिजोरी होने की जानकारी थी। यह भी पता था कि सुरेश घर से जेवरात लेकर आता है और बेचने के लिए तिजोरी में ही रखता है। जिस समय सुरेश दुकान खोलता है उस समय आसपास की दुकानें नहीं खुलतीं। इतने बड़े कारोबार के बाद भी सुरक्षा का कोई ध्यान नहीं रखा जाता।

श्याम बिहारी गली में कारोबारी की पत्नी को उतारा जा चुका है मौत के घाट

मकंद्रूगंज पुलिस चौकी से चंद कदम की दूरी पर स्थित श्याम बिहारी गली में वर्ष 2008 में रात के समय घर में घुसे बदमाशों ने इंद्रा केसरवानी व उनकी बहू साधना पर चापड़ से हमला कर दिया था। लूटपाट की कोशिश भी हुई थी। हमले में घायल इंद्रा की मौत हो गई थी जबकि साधना घायल हो गई थी। बाद में पुलिस ने हत्या जैसे मामले में साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगा दी थी। बृहस्पतिवार को हुई घटना के बाद इस वारदात की याद फिर ताजा हो गई।

नए एसपी के आते ही बड़ा दुस्साहस

नवागत पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना को बदमाशों ने कमान संभालते ही बड़ी चुुनौती दे दी है। 36 घंटे के भीतर तीन सनसनीखेज वारदातों से जिला थर्रा उठा है। बदमाश ताबड़तोड़ वारदातों को अंजाम देकर भाग निकलने में कामयाब हो रहे हैं। पुलिस केवल लकीर पीट रही है। सीसीटीवी फुटेज में कैद बदमाश चिह्नित करने में पुलिस हांफ रही है।

शहर की श्याम बिहारी गली में शिवा ज्वेलर्स के स्वामी सुरेश कुमार सोनी उर्फ ननका भइया बृहस्पतिवार की सुबह करीब सवा नौ बजे अपनी दुकान पर पहुंचकर सफाई करने के बाद हिसाब बना रहे थे। तभी बेखौफ बदमाश दुकान से 90 लाख के आभूषण लूटकर भाग निकले। अभी बुधवार की शाम को ही पुलिस कप्तान शिवहरि मीना ने कार्यभार ग्रहण किया था और दूसरे दिन सुबह शहर की श्याम बिहारी गली में लूट की वारदात हो गई। हालांकि उस समय शहर की पुलिस के साथ नवागत पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना प्रदेश के मुख्यमंत्री के प्रतिनिधि के तौर पर हेलीकाप्टर से आए जलशक्ति मंत्री महेंद्र सिंह की आवाभगत में लगे थे।

घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया। पुलिसकर्मी सोनावा से भागकर घटनास्थल पर पहुंचे। जिस दिन नवागत पुलिस अधीक्षक शिवहरि मीना को जिले की कमान मिली थी, उसी रात कोहड़ौर थाना क्षेत्र में बेखौफ बदमाशों ने पट्टी खास के रहने वाले अब्दुल्ला को मकूनपुर के पास गोली मार दी थी। कुछ दूरी पर पेट्रोल पंप पर सेल्समैन विवेक से 30 हजार रुपये लूटकर भाग निकले। पुलिस अभी इन दोनों घटनाओं का खुलासा करने के लिए परेशान थी कि बृहस्पतिवार को बदमाशों ने इतनी बड़ी वारदात कर डाली। 
 

अधिवक्ता के घर डकैती का नहीं हो सका खुलासा

शहर के गायत्री नगर में अधिवक्ता अंजनी सिंह बाबा के घर में कुछ दिनों पहले डकैती पड़ी थी। बदमाश उनकी पत्नी सुनीता को पीट कर जेवरात लूटकर भाग निकले। घटना के पांच दिन बाद भी पुलिस के हाथ बदमाश नहीं लगे। इसके पहले बदमाशों ने कपड़े के शोरूम, चौक घंटाघर के करीब मेडिकल स्टोर समेत अन्य दुकानों से लाखों रुपये की चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। जिसका आज तक खुलासा नहीं हो सका।

श्यामबिहारी गली पहुंचे आईजी ने खुलासे के लिए गठित की टीम 

श्यामबिहारी गली में दिनदहाड़े 90 लाख रुपये लूटने की जानकारी मिलने पर आईजी  केपी सिंह घटना के 10 घंटे बाद बेल्हा पहुंचे। मातहतों से घटना की जानकारी लेकर वह बदमाशों की धरपकड़ के लिए स्वाट टीम, क्राइम ब्रांच, कोतवाली पुलिस के अलावा तेज तर्रार इंस्पेक्टर को घटना का खुलासा करने के लिए जिम्मेदारी सौंपी। रात करीब 8 बजे श्यामबिहारी गली पहुंचकर पीड़ित और व्यापारियों से मुलाकात की। उन्होंने भरोसा दिलाया कि घटना का खुलासा जल्द से जल्द करेंगे। इसके लिए टीम गठित कर दी गई है। 
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Pratapgarh : फिल्मी स्टाइल में घुसे बदमाश और ढाई मिनट में लूट लिए 90 लाख

शारदा सहायक नहर में आई डाल्फिन को ग्रामीणों ने पीटकर मार डाला

बृहस्पतिवार को शारदा सहायक नहर में दिखी डाल्फिन को ग्रामीणों ने पीटकर मार डाला। मामले की जानकारी होने पर वन विभाग में हड़कंप मच गया। सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची। मछली को नहर से बाहर निकालकर उसका पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस ने उसका पंचनामा कर वन विभाग को सौंप दिया। हालांकि वन विभाग द्वारा डाल्फिन होने की पुष्टि नहीं की गई है। 

नवाबगंज थाना क्षेत्र के कोथरिया गांव के पास से गुजरी शारदा सहायक नहर का पानी बुधवार को बंद कर दिया गया था। इसके चलते नहर में पानी कम हो गया था। सुबह ग्रामीणों ने नहर में एक बड़ी मछली घूम रही थी। मछली के आकार को देखकर लोगों में उत्सुकता जगी। खबर फैलने पर लोगों की भीड़ जुटती गई। ग्रामीण उसे डाल्फिन बता रहे थे। साथ ही लोगों के लिए उसे खतरनाक बताया। इस बात का इतना असर हुआ कि लोगों की ने उसे पीट-पीटकर मार डाला। नहर में पानी कम होने के चलते डाल्फिन वहां से जा नहीं सकी।

बाद में इसकी जानकारी वन विभाग को हुई तो रेंजर सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे। सूचना पर पुलिस भी आ गई। पुलिस ने संरक्षित मछली मानते हुए उसका पंचनामा करना शुरू किया तो वन विभाग ने पशु अस्पताल के चिकित्सक को बुलाकर उसका पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम कराने के बाद वन विभाग की टीम उसे दफनाने की तैयारी कर रही थी। वन रेंजर आरके सिंह ने बताया कि मछली की फोटो लखनऊ वेरीफिकेशन के लिए भेजी गई है। सुबह उसके डाल्फिन होने की पुष्टि होने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि पीटकर मारने की बात गलत है। इसके लिए पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। वन विभाग जो तहरीर देगा, उसके हिसाब से कार्रवाई की जाएगी।
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लक्ष्मणपुर के दो वीडीओ से होगी 24 लाख रुपये की रिकवरी

प्रधानों के खाते से अलग होते ही रुपये की बंदरबांट करने वाले वीडीओ पर गाज गिरनी शुरू हो गई है। लक्ष्मणपुर विकास खंड के धनसारी और जेठवारा में शौचालय के रुपये को हजम करने वाले वीडीओ से 23.82 लाख रुपये की रिकवरी की जाएगी। डीपीआरओ ने शौचालय निर्माण में खेल करने वाले 12 कर्मचारियों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी है।

जिले के लक्ष्मणपुर विकास खंड की जेठवारा ग्राम पंचायत में 193 शौचालयों का निर्माण ही नहीं कराया गया है। जबकि बैंक से रुपये निकाल कर प्रधान और सचिव ने बंदरबांट कर लिया है।

डीपीआरओ ने जांच रिपोर्ट मिलते ही ग्राम विकास अधिकारी ध्रुव कुमार जायसवाल से 11.58 लाख रुपये की रिकवरी का आदेेेश जारी किया है। उधर, लक्ष्मणपुर विकास खंड की धनसारी ग्राम पंचायत में 204 शौचालयों का निर्माण नहीं किया गया है और खाते से रुपये निकल गए हैं। इस गांव में तैनात वीडीओ अमित विक्रम सिंह से 12.24 लाख रुपये रिकवरी का पत्र जारी किया गया है।

दोनों ग्राम पंचायतों के निवर्तमान प्रधान भी बराबर के दोषी हैं, इसलिए दोनों प्रधानों से भी रकम की वसूली की जाएगी। विभागीय अधिकारी मुकदमा दर्ज कराने की भी तैयारी कर रहे हैं।

इधर, जिलेभर में शौचालयों की जांच में अनियमितता मिलने पर डीपीआरओ ने लक्ष्मणपुर के प्रभारी एडीओ पंचायत देवराज पांडेय, आशापाल, अमित विक्रम सिंह, ध्रुव कुमार जायसवाल, लालगंज ब्लाक के राजेश कुमार तिवारी, कौशलेंद्र कुमार, रामपुर संग्रामगढ़ के अरुण कुमार सरोज, सुशील कुमार जायसवाल गौरा ब्लाक के सुभाष पटेल, शीला देवी, अजय कुमार और रामदुलारे पटेल को प्रतिकूल प्रविष्टि देते हुए वेतन वृद्धि पर रोक लगा दी है।
शौचालय में घपला करने वाले किसी भी कर्मचारी को नहीं बख्शा जाएगा। अभी लगभग एक दर्जन ग्राम पंचायतों के मामले लंबित हैं। उनकी गहनता से जांच कराई जा रही है, जो लोग दोषी मिलेंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
रविशंकर द्विवेदी, डीपीआरओ
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