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कोरोना से तीन लोगों की मौत, 160 नए मरीज मिले

Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 12 May 2021 11:52 PM IST
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प्रतापगढ़। कोरोना का कहर जारी है। बुधवार को 24 घंटे के अंदर जिले में शहर के एक बुजुर्ग समेत तीन लोगों की संक्रमण की चपेट में आने से मौत हो गई। उधर, 160 नए मरीज सामने आए हैं। जिले में अब कोरोना संक्रमितों की संख्या बढ़कर 14522 हो गई। अब तक 160 लोगों की मौत हो चुकी है।
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शहर के आवास विकास कालोनी के रहने वाले एक बुजुर्ग तीन दिन पहले बीमार हो गए थे। परिजनों ने उन्हें प्रयागराज के एक अस्पताल में भर्ती कराया था। यहां जांच के दौरान वह कोरोना संक्रमित मिले। इलाज के दौरान मंगलवार देर रात उनकी मौत हो गई। वहीं बाघराय की एक महिला और कुंडा में कोरोना संक्रमित ग्रामीण ने दम तोड़ दिया। उधर, शहर में एक महिला समेत 14 लोगों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। सुखपालनगर में सात, मानधाता में 11, लालगंज में चार, पट्टी में आठ, अमरगढ़ में चार, बाघराय व सांगीपुर में नौ-नौ लोग कोरोना संक्रमित मिले हैं।

घंटों इंतजार के बाद भी नहीं मिला वाहन, ई-रिक्शा पर लादकर ले गए शव
प्रतापगढ़। कोरोना महामारी के दौर में जिले में चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह से ध्वस्त हो गई है। हालत इस कदर खराब हो गए हैं कि मेडिकल कॉलेज के अस्पताल में मरीजों की मौत के बाद उनका शव ले जाने के लिए वाहन भी नहीं मिल रहा है। बुधवार को अस्पताल में कंधई इलाके की एक महिला की मौत होने के बाद परिजन घंटों परेशान रहे, लेकिन उन्हें शव नहीं मिला। इस पर मजबूरी में वह ई-रिक्शा पर शव लादकर ले गए।
कंधई थाना क्षेत्र के सराय नानकार गांव निवासी राजाराम की भाभी की तबीयत बुधवार को अचानक खराब हो गई। उन्हें सांस लेने में दिक्कत हो रही थी। ऑक्सीजन लेवल घट रहा था। सुबह करीब 11 बजे परिवार के लोग महिला को लेकर मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस पर परिजनों ने शव वाहन के नंबर पर फोन किया। चालक ने तीन घंटे बाद वाहन उपलब्ध होने की बात कही। परिवार के लोग काफी देर तक शव वाहन का इंतजार करते रहे। वाहन नहीं मिलने पर ई-रिक्शा पर शव लादकर घर ले गए। जबकि जिला अस्पताल में दो शव वाहन हैं।
वहीं सीएमओ को भी दो शव वाहन मिले थे। चर्चा है कि सीएमओ को मिले शव वाहन उनके बंगले पर रखे गए हैं। सीएमएस डॉक्टर पीपी पांडेय ने बताया कि अस्पताल में दो शव वाहन हैं। दो ही चालक हैं। ऐसे में एक गाड़ी रात में और एक दिन में चलती है। अस्पताल में लगातार मौतें हो रही हैं। हो सकता है कि मृतक के परिजनों की मांग पर तत्काल शव वाहन उपलब्ध न हो पाया हो। मामले की जांच कराई जाएगी।

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