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सगे भाइयों समेत छह और ने तोड़ा दम , 75 लोग कोरोना संक्रमित मिले

Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Mon, 10 May 2021 12:55 AM IST
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प्रतापगढ़। कोरोना संक्रमितों की संख्या में भले ही लगातार दो दिनों से कमी आ रही है, लेकिन मौतों के आंकड़े डरा रहे हैं। रविवार को चौबीस घंटे के भीतर जिले में कोरोना संक्रमण की चपेट में आने से सगे भाइयों समेत छह और लोगों की मौत हो गई। हालांकि मरीजों की संख्या में कमी दर्ज की गई। रविवार को सिर्फ 75 लोग कोरोना संक्रमित पाए गए।जिले में अब संक्रमितों की संख्या बढ़कर 13755 हो गई है। इनमें से 155 की मौत हो चुकी है, जबकि 13950 लोगों को स्वस्थ घोषित किया जा चुका है।
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सांगीपुर इलाके के नौगीर गांव निवासी सगे भाइयों की हालत चार दिन पहले बिगड़ गई। जांच के बाद दोनों कोरोना संक्रमित पाए गए। एक साथ दोनों होम आइसोलेट हो गए। दो दिन पहले तबीयत ज्यादा खराब होने पर उन्हें अमेठी जिले के कोविड अस्पताल में भर्ती कराया गया। रविवार को दो घंटे के अंतराल पर दोनों की मौत हो गई। उधर, शहर के शुकुलपुर की रहने वाली दो महिलाएं और एक पुरुष में कोरोना की पुष्टि हुई थी। 24 घंटे के अंतरल में तीनों ने दम तोड़ दिया। तीनों होम आइसोलेशन में रखे गए थे। इसी तरह शनिदेव स्थित कुशफरा का एक अधेड़ संक्रमण की पुष्टि होने के बाद लखनऊ में भर्ती था। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। लखनऊ जिला प्रशासन ने वहीं कोविड गाइड लाइन के मुताबिक उसका अंतिम संस्कार करा दिया। इधर, आसपुर देवसरा विकास खंड में तैनात दो कर्मचारियों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। कुंडा में सात व रानीगंज में तहसील के एक अधिवक्ता समेत चार लोगों की रिपोर्ट पाजिटिव आई है। शहर के अलग-अलग मोहल्ले के 17 लोगों में संक्रमण की पुष्टि हुई है। पट्टी में तीन लोग संक्रमित मिले हैं।

एलटू में भर्ती महिला की मौत की चर्चा
जिला महिला अस्पताल के एलटू में भर्ती कोरोना संक्रमित महिला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। हालांकि स्वास्थ्य विभाग इसकी पुष्टी नहीं कर रहा है। जबकि अस्पताल के सूत्र बताते हैं कि महिला पूरी तरह से स्वस्थ्य हो गई थी। अचानक उसका ऑक्सीजन लेवल कम हो गया। इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
कागज पर संचालित हो रहे दो कोविड अस्पताल
कोरोना संक्रमित मरीजों को भर्ती कर इलाज करने के लिए कालाकांकर और रानीगंज ट्रामासेंटर को एलवन अस्पताल बनाया गया है। यहां कर्मचारियों की तैनाती भी कर दी गई है। रानीगंज सीएचसी के सभी कर्मचारियों की ड्यूटी भी सीएमओ ने लगा दी है, मगर यहां एक भी मरीज को भर्ती नहीं किया गया है। यही हाल कालाकांकर में बने 50 बेड के एल वन अस्पताल का है। यहां पर भी एक भी संक्रमित मरीज नहीं रखा गया है। ज्यादातर मरीजों को होम आइसोलेशन में रखा जा रहा है। हालत बिगड़ने पर एलटू में भर्ती कराया जा रहा है।

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