पीठासीन अधिकारी ने दरी पर बैठकर किया काम

Pratapgarh Updated Thu, 08 May 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। लोकसभा चुुुनाव के मतदान के लिए कार्मिकों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा। भोजन, चाय, पानी के लिए वह रात से ही परेशान रहे। अव्यवस्थाओं का आलम यह रहा कि वीएन मेहता में पीठासीन अधिकारी ने दरी पर बैठकर मतदान कराया।
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जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मतदान में जाने वाले मतदान कार्मिकों को अच्छी व्यवस्था देने का वादा किया था। उन्होंने विद्यालयों में रसोइयों को भोजन बनाने, बिजली, पानी की व्यवस्था करने के साथ ही उनके सोने के लिए तमाम साधन उपलब्ध कराने का दावा किया था। इसके अलावा उन्होंने मतदान के समय जाने वाले मतदान कर्मियों की जगह पर दूसरे कर्मी लगाए जाने की बात कही थी। इसके लिए उन्होंने संबंधित बूथों के बीएलओ को जिम्मेदारी दी थी। बावजूद इसके शहर में यह सारी व्यवस्थाएं नदारद रहीं। बीएसए आफिस के पास प्राथमिक विद्यालय पांडेय का पुरवा में मतदान कार्मिकों को रात में फर्श पर सोना पड़ा। दिन में भोजन के समय कार्मिक अपनी-अपनी सीटों पर ही भोजन करने के साथ ही मतदान कराते रहे। जिला पंचायत में बने बूथ पर न तो किसी को सोने की व्यवस्था मिली और न ही भोजन मिला। अल्टरनेट व्यवस्था न होने से वह बूथ छोड़कर नहीं जा सके। प्राथमिक विद्यालय मेहता में कार्मिकों को न तो भोजन मिला और न ही बिजली। कुर्सी, मेज न होने से पीठासीन अधिकारी विनोद कुमार शुक्ल दरी पर बैठकर काम कर रहे थे। यही हाल अबुल कलाम आजाद इंटर कालेज में रहा। तहसील के साथ ही प्राथमिक विद्यालय पुराना माल गोदाम में भी भोजन, पानी की अव्यवस्था रही। सदर बाजार में पशु अस्पताल में बने बूथ के लिए आए मतदान कार्मिकों को बदबूदार कमरा सोने के लिए मिला। तिलक कालेज में तो बिजली होने के बाद भी खराब पंखे मतदान कार्मिकों को मुंह चिढ़ाते रहे। इस बारे में बीएलओ से बात की गई तो उनका कहना था कि यह विद्यालय की जिम्मेदारी है।
बूथों पर प्रशासन ने रिकार्डिंग और फोटोग्राफी की व्यवस्था की थी। इसके लिए कैमरा भी दिया गया था। बावजूद यह कैमरे खराब हो गए। इसके बाद इसकी शिकायत होती रही, लेकिन इसे बदला नहीं गया। अबुल कलाम आजाद इंटर कालेज में चार बूथ बने थे। यहां के कैमरे ने सुबह से ही काम करना बंद कर दिया। तहसीलदार को इसकी जानकारी भी दी गई लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।
कई बूथों पर कंट्रोल युनिट और बैलेट युनिट बदल गई। इससे सुबह इसे कनेक्ट करने पर यह रिजेक्ट बताने लगी। प्राथमिक विद्यालय मेहता में कंट्रोल युनिट और बैलेट युनिट बदल गई थी। सुबह साढ़े पांच बजे कर्मियों ने इसे कनेक्ट करके चेक करना शुरू किया तो यह मशीन रिजेक्ट बताने लगी। इस पर सेक्टर मजिस्ट्रेट को सूचना दी गई। आनन-फानन में यहां दूसरी मशीन लगाई गई। उधर, जिला पंचायत के 66 नंबर बूथ पर लगी मशीन में बीप की आवाज धीमी आ रही थी। बाद में आवाज आनी ही बंद हो गई। इसे सेक्टर मजिस्ट्रेट ने चेक किया। बाद में बिना बीप की आवाज के ही मतदान शुरू कराया गया। उधर, विश्वनाथगंज विधानसभा के बूथ नंबर 223 पर लगी ईवीएम से बीप की आवाज नहीं आ रही थी।
शहर में काफी ऐसे लोग थे जिनके नाम मृतकों की सूची में डाल दिए गए थे। ऐसे में उनकी पर्ची बनने में दिक्कत हुई। अगर, वह पर्ची किसी तरह से बनवा भी ले रहे थे तो उन्हें मतदान करने में दिक्कत हुई। तहसील में बूथ संख्या 38 पर ऐसा ही एक मामला आया। पहले तो उसे मतदान करने से मना किया गया। बाद में कुछ लोगों ने दबाव बनाया तो उसे फार्म भरवाकर मतदान कराया गया। उधर, प्राथमिक विद्यालय पुराना मालगोदाम पर मुख्तार नाम के परिवार के सारे नाम मृतकों की सूची में डाल दिए गए थे। बीएलओ उनकी पर्ची बनाने से ही मना कर रहा था। बाद में लोगों के दबाव पर उसने पर्ची बनाई।
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