अफरातफरी के बीच पोलिंग पार्टियां रवाना

Pratapgarh Updated Wed, 07 May 2014 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। कटरा मेदनीगंज स्थित एटीएल मैदान से अव्यवस्था व अफरातफरी के बीच मंगलवार को पोलिंग पार्टियां रवाना हुईं। एटीएल मैदान तक पहुंचने में कर्मचारियों को काफी दिक्कत हुई। देर शाम तक पोलिंग पार्टियों को भेजने का क्रम जारी रहा।
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एटीएल मैदान में विधानसभावार अलग-अलग ईवीएम वितरण के लिए कैम्प बनाया गया था। कैम्प छोटा होने के कारण कर्मियों के बीच खूब धक्कामुक्की हुई। मैदान में एक भी जगह कनात नहीं लगाया गया जहां पर सामान लेने के बाद कर्मचारी बैठकर सामानों का मिलान कर सकें। सामान लेने के बाद तमाम कर्मियों को न पहुंचने वाले साथी कर्मी का इंतजार धूप में बैठ कर करना पड़ा। पानी के लिए जलनिगम के अफसरों ने वहां 17 नया हैंडपंप लगाए थे। दो-तीन को छोड़ बाकी सभी हैंडपंप गंदा पानी दे रहे थे। ऐसे में कर्मचारियों को पानी के लिए भी दिक्कत हुई। टैंकर व तीन चार जगह बिछाई गई पाइप लाइन के पानी से लोगों ने प्यास बुझाई। बदइंतजामी का आलम यह रहा कि ईवीएम की पेटी पर चस्पा पर्ची व मशीन पर लिखे नंबर में अंतर था। एक बैलेट यूनिट पर चस्पा पर्ची का रजिस्टर नम्बर 754 और मशीन पर नम्बर 954 लिखा गया था। नम्बर में हुई गड़बड़ी से तमाम कर्मचारियों को असुविधा हुई। एटीएल तक जाने के लिए वाहन चालकों ने डेढ़ गुना ज्यादा किराया वसूला। अधिकारियों का सख्त निर्देश होने के बाद भी तमाम कर्मचारी समय से नहीं पहुंचे। बार-बार नाम पुकारा जाता रहा। स्थिति बेकाबू होते देख खुद डीएम हर कैम्प में पहुंच कर माहौल को संभालने लगे। रानीगंज विधानसभा के कैम्प में लोगों को लाइन से खड़ा कराया और समस्याएं पूछकर उनका निस्तारण किया।
बड़ी मशक्कत के बाद मशीन पाते ही साथ लगे कर्मचारी को पाने के बाद पीठासी अधिकारी बसों में सवार होने लगे। सीट पाने के फेर में बस पर पहले चढ़ने के लिए भी कर्मचारियों में होड़ लगी रही।
सीडीओ और डीएम एक गाड़ी में नम्बर वार सूची का मिलान कर रहे थे। इसी बीच वहां चुनाव ड्यूटी कटवाने वालों की भीड़ जमा हो गई। कुछ की ड्यूटी अधिकारियों ने आसानी से काट दी। जिन्हें झिड़क कर दिया वे जुगाड़ लगवाने लगे। एआरओ के पास कुछ लोग दर्जनों की ताबाद में ड्यूटी कटने का प्रमाण पत्र बनवाते रहे। रानीगंज विधानसभा कैंप में यह स्थिति ज्यादा दिखी।
कैंप में जगह तो थी नहीं। लिहाजा जिसे जहां जगह मिली बैठ गया। कोई सहयोगी कर्मी का इंतजार करता रहा तो कई मशीन लेने के बाद वहीं पर्ची का मिलान करता रहा। कइयों को दी गई पालीथीन में पर्चियां व अमिट स्याही नहीं थी। उनकी शिकायत कोई सुनने वाला नहीं था। सबसे ज्यादा खराब स्थिति महिलाओं की रही। वह छोटे-छोटे बच्चों के साथ ईवीएम लेकर भटकती रहीं।
मतदान ड्यूटी पत्र में सैकड़ों कर्मचारियों ने गलत नम्बर दे दिया था। एटीएल पहुंचे तमाम कर्मी मशीन व पर्ची आदि प्राप्त कर उनसे संपर्क का प्रयास करते रहे। पत्र में लिखे गए नंबर पर कोई दूसरा फोन उठाता रहा। ऐसे कर्मचारियों का नाम बार-बार पुकारने के बाद भी वे दूसरे पहर 3 बजे तक वहां नहीं पहुंचे।
प्रशासन, चुनावी ड्यूटी के लिए इमरजेंसी में कुछ कर्मचारियों को सुरक्षित रखा था। उन्हें भी एटीएल में अफसरों ने बुलाया था। ज्यादातर सुरक्षित कर्मचारी वहां से नदारत रहे। ऐसे में एआरओ व ड्यूटी कटवाने वालों को ज्यादा परेशानी हुई।
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