प्रचारिका का प्रवचन सुनकर आए मनगढ़ तो नहीं लौटे

Pratapgarh Updated Tue, 26 Nov 2013 05:40 AM IST
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कुंडा। जगद्गुरु कृपालु जी महाराज तो ऐसे हैं जो मन में प्रश्न आते ही समाधान बता देते थे। प्रचारिका नागेश्वरीजी के प्रवचन सुनकर वर्ष 2005 में भक्तिधाम पहुंचे मुजफ्फरनगर के सुधाकरजी जगद्गुरु कृपालुजी के अनन्य भक्तों में हैं। कहते हैं कि वर्ष 2007 में जगद्गुरु से मिला तो उन्होंने सीने से लगा लिया। महाराज जी किसी भी समस्या का समाधान पहले बता देते थे। आज भी मनगढ़ में उनके होने का अहसास होता है। ऐसा लगता है कि महाराज जी आवास में हैं। एक बार किसी भक्त ने किसी के मिलने की बात पूछी तो सहज भाव से बोले मैं तो हमेशा यहीं हूं सबसे मिलता हूं तो उससे क्यों नहीं मिलूंगा। इतने सहज, कृपालु हैं कि वह रास्ते में पड़े व्यक्ति को उठाकर माला पहना देते और भक्तिधाम उठा लाते। गौशाला में पहुंचते तो काम करने वाले बच्चों तक को गुदगुदी करते तथा प्यार से उठा लेते। उनकी लीलाएं ऐसी कि जो कभी आजीवन नहीं भूलेंगी।
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