अनुशासनहीन वकीलों पर लगाएं लगाम: रवींद्र सिंह

Pratapgarh Updated Fri, 22 Nov 2013 05:40 AM IST
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इलाहाबाद उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह ने कहा कि ईश्वर के विश्वास पर जज खरे उतरें। उसने, विश्वास कर हमें जज बनाया है तो उसका विश्वास नहीं तोड़ना चाहिए। ऐसा करने पर ईश्वर की नाराजगी झेलनी पड़ सकती है। उन्होंने कहा कि आईक्यू के मामले में प्रतापगढ़ के वकील सबसे तेज हैं लेकिन इसका इस्तेमाल सही ढंग से होना चाहिए। अनुशासनहीन वकीलों पर लगाम लगाई जाए। उन्होंने सलाह दी कि जूनियर बार की अध्यक्षता कोई जूनियर ही करे न कि पुरातन।
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उन्होंने कहा कि वकील का प्रोफेशन दुनिया में मजबूत है, इसलिए इसका सही उपयोग करें। वकील और जज एक सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों को एक साथ होना चाहिए। अगर साथ-साथ नहीं रहेेंगे तो वह खोटा माना जाएगा। ऐसे में जो वकील अनुशासन तोड़कर काम कर रहे हैं, उन्हें रोकना चाहिए। प्रदेश के महाधिवक्ता विनय चंद्र मिश्र ने कहा कि बार और बेंच का संबंध पति-पत्नी सरीखा होता है। जज न्याय देते हैं वकील दिलाते हैं। इसमें एक दूसरे को सम्मान देना चाहिए। जिला जज दिलीप सिंह यादव ने कहा कि पीड़ित को न्याय दिलाने में सहयोग प्रदान करें। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति रवींद्र सिंह ने नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। संचालन कृष्णकांत ओझा ने किया। जूनियर बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राजदत्त मिश्र ने सभी का स्वागत किया।
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