एस्मा के बावजूद नहीं झुके हड़ताली

Pratapgarh Updated Thu, 21 Nov 2013 05:40 AM IST
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प्रतापगढ़। आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून (एस्मा) लागू होने के बावजूद हड़ताल में जुटे राज्य कर्मियों ने बुधवार को महारैली निकाल सरकार को चेतावनी दी। रैली में शामिल कई विभागों व संगठनों के कर्मियों ने मांग पूरी होने तक न झुकने का संकल्प लिया। भ्रमण कर कार्यालयों को बंद कराते हुए कर्मियों ने ट्रेजरी चौराहे पर सभा की। सभा में सरकार के उपेक्षात्मक रवैये पर रोष व एकता पर जोर दिया गया।
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राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के मंडल अध्यक्ष रामसमुझ त्रिपाठी व बीपी सिंह की अगुवाई में महारैली सिंचाई विभाग परिसर से शुरू हुई। उधर विकास भवन परिसर से राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के बैनरतले महारैली निकाली गई। उसकी अगुवाई परिषद के जिलाध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय ने की जबकि संचालन जिला मंत्री मिथलेश कुमार सिंह ने किया। महारैली आईटीआई होते हुए कृषि भवन से पीडब्लूडी, अम्बेडकर चौराहा, राजापाल चौराहा, जिला अस्पताल रोड से ट्रेजरी चौराहा पहुंची। ट्रेजरी चौराहे पर कर्मचारियों ने विशाल सभा की। सभा में कर्मचारी नेताओं ने सरकार पर हमला बोला। बीच-बीच में सरकार के खिलाफ लगाए जा रहे नारे से शहर गूंजता रहा। मांग पूरी होने तक तक हड़ताल जारी रखने का ऐलान किया। कहा कि सरकार को कर्मचारी अपनी एकजुटता और ताकत का अहसास इस लड़ाई से करा देंगे। महारैली में आंगनबाड़ी, आशा बहुएं, सुपरवाइजर व सफाई कर्मी संघ, ग्राम पंचायत अधिकारी संघ, ग्राम विकास अधिकारी संघ, डिप्लोमा इंजीनियर महासंघ, पंचायत सफाई कर्मचारी संगठन, डीआरडीए इम्प्लाइज यूनियन के साथ रोडवेज, डीआईओएस कार्यालय, जीआईसी, जिला अस्पताल, जीजीआईसी, आबकारी, तहसील सदर, बिक्री कर विभाग, मत्स्य विभाग, चकबंदी, विद्युत विभाग, जिलापूर्ति कार्यालय, सहकारी लेखा संगठन आदि विभाग के कर्मचारी व संगठन शामिल हुए। महारैली कलक्ट्रेट होते हुए आरम्भ स्थल पर पहुंच कर समाप्त हुई। राज्य कर्मचारी अधिकार मंच के मंडल मंत्री वकील अहमद, डॉ. धर्मराज सिंह, रणजीत सिंह, श्रीराम मिश्र, उमाशंकर दूबे, कौशल कुमार पांडेय, सुनील कुमार शुक्ल, जगन्नाथ, राघवेन्द्र शुक्ल, रोहिणी तिवारी, डॉ. हीरालाल पुष्कर, श्यामबरन पाल, सीमा सिन्हा, छोटेलाल, विरेन्द्र शर्मा, रेनू भारती, करुणा सिंह, बच्चूलाल, संतोष वर्मा, शमीम, शिवम, पूजन, सीपी दूबे आदि रहे। संयुक्त परिषद की रैली में राकेश सरोज, सुषमा कुरील, आशा सिंह, सुमन मिश्र, शिवपूजन मिश्र, राधेमोहन मिश्र, रमाशंकर तिवारी, मुकेश कुमार, श्रीनारायण मिश्र, संजय यादव, सुनील श्रीवास्तव, भानु सिंह, ओपी सिंह, रानाजी, दिवाकर सिंह, दिवाकर शुक्ल, रामसजीवन मिश्र, पारसनाथ उपाध्याय, अयोध्या यादव, अनिल सहित कर्मचारी रहे।
ट्रेजरी चौराहे पर राज्यकर्मचारियों की सभा से करीब आधे घंटे जाम रहा। अति व्यस्त उस चौराहे पर विकास भवन, अस्पताल व कचहरी रोड पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। वहां कर्मचारी नेता सरकार को कोसते रहे और जाम में फंसे यात्री उन पर खीझते दिखे। बाइक सवार तो किसी तरह पार हो गए पर सबसे ज्यादा परेशानी चार व तिपहिया वाहनों में बैठे यात्रियों को हुई। महारैली कलक्ट्रेट में प्रवेश की तो जाम छूटा और फंसे यात्रियों ने राहत की सांस ली।
कलक्ट्रेट मिनिस्ट्रियल संघ के अध्यक्ष केपी तिवारी व राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के अध्यक्ष मनोकानिका उपाध्याय के बीच जमकर झड़प हुई। मनोकानिका कहना था कि वह प्रदेश नेतृत्व के आह्वान पर भी काम बंद नहीं करा रहे। इसी बात को लेकर दोनों नेताओं में काफी देर तक तल्ख बहस हुई। परिषद अध्यक्ष ने उनसे कहा कि वह हड़ताल में ऐसे ही असहयोग करते रहे तो उनकी लड़ाई में कोई संघ साथ कैसे देगा। हालांकि कलक्ट्रेट से महारैली आगे बढ़ी और वह भी बहस बंद कर चल पड़े।
वित्तविहीन माध्यमिक शिक्षकों का 21 नवंबर को लखनऊ स्थित विधानसभा के सामने प्रस्तावित धरना-प्रदर्शन स्थगित कर दिया है। यह जानकारी जिला महामंत्री शिवाकांत द्विवेदी ने दी है।
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