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हजारों खर्च के बाद भी जमीन पर बैठते बच्चे

Pratapgarh Updated Wed, 13 Feb 2013 05:30 AM IST
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बीरापुर। शिवगढ़ ब्लाक के विद्यालयों में बच्चों को फटी टाट-पट्टी पर बैठना पड़ रहा है। बच्चों के कपड़े भले ही गंदे हो जाएं लेकिन नई टाट-पट्टी नहीं फटनी चाहिए, ऐसा कहना है प्रधानाध्यापकों का। अमर उजाला ने कई विद्यालयों में यह नजारा देखा।
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पूर्व माध्यमिक विद्यालय शिवगढ़ विंदागंज में 240 बच्चे नामांकित हैं। यहां महज 95 बच्चे मौके पर थे, जबकि प्रधानाध्यापक ने 139 की उपस्थिति बताई। फटी चटाई पर बच्चे बैठे हुए थे। चटाई क्या थी, उसमें दर्जनों बड़े-बड़े छेद थे। शिक्षक मो. शरीफ ने बताया कि नई चटाई आफिस में रखी है बच्चों को दी जाएगी तो फाड़ देंगे। प्राथमिक विद्यालय सचौली का भी यही हाल रहा। प्रधानाध्यापक राजेंद्र बहादुर यादव ने बताया कि चटाई खरीदी है, फटेगी तो देंगे। जबकि बच्चे फटी पुरानी चटाई पर बैठे नजर आए। पूर्व माध्यमिक विद्यालय केवराकला में 66 बच्चे पंजीकृत हैं लेकिन मौके पर महज 12 बच्चे ही मौजूद रहे। चटाई के स्थान पर उन्हें पीली पन्नी पर बैठाया गया था जो जगह-जगह से फटी हुई थी। प्रधानाध्यापक सदानंद सिंह ने बताया कि चटाई धनाभाव के कारण नहीं खरीदी गई। पूर्व माध्यमिक विद्यालय नाहरपुर में बच्चे ही नहीं थे। यहां 18 बच्चे पंजीकृत हैं। मौके पर एक भी मौजूद नहीं मिला। प्रधानाध्यापक पारसनाथ पाल ने बताया कि विद्यालय में चटाई नहीं है। प्राथमिक विद्यालय भोजेमऊ में भी बच्चे फटी पुरानी टाटपट्टी पर बैठे नजर आए। यहां 153 पंजीकृत बच्चों में 50 मौके पर मिले। इंचार्ज सुरेश ने बताया कि चटाई की खरीद की जा रही है। पूर्व माध्यमिक विद्यालय दरियापुरकोट में भी फटी चटाई ही देखने को मिली। प्रधानाध्यापक शमीम अहमद ने बताया कि अनुदान ही नहीं आया। 100 बच्चों में मौके पर 35 ही मौजूद रहे। प्राथमिक विद्यालय बुढ़ौरा में बच्चे आंगनबाड़ी की चटाई पर बैठते हैं। प्राथमिक विद्यालय रामदेव पट्टी का भी यही हाल रहा। आंगनबाड़ी की टाटपट्टी पर बच्चे बैठे नजर आए। प्रधानाध्यापक जनार्दन प्रसाद तिवारी ने बताया कि धन आ रहा है खरीद की जाएगी। प्राथमिक विद्यालय शिवगढ़ में मध्याह्न का समय था। बच्चे खेल रहे थे और फटी टाट-पट्टी बिछी थी। प्रधानाध्यापक मजीद हुसैन नहीं मिले। प्राथमिक विद्यालय बीरापुर द्वितीय शिक्षामित्र के सहारे चल रहा था। चटाई न होने के कारण कुछ बच्चे जमीन पर बैठे नजर आए तो कुछ ने फटी चटाइयों का उपयोग कर लिया था। शिक्षामित्र ने बताया कि निलंबित प्रधानाध्यापक के कारण चटाई नहीं मिल रही है।

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