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बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाड़ा का पर्दाफाश

Pratapgarh Updated Sun, 10 Feb 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। बेसिक शिक्षा विभाग में एक और फर्जीवाडे़ का खुलासा हुआ है। वर्षों से विभाग की तिजोरी पर डाका डाल रहे पेंशनर अब खोजे नहीं मिल रहे हैं। तीन माह की छानबीन के बाद भी विभाग जिले के 355 पेंशनरों को खोजने में विफल रहा है। कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रहे इस खेल में अधिकारी मामले की जांचकर दोषियों को दंडित करने के बजाय चुप्पी साधे हुए हैं।
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बीएसए कार्यालय इन दिनों फर्जी पेंशनर को लेकर मंडलीय अधिकारियों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। विभाग के सेवानिवृत्त होने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों को अभी तक विभाग से पेंशन जारी की जाती थी। शासन के निर्देश पर दिसंबर से पेंशन आनलाइन कर ट्रेजरी से सीधे बैंक खाते में भेजी जा रही है। पेंशन आनलाइन करने के लिए कोषागार कार्यालय ने 3498 पेंशनरों को व्यक्तिगत रूप से बुलाकर नए सिरे से अभिलेख और फोटो जमा कराया। सितंबर, अक्तूबर और नवंबर में चले अभियान में 3143 पेंशनर अपनी उपस्थिति दर्ज करा आनलाइन पेंशन के हकदार बने। मगर 355 पेंशनर आज तक विभाग को खोजे नहीं मिले। खंड शिक्षा अधिकारियों के माध्यम से ऐसे पेंशनरों को गांव-गांव खोजा गया मगर उनका पता नहीं चला। विभाग में इन पेंशनरों का कोई लेखा-जोखा भी नहीं है। इतनी गहनता से जांच होने के बाद विभाग ने भी इन पेंशनरों को फर्जी मान लिया है। मगर आधिकारिक तौर पर कोई मुंह खोलने को तैयार नहीं है।

बीती 11 जनवरी को मंडलीय समीक्षा में अधिकारियों के संज्ञान में मामला आया तो उन्होंने सच्चाई की जानकारी करने के लिए फर्जी पेंशनरों को ट्रेस करने का निर्देश दिया है। मंडलायुक्त देवेश चतुर्वेदी ने सहायक निदेशक बेसिक शिक्षा को जांच के आदेश देते हुए कहा है कि विभाग से जारी इस पेंशन को अभी तक कौन लोग ले रहे थे उनका भी ब्योरा जुटाएं। बीएसए एसटी हुसैन के मोबाइल की घंटी बजती रही मगर फोन नहीं उठा।
लेखा विभाग में लंबे समय से तैनात कर्मचारी फर्जीवाड़ा करने में माहिर हैं। बीते वर्ष कर्मचारियों के इशारे पर शिक्षक आयकर से बचने के लिए फर्जी कैंसर रोगी बन गए थे। बाद में खुलासा होने पर शिक्षकों से आयकर के रूप में तीस लाख रुपये वसूले गए थे।
फर्जी पेंशनर की खोजबीन अगर विभागीय अधिकारियों ने गहराई से कराई तो इसमें संलिप्त रैकेट का खुलासा हो सकता है। फर्जी लोगों को पेंशन कब से जारी की जा रही थी, इसमें कितने लोग शामिल हैं इस बात का खुलासा जांच में ही हो सकता है। फिलहाल अभी अधिकारी कर्मचारियों का बचाव कर रहे हैं।

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