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कचहरी परिसर में पसरा रहा सन्नाटा

Pratapgarh Updated Sat, 09 Feb 2013 05:30 AM IST
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प्रतापगढ़। सात दिन से कचहरी के गेट पर ताला लगा देख फरियादी निराश हो लौट रहे हैं। शुक्रवार को आने वाले फरियादियों को मायूस होना पड़ा। कचहरी परिसर में पसरा सन्नाटा क ब टूटेगा इसकी जानकारी के लिए वादकारी परेशान दिखे। गुरुवार को मुख्यमंत्री से मिले आश्वासन के बाद भी शुक्रवार को वकीलों का आंदोलन जारी रहा। फिलहाल आंदोलन समाप्त होने के आसार नहीं दिख रहे हैं। जूबाए के अध्यक्ष आद्याप्रसाद सिंह ने कहा है कि सोमवार को उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश से मुलाकात के बाद ही हड़ताल के मुद्दे पर कोई फैसला होगा।
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लालगंज में दीवानी कोर्ट की स्थापना के विरोध में शुक्रवार को कचहरी परिसर में सन्नाटा पसरा रहा। शुक्रवार को कचहरी संयुक्त बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों की गिरफ्त में रही। सभी प्रवेश द्वारों पर ताला लगा होने के कारण कोई भी अधिकारी और कर्मचारी अंदर प्रवेश नहीं कर सका। दोपहर दो बजे कचहरी का ताला खुलने पर कर्मचारियों ने कार्यालय में बैठकर औपचारिकता निभाई। कचहरी के अंदर अधिवक्ता बैठक कर आन्दोलन की रणनीति बनाते रहे वहीं दूर-दूर से आने वाले फरियादी प्रवेश द्वार पर बैठकर गेट खुलने का इंतजार करते रहे। गुरुवार को मुख्यमंत्री अखिलेश सिंह यादव से मिलकर लौटे वकील परिषद के पूर्व अध्यक्ष आचार्य ओम प्रकाश मिश्र ने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं की मांगें पूरी करने का आश्वासन तो दिया मगर वादा नहीं किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की बातों को इसलिए भी अधिवक्ता तवज्जो नहीं दे रहे हैं कि इससे पहले भी उनका प्रतिनिधि मंडल मुख्यमंत्री से मिला था और अभी तक कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इधर जूनियर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष आद्या प्रसाद सिंह ने कहा है कि अधिवक्ताओं का आंदोलन अभी समाप्त नहीं होगा। सोमवार को अधिवक्ताओं का प्रतिनिधि मंडल इलाहाबाद पहुंचकर उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश और बार कौंसिल के सदस्यों से मुलाकात कर अपना पक्ष रखेगा। उन्होंने कहा कि जब तक आउट लाइन कोर्ट मुख्यालय वापस लाने के लिए पूरी तरह आश्वस्त नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा। शुक्रवार को आंदोलन में संतोष सिंह, विवेक शुक्ल, विपिन चंद्र मिश्र, कृपाशंकर मिश्र, चंद्रभवन मिश्र, प्रवेश सिंह, ओम प्रकाश गिरि, अवधेश कुमार ओझा, रामप्रसाद यादव, रामसिंह, रणंजय सिंह, पवन कुमार सिंह, हरिशंकर मिश्र आदि मौजूद रहे।

अधिवक्ताओंके आन्दोलन से ट्रेजरी का कार्य प्रभावित है। विभागों का वेतन बिल फीड नहीं होने से अधिकांश कर्मचारियों को जनवरी के वेतन के लिए भटकना पड़ा। शुक्रवार को दो बजे के पहले ही विभिन्न के कर्मचारी वेतन का बिल लेकर गेट पर जमे रहे।
तहसील बार एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्रेश कुमार पांडेय ने कहा कि जूबाए के समर्थन में तहसील में भी हड़ताल जारी है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं की मांग पूरी होने तक न्यायिक कार्य का बहिष्कार किया जाएगा। इस मौके पर विनोद कुमार मिश्र, रमाशंकर ओझा, छंगूराम वर्मा, राजकुमार सिंह, राहुल सिंह, मुश्ताक अहमद, सूर्यनारायण पांडेय, उदित गिरि आदि मौजूद रहे।

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