फर्ज अदायगी बना विकलांग शिविर

Pratapgarh Updated Wed, 30 Jan 2013 05:30 AM IST
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परियावां। डॉक्टर सुधरने का नाम नहीं ले रहे हैं। अस्पतालों में ओपीडी तो दूर शिविर में भी समय से न पहुंचना आदत बन गई है। मंगलवार को ब्लाक में आयोजित शिविर में 12 बजे तक डॉक्टर नहीं पहुंचे। ब्लाक प्रमुख के निर्देश पर विकलांगों का रजिस्ट्रेशन कराया गया, लेकिन शाम तक आधे विकलांगों को भी प्रमाणपत्र नहीं मिल सका। इसे लेकर लोगों में आक्रोश रहा।
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ब्लाक मुख्यालय कालाकांकर में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के प्रयास से विकलांग शिविर आयोजित किया गया। शिविर में सुबह से ही क्षेत्र के सैकड़ों की संख्या में विकलांग पहुंचे, लेकिन सवा 12 बजे तक चिकित्सक डा. यूके पांडेय, डा. शमीम, डा. सत्य नारायण, डा. हरिश्चंद्र नहीं पहुंचे। इससे लोगों में आक्रोश फैल गया। ग्रामीणों के आक्रोश को देखते हुए ब्लाक प्रमुख बैजनाथ सिंह ने सभी को रजिस्ट्रेशन कराने को कहा। शाम तक 226 विकलांगों ने रजिस्ट्रेशन कराया, लेकिन शाम पांच बजे तक मात्र 107 को ही प्रमाणपत्र जारी किया गया। इसके बाद चिकित्सक शिविर से निकलने का प्रयास करने लगे। जानकारी होने पर जमा सैकड़ों लोग भड़क गए। इस पर देर शाम तक चिकित्सक प्रमाणपत्र बनाते हैं। शिविर में जहां गूंगे, बहरे लोगों को प्रमाणपत्र नहीं दिया गया। सूत्रों की मानें तो 407 लोगों ने रजिस्ट्रेशन कराया था। इनमें मात्र 226 का रजिस्ट्रेशन बताया जा रहा है। चिकित्सकों की मनमानी एवं विकलांगों को प्रमाणपत्र न देकर जिला मुख्यालय बुलाए जाने पर लोगों में आक्रोश रहा। इस दौरान बीडीओ रमाशंकर सिंह, वंशीलाल, व्यास कुमार मौर्य, फूला देवी, राघवेन्द्र शुक्ला, विमल कुमार सिंह, फूलचंद्र आदि थे।
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