विज्ञापन

कालोनी से गरीबों को बेघर करने की तैयारी

Pratapgarh Updated Fri, 28 Dec 2012 05:30 AM IST
विज्ञापन
ख़बर सुनें
प्रतापगढ़। ठंड ने विकराल रूप धारण कर लिया है। बाहर ही नहीं घरों के अंदर भी लोग इसकी चपेट में आ रहे हैं। इस कोहरे और ठंड से भरी रात में गरीबों को बेघर करने की योजना बन रही है। डूडा से बनी कालोनियों के निवासियों के लिए फरमान आ गया है कि यदि 12 प्रतिशत अंशदान जमा नहीं कराया गया तो कालोनियां गिरा दी जाएंगी। यह फरमान लोगों को ठंड की सिहरन से ज्यादा भयानक लग रहा है।
विज्ञापन
दो साल पहले डूडा ने गरीब परिवारों को कालोनियां बनाकर दी थीं। दो साल पहले कालोनियों का निर्माण शुरू हुआ। डेढ़ वर्ष में यह तैयार हुईं। निर्माण में अनियमितता का आलम यह है कि महज छह माह में ही प्लास्टर टूट गया और छतों में दरारें पड़ गईं हैं। इसकी छतें कभी भी जमीन पर आने को तैयार हैं। बावजूद इसके इन गरीबों को अल्टीमेटम मिला है कि निर्माण का 12 प्रतिशत जमा करो अन्यथा घर गिरा दिए जाएंगेे। अब इन कालोनियों के लोग पशोपेश में हैं। कालोनियों की हालत देख लगता नहीं कि यह साल भर भी टिकी रह पाएंगी। ऐसे में 12 प्रतिशत अंशदान देने से ज्यादा बेहतर लोग इसके गिर जाने को तरजीह दे रहे हैं। दहिलामऊ उत्तरी में बनी कालोनी निवासी संजय कुमार गुप्ता ने बताया कि डेढ़ साल इसको बनने में लगे। कालोनी के लोग रात-रात भर जागकर निर्माण के दौरान पानी डालते थे, जिससे इसकी मजबूती बनी रहे। इसके बावजूद हालत जर्जर है। इसी तरह शांती, सुनीता और सुषमा भी इस कालोनी के निर्माण में हुई अनियमितता से दुखी हैं। उनका कहना है कि इसकी शिकायत हुई और कुछ आरोपी जेल भी गए लेकिन कालोनियों की दशा में बदलाव नहीं हो सका।
योजना के दर्जन भर लाभार्थियों ने बताया कि इस कालोनी से बेहतर छप्पर होता। यही नहीं 20 हजार रुपये जमा करने की जगह पर यदि टिनशेड भी लगवाया गया होता तो इतना खर्च न आता। इसके साथ ही कम से कम जान जाने का खतरा तो न रहता। यही नहीं रंजना गुप्ता का कहना है कि उनके छप्पर भी इससे ज्यादा महफूज स्थिति में होते। अब ठंड में इस तरह की कार्रवाई से तो दिक्कत खड़ी हो गई है। एक कालोनी की कीमत एक लाख 24 हजार रुपये है। इसका 12 प्रतिशत सामान्य एवं 10 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोगों को जमा करना है।
डूडा द्वारा बनवाई गई इस कालोनी में अभी तक खिड़कियां और दरवाजे नहीं लग सके हैं। इसके चलते लोगों को परेशानी हो रही है। विभागीय लोग बताते हैं कि ठेकेदार का अभी कुछ पैसा रोककर रखा गया है। इस कारण इन कालोनियों में बिना खिड़की और दरवाजे के लोगों को रहना पड़ रहा है। डीएम के पैसा अवमुक्त करने के बाद ही ठेकेदार द्वारा इन कालोनियों में खिड़की और दरवाजे लग सकेंगे।
डूडा के सहायक परियोजना अधिकारी अमर सिंह चौधरी का कहना है कि किसी को बेघर नहीं किया जाएगा। यह शासन की योजना है उसके अनुसार सभी को अंशदान जमा करना ही पड़ेगा।

Recommended

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें  

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन

Most Read

Jammu

J&K: शोपियां से अगवा 3 एसपीओ की आंतकियों ने की हत्या, 1 को किया रिहा

जम्मू कश्मीर के शोपियां से शुक्रवार सुबह 4 पुलिसवालों के अपहरण की खबर सामने आ रही है। बताया जा रहा है कि जिन पुलिसवालों का अपहरण हुआ है उनमें 3 एसपीओ यानी स्पेशल पुलिस अफसर थे।

21 सितंबर 2018

विज्ञापन

Related Videos

VIDEO: ग्रामीणों की शिकायत पर CM योगी ने मंच पर ही लगाई अफसरों को फटकार

लोगों की समस्याएं और सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ प्रतापगढ़ पहुंचे। यहां सीएम ने लोगों की शिकायत पर अफसरों को जमकर फटकार लगाई।

24 अप्रैल 2018

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree