वजीफा के लिए अभी और इंतजार

Pratapgarh Updated Mon, 17 Dec 2012 05:30 AM IST
प्रतापगढ़। इंटर कालेजों में पठन-पाठन प्रारंभ हुए लगभग छह माह बीतने को है। मगर अभी तक वजीफा के लिए कोई सुनवाई नहीं हुई।कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को वजीफा देने में लापरवाही के चलते दशमोत्तर के विद्यार्थियों की फीडिंग भी नहीं हो सकी है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के पीछे शासन की मंशा यह है कि उनकी पढ़ाई लिखाई में आने वाले व्यवधान को दूर किया जा सके। मतलब यह कि विद्यार्थी अपनी आवश्यकता के अनुरूप पाठ्यपुस्तकों और कापियों की खरीदारी कर सकें। इसलिए विद्यार्थियों के कक्षा का क्रम बढ़ने के साथ ही छात्रवृत्ति की रकम भी बढ़ती जाती है। मगर यह दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि पठन-पाठन का दौर प्रारंभ हुए छह माह का समय बीत गया लेकिन अभी तक विद्यार्थियों के खाते में धनराशि पहुंचने की बात तो दूर कंप्यूटर में फीडिंग तक नहीं हो सकी है। इससे विद्यार्थियों में निराशा की भावना जागृत हो रही है।
जिले के लगभग सवा सात लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देनेके लिए समाज कल्याण अधिकारी सहित अनेक अधिकारियों ने दर्जनों राउंड प्रिंसिपलों के साथ बैठक कर रणनीति बनाई। मगर सच यह है कि पांच माह में सिर्फ कक्षा एक से आठ तक के विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने में अधिकारियों को पसीना आ गया है।
कक्षा नौ और दस के विद्यार्थियों की फीडिंग तो हो गई है। मगर इंटर और डिग्री कालेजों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों की फीडिंग के लिए अभी साफ्टवेयर ही नहीं आया है। अधिकारियों की मानें तो अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों की फीडिंग का कार्य हो चुका है जबकि अन्य वर्ग के विद्यार्थियों के लिए साफ्टवेयर जल्द आने वाला है। अधिकारियों की इस कच्छप गति से ऐसा प्रतीत होता है कि विद्यार्थियों को मिलने वाला वजीफा मार्च माह में ही संभव है। वह भी अगर लैप्स होने का भय न रहा तो इसके बाद ही मिलेगा। फिलहाल अधिकारियों के इस गैरजिम्मेदाराना कार्य से विद्यार्थी और अभिभावक आहत हैं। डीआईओएस मु. इब्राहीम ने बताया कि जनवरी माह में सभी विद्यार्थियों के खाते में धनराशि भेज दी जाएगी।
इंटर कालेजों में छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों की छात्रवृत्ति इस वर्ष प्राइमरी विद्यालयों के हेडमास्टर और प्रबंध समिति के खाते में भेज दी गई। प्राइमरी के हेडमास्टर इंटर कालेज में जाकर छात्रवृत्ति बांटने को तैयार नहीं है। इससे यह बच्चे वजीफा की राह ताक रहे हैं।
इंटर कालेज छतरपुर के प्रधानाचार्य सूर्यभान सिंह ने बताया कि इस वर्ष छात्रवृत्ति के लिए विद्यार्थियों को अधिक जलालत झेलनी पड़ी। छह से आठ तक पढ़ने वाले विद्यार्थियों से पहले प्रधान से आय प्रमाणपत्र, फिर तहसीलदार से आय प्रमाणपत्र और अब बैंक में खाता खुलवाने को कहा जा रहा है। श्री सिंह की मानें तो वजीफा के लिए पहली बार इतना परेशान किया गया।

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