तीन ब्लाकों में ट्यूबवेल लगाने पर रोक

Pratapgarh Updated Sun, 16 Dec 2012 05:30 AM IST
प्रतापगढ़। जिले केतीन ब्लाकों में अब ट्यूबवेल के कनेक्शन नहीं होंगे। बेहिसाब जलादोहन से धरती का जल स्तर नीचे चला गया है। इसलिए यह ब्लाक क्रिटिकल क्षेत्र घोषित हो गए हैं। लघु सिंचाई विभाग ने यहां ट्यूबवेल लगाना बंद कर दिया है। प्राइवेट तौर पर ट्यूबवेल लगाने वालों को बिजली कनेक्शन भी नहीं मिलेगा।
प्रकृति प्रदत्त पाताल से लोग बेहिसाब पानी निकाल रहे हैं। फिजूल में भी काफी जलादोहन हो रहा है। इससे पाताल का जल स्तर घटता जा रहा है। भू-गर्भ जल संरक्षण विभाग के सर्वे में ऐसी स्थितियां सामने आई हैं। महकमे ने प्रदेश के108 ब्लाकों को क्रिटिकल क्षेत्र घोषित किया है। इसमें प्रतापगढ़ के शिवगढ़, संडवाचंडिका और सदर ब्लाक भी शामिल हैं। इन ब्लाकों में पाताल का जल स्तर काफी नीचे चला गया है। विशेषज्ञों की रिपोर्ट में अब यहां पानी का दोहन खतरा हो सकता है। हालात को देखते हुए सरकार गंभीर हुई। लघु सिंचाई विभाग इन तीनों ब्लाकों में डीप तो दूर मध्यम बोरिंग भी नहीं करेगा। निजी पैसे से खुद ट्यूबवेल लगवाने वालों को बिजली कनेक्शन में भी पापड़ बेलने होंगे। कनेक्शन देने के पहले बिजली विभाग लघु सिंचाई विभाग और बीडीओ से ट्यूबवेल लगाने की अनुमति प्रमाण पत्र मांगेगा। चूंकि यह तीनों ब्लाक क्रिटिकल क्षेत्र घोषित हैं। लघु सिंचाई विभाग खुद बोरिंग नहीं कर रहा। ऐसे में जाहिर है कि वह ट्यूबवेल की संस्तुति रिपोर्ट नहीं देगा। ट्यूबवेल संस्तुति की रिपोर्ट ऐसे में बीडीओ से भी मिल पाना मुश्किल ही है। इस रिपोर्ट के अभाव में साफ है कि निजी ट्यूबवेल लगवाने वालों को बिजली कनेक्शन नहीं मिलेगा।
भू-गर्भ जल संरक्षण विभाग के हर ब्लाक में जगह-जगह पीजोमीटर नामक जल मापक यंत्र लगे हैं। यंत्र से अफसर पाताल के पानी की जांच करते हैं। कुछ स्थानों पर यह यंत्र नहीं हैं। ऐसी जगहों पर जल स्तर जांच के लिए कुंओं को आधार बनाया गया है। कुंओं के बढ़ते और घटते जल से पानी के स्ट्रेटा का पता लगाते हैं। सदर ब्लाक के पृथ्वीगंज, राजगढ़, प्रतापगढ़ शहर, लोहंगपुर, भुपियामऊ, संतापुर आदि क्षेत्रों में जल जांच में हुई। इसमें काफी खराब दशा पाई गई है। संडवाचंडिका ब्लाक, पश्चिम गांव, कटकामानापुर, छतरपुर जैसे कई स्थानों पर यंत्र और कुंओं के माध्यम से पड़ताल हुई। शिवगढ़ में भी पानी का स्तर काफी कम बताया गया। इसी के आधार पर इसे क्रिटिकल क्षेत्र घोषित किया गया है।
सहायक अभियंता लघु सिंचाई शलभ श्रीवास्तव का कहना है कि तीनों ब्लाक क्रिटिकल क्षेत्र घोषित हैं। यहां ट्यूबवेल बोरिंग के काम नहीं नहीं हो रहे। महकमा केवल अपने जरिए किए गए बोरिंग का प्रमाण पत्र देता है। निजी तौर पर ट्यूबवेल लगाने वालों को संस्तुति रिपोर्ट देने का सवाल ही नहीं उठता।
अधिशासी अभियंता विद्युत वाईएन राम का कहना है कि क्रिटिकल ब्लाकों में जब लघु सिंचाई विभाग बोर नहीं कर रहा और न ही किसी को प्रमाण पत्र देगा तो ट्यूबवेल लगाने वालों को विद्युत कनेक्शन देने का सवाल ही नहीं उठता। व्यक्तिगत को यदि बीडीओ संस्तुत करेंगे तो कनेक्शन दिया जा सकता है।
बीडीओ सदर रवींद्र वीर यादव का कहना है कि ब्लाक में लघु सिंचाई विभाग के जेई हैं। उन्हीं की जांच पर रिपोर्ट लगाते हैं। क्रिटिकल ब्लाकों में बोरिंग नहीं हो रही है। व्यक्तिगत बोरिंग के आवेदन अभी आए नहीं है। आवेदन मिलेंगे भी तो संस्तुति करना संभव न होगा। यदि शीर्ष अफसर निर्देशित करेंगे तो देखा जाएगा।

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