धरौली रजबहा कटने से ऐलाही में बाढ़

Pratapgarh Updated Sun, 09 Dec 2012 05:30 AM IST
पट्टी। देवसरा इलाके के ऐलाही गांव में धरौली रजबहा में लंबी कटान होने व बीस घंटे बाद भी इसे बांध पाने में विभाग नाकाम है। गांव की दलित बस्ती में दो फुट से ऊपर पानी बह रहा है। लोगों के जानवर तक पानी में खड़े हैं। सात सौ बीघे से अधिक फसल डूब गई।
देवसरा इलाके के ऐलाही गांव से होकर गुजरने वाली धरौली रजबहा खंड 36 में इन दिनों पानी छोड़ा गया है। यह माइनर शुक्रवार रात लगभग 10 बजे पंद्रह से बीस फिट कट गई। इस कारण ऐलाही, मढ़रामऊ व चिलांवा के तमाम किसानों की सात सौ बीघे से अधिक फसल जलमग्न हो गई। वर्तमान में आलम यह है कि सात सौ बीघा से अधिक की गेहूं, सरसों व आलू की फसल में घुटनों तक पानी भर गया है। नहर के पानी का बहाव न रोकने के कारण इसका प्रभाव आगे तक बढ़ता जा रहा है। ग्रामीणों को नहर के कटान की जानकारी सुबह तब हुई जब उन्हें अपने खेत पानी से लबालब नजर आए। इस बाबत ग्राम प्रधान प्रभावती सिंह ने एसडीएम पट्टी, नहर विभाग के एसडीओ सहित अन्य स्थानाें पर सूचना दी। सूचना पर तहसीलदार पट्टी, अवर अभियंता आरडी राय, अमीन नरेन्द्र श्रीवास्तव मौके पर पहुंचे। नहर में कटान लंबी होने के कारण देर शाम तक इसे बांधने का प्रयास सफल नहीं हो सका। पानी गांव की बस्ती में भर गया है। ग्राम प्रधान प्रभावती सिंह का आरोप था कि नहर जहां कटी थी वहां से विभागीय अमीन का घर मात्र सौ मीटर की दूरी पर है। फिर भी उसने इसकी सूचना विभाग को नहीं दी। इससे फसलें तबाह हो गईं और गांव में बाढ़ आ गई।
ग्रामीणों के चेहरों पर नहर के पानी से आई तबाही का दर्द साफ नजर आ रहा है। गेहूं, सरसों व आलू की फसलें अब सड़ कर नष्ट हो जाएंगी। वह नहर विभाग की लापरवाही के कारण तबाही की भेंट चढ़ गई है। सात सौ बीघे से अधिक की खेती बरबाद हो चुकी है। ऊपर से आफत यह कि पानी अभी रुकने का नाम नहीं ले रहा है। पानी से प्रभावित गांव के राम उजागिर, गोविंदलाल, विजय यादव, शंकर, राम समुझ, जगन्नाथ पांडेय, शिवमूरत, रामजीत सहित तमाम किसानों ने बताया कि नहर का पानी अक्सर उनके लिए तबाही लेकर आता है। इस महंगाई में किसी तरह वे लोग बीज व खाद की जुगाड़ कर मेहनत से फसल उगाते हैं और नहर विभाग इसे तबाह कर देता है। नहर की सिंचाई विभाग उनसे वसूल करता है जबकि फसलों की तबाही का कोई मुआवजा कभी नहीं मिलता है।
नहर में कटान के लिए किसान पूरी तरह विभाग की लापरवाही को जिम्मेदार मानते हैं। किसानों की मानें तो विभाग सिल्ट की सफाई व मरम्मत के नाम पर कागजों में खर्च दर्शा देता है। इस कारण नहरों की कभी भी ढंग से मरम्मत नहीं की जाती। पानी के ओवरफ्लो होने पर नहरों में कटान हो जाती है और खामियाजा किसान भुगतते हैं। विभाग यदि समय-समय पर नहर की सफाई व कुलाबों की मरम्मत कराता रहे तो ऐसी नौबत न आने पाए। ग्राम प्रधान प्रभावती सिंह व देवसरा मंडल अध्यक्ष देवेन्द्र सिंह ने ऐलाही गांव में नहर कटान से बरबाद हुए फसलों का मुआवजा दिलाने की मांग ने की है।

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