कुंभ स्नानार्थियों को फिर निराश करेगा रेल विभाग

Pratapgarh Updated Mon, 03 Dec 2012 05:30 AM IST
प्रतापगढ़। जिले के रेलमार्ग से गंगा स्नान करने प्रयाग जाने वालों के प्रति विभाग उदासीन बना हुआ है। इसे लेकर कोई तैयारी नहीं की जा रही है। जिले से जाने वाले स्नानार्थी सिर्फ मेला स्पेशल ट्रेनाें के ही भरोसे होंगे। प्रयाग जाने वाली प्रमुख ट्रेन पीआरएल तो महीनों से समय की पटरी से उतरी हुई है। इस ओर विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। कुंभ मेला सिर पर होने की दशा में भी यात्री सुविधाओं की ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
टू पीआरएल (लखनऊ-प्रयाग) पैसेंजर आज भी आरपी (रायबरेली-प्रयाग) के नाम से जानी जाती है। पहले यह ट्रेन रायबरेली से ही प्रयाग जाती थी लेकिन लखनऊ से जोड़ने के बाद इसकी लेटलतीफी से दैनिक यात्रियाें को दूसरी राह पकड़नी पड़ी। दैनिक यात्रियों ने इस बाबत काफी आवाज उठाई लेकिन इसे समय की पटरी पर लाने की कोई कवायद नहीं हो सकी। आलम यह है कि टू पीआरएल महीने में एक-दो दिन ही सही समय पर चल पाती है। पहले इससे इलाहाबाद जाने वाले छात्र, कर्मचारी यात्रा करते थे। नियमित गंगा स्नान करने वाले तो किसी और साधन से जाते ही नहीं थे लेकिन मजबूरी में उन्हें इसका मोह छोड़ना पड़ा। इसके अलावा प्रयाग से फैजाबाद के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनें भी प्रयाग जाने वालों के लिए सहायक साबित हो सकती थीं, लेकिन इनका समय शाम का होने के कारण इलाहाबाद जाने वालों के लिए उपयुक्त नहीं है। हर साल माघ मेले से पहले रेलवे प्रशासन व्यवस्था करता था लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं दिखाई पड़ रहा है। वह सिर्फ यही आस लगाएगा कि जो भी मेला स्पेशल आएगी वह उसे प्रतापगढ़ से पास करा देगा। कुंभ मेले के दौरान स्टेशन पर भीड़ बढ़ने को लेकर भी यहां कोई तैयारी नहीं है। पानी, बेंच, शौचालय की समस्या से स्टेशन जूझ रहा है। चालकों के साथ ही अन्य कर्मचारियों का अभाव वर्षों से नहीं दूर हो पा रहा है। ऐसे में बदहाल व्यवस्थाओं के बीच कुंभ मेले के लिए गाड़ी हांकने में जिले के रेल विभाग को खासी फजीहत का सामना करना पड़ सकता है। स्टेशन अधीक्षक केएन शर्मा का कहना है कि कुंभ मेले को देखते हुए स्थानीय स्तर पर जो सुधार संभव है उसे कराया जा रहा है। अन्य विभागों को भी समस्या दूर करने के लिए पत्र लिखा गया है।
जिला मुख्यालय का रेलवे स्टेशन तीन दिनों से सूखा है। ठंड का मौसम होने के कारण प्लेटफार्म की टोटियों के पास प्यास से तड़पते हुए लोग तो नहीं पहुंच रहे हैं लेकिन भोजन करने के बाद उन्हें हाथ धोने के लिए भी पानी नहीं मिल सका। वाशिंगलाइन की पाइप से पानी बह रहा है लेकिन पेयजल की टोटियों में बूंद भी नहीं टपक रही है। ऐसे में यात्रियों को परेशानी हो रही है।
रेल में यात्रा करने के दौरान यात्रियों को किसी भी प्रकार की दिक्कत होने पर सूचना देने के लिए अधिकारियों का फोन नंबर स्टेशन अधीक्षक कार्यालय के सामने ही मिल जाता था। यहां कंट्रोल रूम लखनऊ, डीआरएम, एसपी जीआरपी सहित अन्य अधिकारियों के नंबर लिखे थे लेकिन यात्रियों के फोन पर अफसर परेशान होने लगे तो उसे मिटा दिया गया। अब ट्रेन में समस्या होने पर यात्री संबंधित अधिकारियों को सूचना नहीं दे पाते।

Spotlight

Most Read

Lucknow

ब्राइटलैंड स्कूल का प्रिंसिपल गिरफ्तार, पक्ष में माहौल बनाने के लिए अपनाया ये तरीका

राजधानी के ब्राइटलैंड स्कूल में छात्र पर हुए जानलेवा हमले में पुलिस ने स्कूल की प्रिंसिपल को गुरुवार को गिरफ्तार कर लिया।

18 जनवरी 2018

Related Videos

एसपी के इस पूर्व विधायक के घर कुर्की, एक-एक सामान उखाड़ ले गई पुलिस

इलाहाबाद में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक के घर की कुर्की की गई। धूमनगंज थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की की है। अलक्मा और सुरजीत हत्या मामले में आरोपी अशरफ फरार चल रहा है।

25 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper