इमरजेंसी के बरामदे में तीन घंटे तड़पते रहे घायल

Pratapgarh Updated Tue, 27 Nov 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। प्रदेश सरकार द्वारा जन सामान्य को आपात चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई समाजवादी स्वास्थ्य सेवा की जिले के चिकित्सक कमर तोड़ रहे हैं। बीच राह घायल होने वाले लोगों को अस्पताल लाने वाले एंबुलेंस कर्मियों से इस तरह व्यवहार किया जा रहा है जैसे वह अपने घर के लोगों को लेकर आए हों। कुछ ऐसा ही नजारा जिला अस्पताल की इमरजेंसी में सोमवार को दिखाई दिया। सुबह नौ बजे हादसे में घायल होने वाले तीन लोग अस्पताल की इमरजेंसी में जमीन पर पड़े तड़पते रहे।
लालगंज कोतवाली के बछवल गांव निवासी हीरालाल (48) के मौसा की मौत हो गई थी। वह अपनी मां बिट्टन (70) और पत्नी को बाइक से लेकर मौसा के घर संग्रामगढ़ जा रहा था। रास्ते में सड़क की खोदाई के कारण वह फिसलकर गिर गया। इससे तीनों घायल हो गए। समाजवादी सेवा की 108 एंबुलेंस का स्टाफ सभी को लेकर जिला अस्पताल आया। तीनों घायलों का लालगंज सीएचसी में प्राथमिक उपचार किया गया था लेकिन मेडिकल नहीं हुआ था। ऐसे में इमरजेंसी मेडिकल अफसर ने इन्हें छुआ तक नहीं। वह लालगंज में मेडिकल न होने पर नाराजगी जताने लगे। एंबुलेंस के चिकित्सा कर्मी आशीष ने कंट्रोल रूम को जानकारी दी लेकिन ईएमओ पर कोई फर्क नहीं पड़ा। ईएमओ बिना सीएमओ के आदेश के घायलों को छूने के लिए तैयार नहीं थे। दोपहर करीब दो बजे सीएमओका फोन आने के बाद ईएमओ ने इलाज शुरू किया। परिजनों के आने के बाद एंबुलेंस कर्मी चले गए। एंबुलेंस के स्टाफ आशीष ने बताया कि उन लोगों की जिम्मेदारी जिला अस्पताल तक पहुंचाने की है। लेकिन अस्पताल कर्मी समझते हैं कि मरीज उनके घर का है। सोमवार को सीएमओ के न होने के कारण आदेश नहीं करा पा रहे थे। फिर भी ईएमओ नहीं सुन रहे थे।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में तैनात डा. पीपी पांडेय ने कहा कि घायल मरीजों को लालगंज से बिना मेडिकल के ही जिला अस्पताल भेज दिया गया। उन्हें लालगंज ले जाया गया था लेकिन उपचार नहीं हो सका। ऐसे में सीएमओ को भी जानना चाहिए कि उनके डाक्टर काम नहीं कर रहे हैं। इसीलिए वह सीएमओ से लिखाकर लाने की बात कह रहे थे।
जिला अस्पताल की इमरजेंसी में दुर्घटना में घायल ही नहीं मारपीट में लहूलुहान लोग भी फर्श पर पड़े तड़पते रहे। नगर कोतवाली के रामदत्त का पुरवा गांव निवासी केशनाथ सिंह (45) को जमीन के विवाद में पड़ोसियों ने लहूलुहान कर दिया था। केशनाथ की मां को भी चोटें आई थीं। कोतवाली पुलिस इन लोगों को जिला अस्पताल ले आई लेकिन यह लोग भी घंटों इमरजेंसी के बरामदे की फर्श पर ही पड़े रहे।
सीएमओ डा. वीके पांडेय का कहना है कि लालगंज सीएचसी के डाक्टरों द्वारा मेडिकल न करनेे के कारण इलाज न पाने वाले घायलों की बाबत जानकारी मिली है। इस बाबत सीएमएस से बात की है। वह इलाज न करने वाले ईएमओ से जवाब तलब करेंगे। सीएमओ ने कहा कि वह खुद इस बात की जानकारी करेंगे कि लालगंज में घायलों का मेडिकल क्यों नहीं हो सका।

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