सरकारी मेन्यू में पीले पानी को कहते दाल

Pratapgarh Updated Fri, 28 Sep 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। शहर के प्राथमिक विद्यालयों का हाल बेहाल है। बच्चों को सेहतमंद करने की शासन की योजना हर कदम पर विफल है। मिडडे मील खाने से बच्चे बीमार पड़ रहे हैं। खुले में बनने वाले भोजन और पानी जैसी दाल से तो न खाना ही अच्छा है। दाल की जगह थाली में पीला पानी नजर आता है। बच्चे चाहे कितने ही कम आएं, लेकिन एमडीएम में हाजिरी शत-प्रतिशत रहती है। अधिकारी के निरीक्षण में बच्चों के घर चले जाने की जानकारी दी जाती है।
आइए शहर के कुछ विद्यालयों का हाल बताते हैं। बीएसए आफिस के कंपाउंड में दो प्राथमिक और एक माध्यमिक विद्यालय है। प्राथमिक विद्यालय पांडेय का पुरवा में प्रधानाध्यापिका विभा सिंह व एक शिक्षामित्र मनोरमा मिश्र के ऊपर 92 छात्र-छात्राओं की जिम्मेदारी है। गुरुवार को विद्यालय में 45 छात्र-छात्राओं की उपस्थिति बताई गई। रसोइया सीता देवी ने रोटी और सब्जीयुक्त दाल बनाई थी। छात्र-छात्राओं को परोसी गई सब्जीयुक्त दाल की हालत यह थी कि थाली में दो टुकड़ा कद्दू और सिर्फ पीला पानी था। दाल की स्थिति का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि थाली की पेंदी साफ चमक रही थी। प्रधानाध्यपिका ने बताया कि कनवर्जन कास्ट कम मिलने के कारण भरपूर भोजन नहीं मिल पाता। उन्होंने 45 बच्चों के लिए एक किलो दाल पकाए जाने का दावा किया।
सामने ही प्राथमिक विद्यालय करनपुर के बच्चे भी भोजन कर रहे थे। प्रधानाध्यापिका ने भवन न होने की बात कही। उन्होंने बताया कि एक ही कमरे में बीएसए आफिस का कुछ सामान, रसोईं और बच्चों के पढ़ने के लिए ब्लैकबोर्ड लगा है। प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के साथ शिक्षामित्र सीता शुक्ला पर 81 बच्चों का भार है। बताया कि 52 बच्चों की उपस्थिति है। रसोइया रीता व आशा ने दाल और रोटी बनाई है। यहां बच्चों की संख्या रजिस्टर की उपस्थिति से मेल खाती नहीं दिखी। इसी के बगल में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में भी मध्याह्न भोजन चल रहा था। बताई गई संख्या के मुताबिक बच्चे नहीं दिखे। प्रधानाध्यापिका किश्वर सलमा ने बताया कि 42 बच्चों में 30 आए हैं। यह तीनों विद्यालय बीएसए आफिस के ठीक नीचे हैं। यहां शायद ही चेकिंग होती होगी, लेकिन बच्चों की सेहत के साथ खिलवाड़ जारी है। इसी तरह सगरा स्थित प्राथमिक विद्यालय में 10.10 बजे एमडीएम तैयार नहीं हो सका था। प्रधानाध्यापिका नीलम अग्रवाल किचन में ही खड़ी थीं। रसोइया छोटका बर्तन धो रही थीं तो रसोइया राम किशोर के स्थान पर उसकी दो बेटियां भोजन बनवाने आईं थीं। विलंब के कारण बच्चे भूख से व्याकुल थे।
प्राथमिक विद्यालय करनपुर एक ही कमरे में चलता है। इसका कुछ भाग बीएसए आफिस के कबाड़ से भर गया है। कुछ में विद्यालय की कुर्सियां, ब्लैक बोर्ड रखा है और रसोई भी चलती है। बच्चे आसमान के नीचे बैठकर पढ़ते हैं और वहीं चबूतरे पर भोजन करते हैं। प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी ने बताया कि बरसात के समय यह कमरा टपकता है। फिर भी यहीं पर सभी बच्चे बैठाए जाते हैं।
विद्यालयों में छात्र संख्या का खेल किया गया था। उपस्थिति कुछ होने के बाद रजिस्टर पर संख्या कुछ लिखी गई थी। इससे लगता है कि शासन कनवर्जन कास्ट में कितनी कमी कर दे लेकिन विद्यालयों में भ्रष्टाचार बंद नहीं हो सकता।

Spotlight

Most Read

Madhya Pradesh

14 साल के इस बच्चे ने कराई चार कैदियों की रिहाई, दान में दी प्राइज मनी

14 साल के आयुष किशोर ने चार कैदियों की रिहाई के लिए दान कर दी राष्ट्रपति से मिली प्राइज मनी।

22 जनवरी 2018

Related Videos

एसपी के इस पूर्व विधायक के घर कुर्की, एक-एक सामान उखाड़ ले गई पुलिस

इलाहाबाद में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक के घर की कुर्की की गई। धूमनगंज थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की की है। अलक्मा और सुरजीत हत्या मामले में आरोपी अशरफ फरार चल रहा है।

25 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper