धान की फसल पर गंधी कीट का हमला

Pratapgarh Updated Thu, 27 Sep 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। धान की फसल में किसानों की मेहनत फलने लगी है। बालियां गालों से बाहर झांकने लगी हैं। किसान इन बालियों को देखकर हर्षाने लगे थे कि खेत से बदबू उठने लगी। बदबू का मतलब गंधी कीट का हमला शुरू हो गया है। जल्द ही अगर इन कीटों से किसान छुटकारा नहीं पाते तो एक पखवारे में पूरी फसल चट कर जाएंगी।
इस बार की बारिश ने किसानों के लिए बेहतर माहौल तैयार किया है। खासकर धान की फसल लहलहा रही है। जिले में होने वाली 98 हजार हेक्टेअर धान की फसल के अब जब दिखने का समय आया है तो इस पर गंधी कीट ने हमला कर दिया है। इनकी आमद से किसान भी घबरा गए हैं। कारण कि इनके लिए हल्की दवाएं काम नहीं करतीं। प्रतिबंधित दवा इंडो सल्फान 33 ईसी या फिर 35 ईसी की जरूरत पड़ती है। गंधी कीटों की उपस्थिति उपकृषि निदेशक विजय सिंह ने भी गौरा ब्लाक में लगी धान की फसल के निरीक्षण के दौरान दर्ज की। उन्होंने इसके लिए 27 सितंबर को सभी ब्लाक के किसानों की बैठक कृषि भवन में बुलाई है। इसमें ऐठूं व नैनी के वैज्ञानिकों से इस बारे में चर्चा की जाएगी।
गंधी कीट मक्खियों जैसी हरे रंग की होती हैं। इसका आकार 2 से तीन मिमी होता है। खेत में पानी भरा होने या जोताई बोआई के समय यह मेड़ों पर उगे खर पतवारों में छिप जाती हैं। अन्य फसलों के समय में भी इसकी उपस्थिति खेत में होती है। धान के लगने के समय यह मेड़ों पर अंडे देती हैं जो बालियां आने पर उन पर चिपक जाते हैं और बालियों में बनने वाले दूध को चूसना शुरू कर देते हैं। धान की फसल बढ़ने के साथ ही इनका आकार भी बढ़ता रहता है। चावल में प्रौढ़ता आने पर बड़े आकार की हो चुकी गंधी कीट उनका घूणपोष चाट लेती हैं।
गंधी कीट के घूणपोष चाट लेने के कारण धान के अंदर फंगस पैदा हो जाता है। इसके बढ़ने के साथ ही अंदर का चावल काला होने लगता है। गंधी कीट के बच्चे ने पूरा दूध चूस लिया तो धान के अंदर कुछ नहीं बचता है। बच्चों के हमले से बचे धान पर वयस्क गंधी कीट का हमला होता है। इसमें घूणपोष ही वह अपने सुई जैसे माउथ पार्ट से खींच पाती हैं। इससे फंगस होने लगता है और चावल काला पड़ जाता है।
इंडोसल्फान 30 ईसी व 35 ईसी दवा का प्रभाव हवा, पानी, जमीन और फसल पर पड़ता है। इस दवा में सल्फास जैसी तेजी होती है। इसके छिड़काव के दौरान मुंह पर कपड़ा न बांधने वाला व्यक्ति बेहोश हो सकता है। जानवर यदि फसल के बीच में घुसे तो उसकी भी मौत हो सकती है। हवा के माध्यम से उधर से गुजरने वाला व्यक्ति भी इसकी चपेट में आ सकता है। खेत से निकाला गया पानी भी जलीय जीवों के लिए नुकसानदायक होता है।
उप कृषि निदेशक विजय सिंह ने बताया कि बालियां निकलने के समय गंधी कीट का हमला शुरू होता है। इसके लिए इंडोसल्फान ही कारगर होती है। किसानों को इससे संबंधित जानकारी के लिए 27 सितंबर को बुलाया गया है।

Spotlight

Most Read

Delhi NCR

आप विधायकों को हाईकोर्ट ने भी नहीं दी राहत, अब सोमवार को होगी सुनवाई

लाभ के पद के मामले में चुनाव आयोग ने आम आदमी पार्टी के 20 विधायकों को अयोग्य घोषित करने के मामले में अब सोमवार को होगी सुनवाई।

19 जनवरी 2018

Related Videos

एसपी के इस पूर्व विधायक के घर कुर्की, एक-एक सामान उखाड़ ले गई पुलिस

इलाहाबाद में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक के घर की कुर्की की गई। धूमनगंज थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की की है। अलक्मा और सुरजीत हत्या मामले में आरोपी अशरफ फरार चल रहा है।

25 दिसंबर 2017

  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper