मौसम हुआ ठीक तो बढ़ गए बेरोजगार

Pratapgarh Updated Thu, 20 Sep 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। सेवायोजन कार्यालय में बुधवार को मौसम साफ होने के चलते फिर भीड़ दिखने लगी। भारी संख्या में महिलाओं ने भी भत्ते के लिए आवेदन फार्म जमा किया।
दो तीन दिन से मौसम खराब होने के चलते सेवायोजन कार्यालय में भीड़ कम हो गई थी। बुधवार को जब धूप निकली तो आवेदकों की संख्या बढ़ गई। भारी संख्या में पुरुषों के साथ ही महिलाओं ने भी रजिस्ट्रेशन कराया साथ ही भत्ते के लिए आवेदन फार्म भी जमा किया। महिलाओं की संख्या हालांकि सामान्य रही, लेकिन पुरुषों की संख्या में खासा इजाफा दिखा।
सेवायोजन कार्यालय के बाहर चाय पानी की दुकानें तो लगी ही थीं अब वहां लिखने-पढ़ने का काम भी होने लगा है। फार्म बेचने के साथ ही उसे भरने और फाइल बनाकर पूर्ण करने का कार्य भी यहीं हो जाता है। लोगों को कहीं बाहर जाने की जरूरत नहीं रहती। इसके लिए बाकायदा लोगों की पूरी टीम बैठी रहती है। यदि आपके पास सारे कागजात मौजूद हैं तो फार्म भरने, फोटो लगाने और उसमें सारे कागजात नत्थी करने के साथ ही टिकट लगा लिफाफा भी लगा दिया जाता है।
सेवायोजन कार्यालय के गेट में घुसने से पहले ही कुछ दुकानदार लोगों से उनके आने का कारण पूछने लगते हैं। यदि उन्हें भत्ते का आवेदन करना है तो फार्म के साथ ही सारी सुविधा। रजिस्ट्रेशन कराना है तो फार्म भरने के साथ ही उन्हें लाइन तक पहुंचाना और जानकारी देना होता है। इसके बाद यदि आवेदन के लिए कुछ कागजात पूर्ण नहीं हैं तो पैसा खर्च करिए तहसील जाने की जरूरत नहीं है। थोड़ी ही देर में सारे कागज दुरुस्त मिलेंगे।
बेरोजगारी भत्ता के पात्रों को लेकर ऊहापोह
शासन की भत्ता देने की योजना में बेरोजगारों को परिभाषित न किए जाने से हर वर्ग के लोग इसका लाभ लेने के लिए लाइन में लगे हैं। निजी विद्यालयों के शिक्षक, संविदाकर्मी, दुकानदारों के साथ ही कई ऐसे लोग भी दिख रहे हैं, जिन्होंने रोजगार के लिए ऋण लिया है।
शासन द्वारा बेरोजगार परिभाषित न किए जाने से इसका लाभ लेने में हर वर्ग जुट गया है। यह अलग बात है कि यदि जांच हुई तो एक तिहाई फार्म रिजेक्ट हो सकते हैं बावजूद इसके बहती गंगा में हाथ हर कोई धोना चाहता है। यह भी संभव है कि ऐसे लोगों के चक्कर में शासन की इस योजना के वास्तविक हकदार लाभ से वंचित रह सकते हैं। सेवायोजन कार्यालय से एक हजार रुपये प्रतिमाह मिलने का लालच हर वर्ग को इसकी ओर खींचे आ रहा है। हर कोई इस एक हजार रुपये के लिए लाइन में खड़ा है। बेरोजगारों के चेहरों पर तो एक हजार रुपये मिलने की खुशी है क्योंकि इससे उन्हें कहीं भी फार्म भरने की सहूलियत होगी। इनमें निजी विद्यालयों के शिक्षक, कुछ संविदाकर्मी, जो कहीं न कहीं काम कर रहे हैं, दुकानदार भी एक हजार रुपये के लिए लाइन में लग गए हैं। इनमें वे लोग भी शामिल हैं जो सरकार से बेरोजगारी के नाम पर लाखों का ऋण ले चुके हैं।
आवेदन जमा करने के लिए लाइन में खडे़ कई लोग शासन की इस योजना को बंटती हुई रेवड़ी समझ रह हैं। इसके लिए वे अपनी एक दिन की कमाई भी कुरबान करने को अमादा हैं। इस तरह के लोगों से जब बात की जाती है कि क्या वे बेरोजगार हैं तो उनका कहना होता है कि शासन जब दे रहा है तो लेने में क्या बुराई है। वैसे भी हम सरकारी नौकरी तो कर नहीं रहे हैं।
जिला सेवायोजन अधिकारी टीडी वर्मा का कहना है कि यदि कोई नौकरीशुदा या फिर रोजगार से जुड़ा व्यक्ति भत्ते का आवेदन करता है तो जानकारी होने पर उसके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल शासन ने ऐसे लोगों की जांच करने का कोई निर्देश नहीं दिया है।

Spotlight

Most Read

National

मौजूदा हवा सेहत के लिए सही है या नहीं, जान सकेंगे आप

दिल्ली के फिलहाल 50 ट्रैफिक सिग्नल पर वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) डिस्पले वाले एलईडी पैनल पर यह जानकारी प्रदर्शित किए जाने की कवायद हो रही है।

19 जनवरी 2018

Related Videos

एसपी के इस पूर्व विधायक के घर कुर्की, एक-एक सामान उखाड़ ले गई पुलिस

इलाहाबाद में पूर्व सांसद और बाहुबली नेता अतीक अहमद के भाई पूर्व विधायक के घर की कुर्की की गई। धूमनगंज थाने की पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बाद कुर्की की है। अलक्मा और सुरजीत हत्या मामले में आरोपी अशरफ फरार चल रहा है।

25 दिसंबर 2017

आज का मुद्दा
View more polls
  • Downloads

Follow Us

Read the latest and breaking Hindi news on amarujala.com. Get live Hindi news about India and the World from politics, sports, bollywood, business, cities, lifestyle, astrology, spirituality, jobs and much more. Register with amarujala.com to get all the latest Hindi news updates as they happen.

E-Paper