नए सत्र में पुस्तकों का टोटा

Pratapgarh Updated Sun, 01 Jul 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। बोर्ड की लापरवाही का खामियाजा इस वर्ष विद्यार्थियों को भुगतना पड़ेगा। सोमवार से नए शिक्षा सत्र का शुभारंभ हो रहा है लेकिन अभी तक हाईस्कूल और इंटर की पुस्तकें बाजार में नहीं पहुंची है। इससे जुलाई माह में विद्यार्थियों को पुस्तकों का टोटा बना रहेगा। बाजार में पुस्तकों के आने की देरी की वजह पाठ्यक्रम में देर से किया गया बदलाव है। अगर प्रकाशकों ने बहुत जल्दी भी की तो यह पुस्तकें पंद्रह जुलाई के बाद ही बाजारों में उपलब्ध हो पाएंगी। जिले के लगभग सवा आठ लाख विद्यार्थियों को इस वर्ष पाठ्य पुस्तकों का अभाव झेलना पड़ेगा। सोमवार से नए शिक्षासत्र का शुभारंभ हो रहा है लेकिन अभी तक किसी भी कक्षा की पुस्तकें बाजार में नहीं आई हैं। यूपी बोर्ड ने हाईस्कूल के पाठ्यक्रम में बदलाव के साथ ही प्रोजेक्ट पाठ्यक्रम को समाहित किया है। इंटर विज्ञान वर्ग के पाठ्यक्रम में भी व्यापक पैमाने पर बदलाव किया गया है। पाठ्यक्रम में परिवर्तन का निर्णय देर से होने के कारण प्रकाशक अभी तक पुस्तकें प्रकाशित नहीं कर सके हैं। इससे विद्यार्थियों के पठन-पाठन में देरी हो सकती है। दुकानदार प्रकाशकों के संपर्क में बराबर बने हुए हैं लेकिन अभी तक पुस्तकें प्रकाशित नहीं हो पाई हैं। कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को शासन ने नि:शुल्क पुस्तकें वितरित करने की घोषणा की है। इसलिए दुकानदार प्राथमिक और मिडिल कक्षाओं की पुस्तकें ला भी नहीं रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग का दावा है कि 46 प्रतिशत पुस्तकें आ गई हैं लेकिन विभाग ने पहले सरकारी स्कूलों के बच्चों को देने का फैसला किया है। जीआईसी के प्रभारी प्रिंसिपल डॉ. दयाराम मौर्य ने बताया कि हाईस्कूल के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है, जबकि बोर्ड कार्यालय ने इंटर में विज्ञान और गणित वर्ग को आसान बनाने का प्रयास किया है। डीआईओएस डॉ. ओम प्रकाश मिश्र ने दावा किया कि पंद्रह जुलाई तक पर्याप्त मात्रा में पुस्तकें बाजार में आ जाएंगी। पुस्तकें देर से आने की बाबत बताया कि बोर्ड ने नवीन पाठ्यक्रम पर आधारित पुस्तकों की छपाई का आदेश देने में थोड़ी देरी की है। बहरहाल पुस्तकें बाजार में कब आएंगी यह तो समय बताएगा। मगर इतना तय है कि पुस्तकों के देर से आने से विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होगी। बेसिक शिक्षा विभाग के दावों पर गौर किया जाय तो 46 प्रतिशत पुस्तकें आ गई हैं। रविवार को ब्लाकों के लिए पुस्तकें भेजी जाएंगी। पंद्रह जुलाई तक सभी बच्चों को पुस्तकें मुहैया करा दी जाएंगी। देखना यह है कि विभाग का यह दावा कितना सच होता है क्योंकि बेसिक के स्कूलों के बाद एडेड और मान्यता प्राप्त स्कूलों के बच्चों को पुस्तक मुहैया करानी है। बेसिक शिक्षा विभाग में सर्वशिक्षा अभियान के तहत बच्चों का दाखिला कराने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसी तरह इंटर कालेजों में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान के तहत कक्षा आठ पास करने वाले बच्चों को दाखिला कराने का प्रयास किया जाएगा। हालांकि इंटर कालेजों के लिए यह अभियान पहली बार होगा। शिक्षासत्र के पहले ही दिन छुट्टी रहेगी। कई वर्षों के अंतराल पर एक जुलाई को रविवार पड़ रहा है। बेसिक स्कूलों और इंटर कालेजों में एक जुलाई से ही नए शिक्षासत्र की शुरुआत होती है। चार जुलाई को नगर निकाय चुनाव होने के कारण शहरी क्षेत्र के विद्यालय बंद रहेंगे।

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