चूड़ी वाले हाथ लिखेंगे बेल्हा की तकदीर

Pratapgarh Updated Sat, 23 Jun 2012 12:00 PM IST
प्रतापगढ़। नगर पालिका बेल्हा की तकदीर लिखने के लिए चूड़ी वाले हाथ मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं। पुरुष मतदाता बिखराव की स्थिति में हैं जबकि 30 हजार से अधिक महिला वोटरों में एकजुटता आंकी जा रही है। यदि सियासत की यह गणित सही निकली तो चुनाव परिणाम के आंकड़े चौंकाने वाले होंगे। इस बात से वाकिफ कुछ प्रत्याशी महिला वोटरों पर निशाना साधने में जुटे हैं। जिले की एक पालिका परिषद और छह नगर पंचायतों को मिला कर कुल 60 हजार 486 महिलाएं वोटर हैं। यदि महिला वोटराें ने दिमाग खपाया तो नगर पंचायतों की भी गणित बदल सकती है। निकाय चुनाव में जीत को लेकर गणित तेज हो गई है। मैदान में उतरा हर खेमा वोटरों को लेकर गुणा-भाग कर रहा है। सभी की नजर महिला वोटरों के झुकान को भांपने की कोशिश में है। माना जा रहा है कि महिला वोट बैंक पालिका से लेकर नगर पंचायत तक के उम्मदवारों की कुंडली खराब कर सकता है। वजह यह है कि इनमें चुनावी गणितज्ञ एकजुटता का भाव देख रहे हैं जबकि पुरुष वोटर कई उम्मीदवारों के खेमे में बंटे हैं। पंचस्थानीय चुनाव कार्यालय के आंकड़ों में नगर पंचायत व पालिका को मिला कर कुल एक लाख 61 हजार 207 मतदाता हैं। इनमें पुरुष मतदाताओं की संख्या 90 हजार 721 है जबकि महिला वोटरों की संख्या पुरुषों से कई हजार कम है। रिपोर्ट के मुताबिक कुल 60 हजार 486 महिला मतदाता सातों चुनावी क्षेत्रों में हैं। नगरीय चुनाव होने के कारण महिलाओं पर मतदान के मामले में पुरुषों का ज्यादा जोर चलने की उम्मीद नहीं है। कारण है कि इन क्षेत्रों में शिक्षित महिलाओं की तादाद अधिक है। इसलिए अधिकतर महिला वोटर मतदान के लिए खुद निर्णय लेने में सक्षम हैं। माना जाता है कि इनका वोट जहां भी पड़ता है एक मुश्त होता है जबकि पुरुष मतदाता खेमों में बंटे होते हैं। ऐसे में सियासी गणितबाज पुरुषों की अपेक्षा महिला वोटरों को ज्यादा ताकतवर मान रहे हैं।

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