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Pilibhit News: गन्ने की सिंचाई कर रहे किसान को बाघ ने मार डाला, खेत से बरामद हुआ शव, इलाके में दहशत

Wed, 14 May 2025 09:54 AM IST
मुकेश कुमार संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत
संवाद न्यूज एजेंसी, पीलीभीत Published by: मुकेश कुमार Updated Wed, 14 May 2025 09:54 AM IST
सार

पीलीभीत जिले में मानव वन्यजीव संघर्ष रोकने के दावों के बीच बाघ ने एक और किसान की जान ले ली। सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में गन्ने की सिंचाई कर रहे किसान को बाघ ने मार डाला। घटना से किसान के परिवार में कोहराम मच गया। वहीं, इलाके में बाघ की दहशत व्याप्त है। 

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Tiger kills farmer who irrigating sugarcane in Pilibhit
बाघ - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी

विस्तार

पीलीभीत के थाना सेहरामऊ उत्तरी क्षेत्र में खेत में गन्ने की सिंचाई कर रहे गांव नजीरगंज निवासी हंसराज (50) को बाघ ने हमला कर मार डाला। मंगलवार को आधी रात किसान का अधखाया शव खेत से कुछ दूरी पर गांव के तिरमल के खेत में मिला। इसका पता चला तो लोगों की भीड़ जमा हो गई जमकर हंगामा हुआ। पुलिस और हरीपुर रेंजर सहीर अहमद ने लोगों को समझा-बुझाकर शांत कराया। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम को भेजा।

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घटना सेहरामऊ उत्तरी थाना क्षेत्र के गांव नजीरगंज और जंगल के बीच की है। गांव से करीब 300 मीटर दूर माइनर के किनारे हंसराज का खेत है। इतनी ही दूरी पर खेत से जंगल है। माइनर नहर में मंगलवार को पानी आने पर कई किसान अपने खेतों में सिंचाई कर रहे थे। हंसराज भी मंगलवार की दोपहर पुत्रों के साथ गन्ना फसल की सिंचाई करने पहुंचे थे। कुछ देर रूक कर हंसराज घर आ गए। 
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दोबारा खेत पर पहुंचे थे हंसराज 
देर शाम करीब आठ बजे दोबारा खेत पर पहुंचे हंसराज ने पुत्र अजय और महेश खाना खाने घर भेज दिया। रात करीब 10 बजे गांव का डालचंद खेत पर पहुंचा। तब हंसराज खेत में नहीं थे। उनके जूते पड़े थे। कुछ दूरी पर उनकी टार्च और पल्ली (कई प्लास्टिक के कट्टों को जोड़कर बिछाने को बनाई गई) पड़ी थी। डालचंद पहले तो हंसराज को ढूंढ़ता रहा। न मिलने पर उसने गांव के लालाराम और अन्य लोगों को फोन कर मामले की जानकारी दी।

कुछ ही देर में कई ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर खेतों में पहुंचे। रात करीब 11 बजे कुछ दूरी पर गांव के तिरमल के खेत में हंसराज का अधखाया शव मिला। घटना की जानकारी पर प्रधान ने सेहरामऊ पुलिस को सूचना दी। सेहरामऊ एसओ संजय सिंह और हरीपुर रेंजर सहीर अहमद टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एकत्र हुए लोगों ने जमकर हंगामा किया। 

अक्सर इलाके में देखा जा रहा है बाघ 
हंगामा कर रहे लोगों का कहना था कि बाघ अक्सर गांव और खेतों के समीप देखा जा रहा है। सूचना के बाद भी वन विभाग ने उसे जंगल में खदेड़ने या पकड़कर जंगल में छोड़ने की कोशिश नहीं की। बाद में हंगामा कर रहे लोग मुआवजा की मांग करने लगे। एसओ सेहरामऊ उत्तरी और हरीपुर रेंजर के समझाने पर हंगामा कर रहे लोग शांत हुए। तब कहीं रात तीन बजे शव पोस्टमॉर्टम को भेजा जा सका। एसओ सेहरामऊ उत्तरी संजय सिंह ने बताया कि हंसराज के शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजन को सौंप दिया गया है।

पीलीभीत में पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं 
  • बीते साल दिसंबर में हजारा थाना क्षेत्र के गांव रामनगर निवासी किसान कन्हैया सिंह (38) को बाघ ने मार डाला था। 29 दिसंबर को उनका अधखाया शव गांव से दो किलोमीटर दूर गन्ने के खेत में मिला था। 
  • नौ सितंबर को कलीनगर के बांसखेड़ा गांव निवासी केदारी लाल को बाघ ने हमला कर मार डाला था। केदारी लाल खेत में फसल की रखवाली करने गए थे। उसी वक्त घटना हुई थी।
  • छह अगस्त को कलीनगर तहसील क्षेत्र के गांव भैरों कला निवासी भगवान दास (31) का अधखाया शव मिला था। वह घास काटने गया था। उसका माला रेंज के जंगल में बरामद हुआ था।
  • 20 जून को माधोटांडा क्षेत्र में फसल की सिंचाई कर रहे गांव बांसखेड़ा निवासी पूरनलाल (55) पर बाघ ने हमला कर दिया था। बाघ किसान को मुंह में दबाकर पास के ही खेत में खींच ले गया था। उनका भी अधखाया शव मिला था। 
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