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राम मंदिर आंदोलन में मझोला से हुई थीं पहली तीन गिरफ्तारी

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Mon, 11 Nov 2019 01:25 AM IST
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पीलीभीत। श्रीराम जन्म भूमि पर सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आने के बाद वर्ष 1980-90 के दशक में आंदोलन में महती भूमिका निभाने वाले रामभक्तों के चेहरे पर सुकून नजर आया। बोले- सुप्रीम कोर्ट के फैसले से बरसों की तपस्या का फल मिल गया। उनकी राम मंदिर निर्माण देखने की इच्छा इसी जन्म में पूरी हो सकेगी। आंदोलनकारियों ने बताया कि पीलीभीत में राम मंदिर आंदोलन की पहली तीन गिरफ्तारी मझोला से हुई थीं।
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वर्ष 1984 में श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन शुरू हो गया था। जब तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने अयोध्या में ताला खुलवाया था। तब आरएसएस के आनुसांगिक संगठन धर्म जागरण मंच की रथयात्रा निकली थी। इसमें पीलीभीत में मझोला से भी तमाम रामभक्त बसों से पहुंचे। इनमें पूर्व चेयरमैन राम औतार अग्रवाल, आरएसएस से रामानंद सिंह और विहिप से अमरिया ब्लॉक अध्यक्ष राम सिंह चौहान थे। विहिप ने 1990 में अयोध्या में कारसेवा की घोषणा की तो पीलीभीत में भी गिरफ्तारी शुरू हो गईं। इनमें सबसे पहले तीन गिरफ़्तारी मझोला से 29/30 सितंबर 1990 की रात को हुई थी। तत्कालीन जहानाबाद सीओ ने पुलिस फोर्स लेकर आधी रात में पूर्व चेयरमैन राम औतार अग्रवाल, रामानंद सिंह और राम सिंह चौहान को गिफ्तार कर लिया। तीनों 31 दिन बदायूं जेल में रहे थे। आंदोलनकारी रामानंद सिंह के बताते हैँ कि 102 डिग्री बुखार में भी पुलिस उनको ले गई। जेल में 1500 से भी अधिक रामभक्त लाए गए थे। मगर, जो बीत गया, सो ठीक। सुप्रीम कोर्ट के फैसले ने सबको न्याय दिया। दूसरे संप्रदाय को अलग से जमीन देकर न्यायसंगत फैसले ने एकता अखंडता को मजबूती मिलेगी।
पूर्व नगर पंचायत चेयरमैन राम औतार अग्रवाल बताते हैं कि तब वह 33 साल के थे। प्रशासन ने आंदोलन दबाने की बहुत कोशिश की। आधी रात को गिरफ्तार करने के बाद दिन में न्यूरिया थाने और उसके बाद बदायूं जेल भेज दिया गया। सुप्रीम कोर्ट ने न्यायसंगत फैसला देकर देश हित का काम किया है।

जेल में सुनते थे राम के भजन
रामसिंह चौहान का कहना है कि बदायूं जेल में गिधौर के राजाराम उनको राम के भजन सुनाते थे। बाकी हारमोनियम बजाते थे। भजनों मेें पांच रुपइया दे दे रे भैया. राम जी के नाम का, राम के घर में लग जाएगा पत्थर तेरे नाम का...। कारसेवा के लिए अयोध्या नहीं जा सका। मगर, जीते जी राम मंदिर देखने की इच्छा पूरी होगी।
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