धान खरीद पर प्रशासन की सख्ती बढ़ी तो एजेंसियों ने बंद कर दिए 46 क्रय केंद्र

Bareily Bureauबरेली ब्यूरो Updated Thu, 29 Oct 2020 01:26 AM IST
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पीलीभीत। धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए इस बार प्रशासन ने जो सख्ती की, उसके बाद तो माफिया, क्रय एजेंसियों और राइस मिल मालिकों में खलबली मच गई है। क्रय एजेंसियों ने धान खरीद कराने से हाथ खड़े करते हुए क्रय केंद्र सरेंडर करने शुरू कर दिए हैं। किसी एजेंसी ने वारदाना और स्टाफ की दिक्कत बताकर तो किसी ने आर्थिक रूप से मजबूत न होने का हवाला देकर धान क्रय केंद्र सरेंडर करने के लिए अधिकारियों को चिट्ठी लिखी है। उसके बाद यूपीएसएस के 31 और नैफेड के 15 समेत कुल क्रय 46 केंद्र बंद हो गए हैं। धान खरीद पारदर्शिता से कराने के लिए प्रशासन 162 में से बाकी बचे 116 क्रय केंद्रों को व्यवस्थित करने में जुट गया है।
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एक अक्तूबर से धान खरीद शुरू हुई थी। अब धान खरीद को 28 दिन पूरे हो चुके हैं। सरकारी धान खरीद 31 जनवरी तक होनी है। सरकारी क्रय केंद्रों से लेकर राइस मिल मालिकों तक किसानों के धान औने-पौने में खरीदकर उसे सरकारी धान में चढ़वाने की कोशिशों में लगे हैं। प्रशासन ने गड़बड़ी करने वालों पर सख्ती कर रखी है। कई क्रय केंद्र प्रभारी निलंबित होने के साथ रिपोर्ट दर्ज कर जेल भी भेज दिए गए हैं। ओम राइस मिल के मालिक पर एफआईआर दर्ज कराई जा चुकी है। कुछ राइस मिल मालिकों के गोदाम पर छापे पड़ चुके हैं। इसके बाद भी हालांकि पूरी तरह से गड़बड़ी तो नहीं रुकी, मगर धान खरीद में माफियाओं और बिचौलियों के शामिल न कर पाने का खतरा भांपकर क्रय एजेंसियां धान खरीद से हाथ खड़े करने लगी हैं। यूपीएसएस ने 31 क्रय केंद्र ले रखे थे। पहले तो शासन से शुरुआत में यूपीएसएस को धान खरीद से बाहर कर दिया गया था। मगर बीच में यह एजेंसी धान खरीद में शामिल हो गई थी। अब एक माह पूरा होने के पहले ही अचानक क्रय एजेंसी यूपीएसएस ने धान खरीद से अपने कदम पीछे हटा लिए। एजेंसी की ओर से वारदाना और स्टाफ की दिक्कत का हवाला देकर क्रय केंद्र सरेंडर करने की चिट्ठी लिखी गई। उसके बाद यह क्रय केंद्र बंद हो गए। इसी की तरह क्रय एजेंसी नैफेड के 15 क्रय केंद्र थे। इनके क्रय केंद्रों पर गड़बड़ी मिलने के बाद प्रभारियों पर कार्रवाई की गई तो तीन क्रय केंद्र पहले बंद हो गए। अब आर्थिक दिक्कत का हवाला देते हुए नैफैड भी धान खरीद से पीछे हट गई। इसके बाद नैफैड के 15 और यूपीएसएस के 31 क्रय केंद्र बंद हो गए। कुल मिलाकर 46 धान क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। कल्याण निगम के भी दो क्रय केंद्र शासन स्तर से पहले ही बंद किए जा चुके हैं। क्रय एजेंसियां भले ही सेंटर बंद करने के पीछे वजह कुछ भी बताएं, मगर इसे प्रशासन की सख्ती से ही जोड़कर देखा जा रहा है।
कम धान खरीद वाले केंद्र होंगे शिफ्ट
अब धान खरीद के सिर्फ 116 क्रय केंद्र बचे हैं। उन पर तौल धीमी गति से हो रही है। धान का उठान भी क्रय केंद्रों से तेजी नहीं पकड़ पा रहा है। एक साथ 46 क्रय केंद्र बंद होने का असर भी धान खरीद पर पड़ना तय माना जा रहा है। मगर, प्रशासन बचे क्रय केंद्रों को व्यवस्थित करके धान खरीदने का मन बना चुका है। डिप्टी आरएमओ डॉ. अविनाश झा ने बताया कि अभी तक जिन क्रय केंद्रों पर धान की खरीद कम हुई है, उनकी सूची बनाई जा रही है। उन क्रय केंद्रों के स्थान पर वही केंद्र शिफ्ट किए जाएंगे।
राइस मिलों पर और बढ़ेगी सख्ती...शासन से भी निर्देश
धान खरीद में राइस मिल मालिक बड़े स्तर पर गोलमाल करने में पीछे नहीं हैं। बीते दिनों यहां बड़ा मामला उजागर हो चुका है। मगर, अब शासन से भी राइस मिलों पर निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव समेत अन्य अधिकारियों ने धान खरीद में धांधली पर वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए शिकंजा कसने को कहा है। कई राइस मिलें किसानों से औने-पौने दामों पर धान खरीदने के बाद उसे सरकारी खरीद में दर्शाने की प्लानिंग बना चुकी हैं। प्रशासन भी यह बात जानता है। सख्ती कम होते ही राइस मिल मालिक अपनी प्लानिंग को हकीकत में बदल सकते हैं। इसलिए राइस मिलों में अचानक छापा मारकर स्टाक का सत्यापन करने की रणनीति बनाई गई है।
किसान के खेत पर भी जाएगी अफसरों की टीम
600 क्विंटल धान खरीद का दैनिक लक्ष्य पूरा करने वाले क्रय केंद्रों में हुई धान खरीद का भौतिक सत्यापन कराने की रणनीति डीएम पहले ही बना चुके हैं। अब जिन किसानों से सरकारी खरीद दर्शाकर राइस मिलों से धान लिया गया है, वहां मौके पर अफसरों की टीम पहुंचेगी। सत्यापन कार्य में किसानों का खेत भी देखा जाएगा। क्रय केंद्र से धान बेचने वाले किसानों की सूची ली जाएगी। फिर टीम औचक निरीक्षण कर धान खरीद की सत्यता परखेगी। कार्रवाई कहां और कब होगी, यह गोपनीय रहेगा। अफसरों की टीम सीधे डीएम की नजर रहेगी।
फर्जी खरीद का मेसेज सोशल मीडिया पर वायरल
शासन प्रशासन की सख्ती और किसानों के सामने आ रही धान खरीद में तमाम दिक्कतों के बीच बुधवार को सोशल मीडिया पर एक मेसेज वायरल हो गया। उसमें बीसलपुर तहसील क्षेत्र के कुछ गांवों में लगे क्रय केंद्रों पर शाहजहांपुर के किसानों से फर्जी धान खरीद दर्शाने की बात कही गई। खरीदे गए धान का स्टॉक भी तीन राइस मिलों में बताया गया। हालांकि प्रशासन ने अभी मामले से अनभिज्ञता जताई। इस तरह की शिकायत न मिलने की बात कही गई।
शासन स्तर से यूपीएसएस के 31 क्रय केंद्र बंद कर दिए गए हैं। नैफेड के भी 15 केेंद्र बंद किए गए हैं। कम धान खरीद वाले क्रय केंद्रों को इनके स्थान पर शिफ्ट किया जाएगा। राइस मिल और दैनिक लक्ष्य पूरा करने वाले क्रय केंद्रों पर औचक कार्रवाई होगी। - पुलकित खरे
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