मंदिर विवाद में अब जमीन मालिक को लेकर फंसा पेंच

Bareily Bureau Updated Sat, 03 Jun 2017 05:31 PM IST
ख़बर सुनें
पीलीभीत। असम हाईवे पर सरकारी जमीन पर बने सिद्धबाबा मंदिर को तोड़े जाने पर शुरू हुए विवाद को दस दिन बाद अफसरों ने पीछे के प्लाट मालिक से जमीन दान दिए जाने की बात कहकर सुलझाया था। प्रशासन के इस फैसले पर अब नया पेंच फंस गया है। मंदिर के लिए व्यापारी की ओर से दान दिए गए जमीन के टुकड़े को एक ग्रामीण ने अपनी बताते हुए एतराज कर दिया। व्यापारी पर भी सात साल से जमीन कब्जा करने का आरोप लगाया। विवाद सामने आने पर अफसरों ने ग्रामीण की बात को अनसुना कर दिया। जमीन की पैमाइश कराकर स्थिति स्पष्ट करने की जहमत नहीं उठाई गई।
23 मई को डीएम के निर्देश पर पूरनपुर गेट पुलिस चौकी के पास बने सिद्धबाबा मंदिर को सरकारी जमीन पर अतिक्रमण बताते हुए तोड़ दिया गया था। इसके बाद गांव के लोगों ने प्रशासनिक कार्रवाई का विरोध करते हुए हाईवे जाम कर पुलिस पर पथराव और वाहनों में आगजनी की थी, जिसमें 12 लोग जेल भेजे गए थे। विहिप, हिजामं, भारतीय मजदूर संघ, सेवा भारती के पदाधिकारियों के अनशन के आहवान पर प्रशासन ने मामले की सुलह कराई थी। इसमें पीछे के प्लाट स्वामी जिसकी मिलीभगत से मंदिर पर कार्रवाई के आरोप लग रहे थे, उसकी ओर से प्लाट में दान दिए जा रहे एक टुकड़े पर मंदिर निर्माण की सहमति बनी। इसको लेकर तय कार्यक्रम के तहत शनिवार को एसडीएम पूर्णिमा सिंह, सीओ सिटी निशांक शर्मा पुलिस एवं राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। विहिप जिलाध्यक्ष अंबरीश मिश्रा, हिजामं जिलाध्यक्ष वेदप्रकाश शुक्ला समेत कई संगठनों के नेता और प्लाट मालिक सौरभ अग्रवाल भी साथ रहे। पहले दोनों के बीच जमीन कितनी मिलेगी, इस बात पर तल्खी होती रही। इसके बाद अफसरों ने दोनों से बातचीत कर 12 बाई 15 की जगह मंदिर को देने पर सहमति बनी। राजस्व टीम से अफसर नापजोख कराने में जुट गए। इस बीच बरहा गांव के निवासी सुरेश कुमार ने अपना दुखड़ा प्रशासन के सामने रखा। उनका कहना था कि जिस जमीन के हिस्से को मंदिर के नाम दान करने की बात व्यापारी ने कही है, वह व्यापारी की नही है। उक्त जमीन उसकी भाभी रेशमा के नाम दर्ज है और सात साल से इस पर व्यापारी ने कब्जा कर रखा है। इसके सुनने के बाद अफसरों ने जांच कराने के बजाए किसी तरह निपट रहे मंदिर विवाद को समाप्त कराने पर अधिक ध्यान दिया। शिकायत करने आए ग्रामीण को मौके से जाने की बात कह दी गई। अब सवाल है कि जब जमीन के मालिक को लेकर ही स्थिति स्पष्ट नहीं है, फिर प्रशासन मंदिर निर्माण को जगह का चिह्नीकरण कैसे कर सकता है? इसके अलावा मौके पर पहुंचे गांव के लोग भी दी गई जगह को लेकर असंतुष्ट दिखाई दिए। इधर प्लाट स्वामी सौरभ अग्रवाल ने जमीन को लेकर लग रहे आरोपों को गलत बताया है।
000
अफसरों के सामने ही भड़क गए लेखपाल
एक तरफ अफसर ग्रामीण की बात को अनदेखा कर रहे थे। अब तक इसकी शिकायत न करने की बात कहकर खुद को बचाने का प्रयास किया जाता रहा। वहीं अफसरों के साथ आए लेखपाल ग्रामीण पर भड़क गए। उसको चुप कराने के लिए डांट दिया। इससे एक बात स्पष्ट हो गई कि कहीं न कहीं मामला प्रशासन तक पहले ही पहुंच चुका था।
000
नेता प्रशासन के साथ मिलकर लूटते रहे वाहवाही
प्रशासन ही नहीं मौके पर पहुंचे कई संगठनों के नेताओं से भी ग्रामीण ने अपना दुखड़ा सुनाया। उनको अपनी व्यथा सुनाकर समाधान कराने की मांग की। अफसोस नेताओं ने भी उसको निराश कर दिया। सिर्फ अधिकारियों के साथ मिलकर मंदिर को जगह दिए जाने की बात पर ही वाहवाही लूटते रहे।
000
बवाल के बाद भी अफसरों ने नहीं लिया सबक
मंदिर को तोड़ने के दौरान प्रशासनिक स्तर से बरती गई लापरवाही बवाल करा चुकी है। इसको अफसर स्वीकार भी कर चुके हैं। बवाल से कोई सबक नहीं लिया गया। मंदिर को दी गई जमीन को लेकर ग्रामीण के आरोप लगाए जाने पर कोई गंभीरता नहीं दिखाई। एसडीएम और राजस्व टीम की मौजूदगी होने पर भी इस बात पर कोई जांच नहीं की गई। आखिर दान में दिया जा रहा जमीन का टुकड़ा व्यापारी का है या फिर ग्रामीण का। जब जमीन के मालिक का ही पता नहीं, फिर यह कैसा समाधान?
000

03 पीबीटीपी 70
कई बार कर चुके शिकायत, नहीं हुई सुनवाई
बरहा गांव के निवासी सुरेश कुमार का कहना है कि उसका प्लाट के बराबर में खेत साढ़े तीन बीघा है। इसका आधा बीघा प्लाट स्वामी ने कब्जा लिया था। उसी में से मंदिर बनाने को जमीन दी जा रही है। इसकी पहले कई बार शिकायत की गई। पुलिस और राजस्व टीम मौके पर भी आई, लेकिन हर बार टाल दिया गया।
000
मंदिर बनाने के लिए जमीन गाटा संख्या 85 से ली जाएगी। इसकी पैमाइश कराएंगे। अगर उक्त हिस्सा व्यापारी का न होकर ग्रामीण का निकलता है, तो मंदिर को दूसरी जगह दी जाएगी। ग्रामीण को पैमाइश कराने के लिए एक प्रार्थना पत्र प्रशासनिक अधिकारियों को देने के लिए कहा गया है।
- निशांक शर्मा, सीओ सिटी

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News App अपने मोबाइल पे|
Get all crime news in Hindi. Stay updated with us for all breaking hindi news.

Spotlight

Most Read

Una

धू-धू के जल रहे उपमंडल बंगाणा के जंगल

धू-धू के जल रहे उपमंडल बंगाणा के जंगल

24 मई 2018

Related Videos

गन्ना किसानों पर मेनका गांधी का वीडियो वायरल होने के बाद बवाल, अब दी ये सफाई

सोशल मीडिया पर पीलीभीत सांसद मेनका गांधी का गन्ना किसानों को लेकर एक वीडियो वायरल होने के बाद बवाल हो गया। विरोधी उनपर जमकर निशाना साधने लगे। इसके बाद मेनका गांधी ने सफाई दी।

17 मई 2018

आज का मुद्दा
View more polls

अमर उजाला ऐप चुनें

सबसे तेज अनुभव के लिए

क्लिक करें Add to Home Screen