संभले नहीं तो भुगतने होंगे परिणाम

Pilibhit Updated Thu, 08 May 2014 05:31 AM IST
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पीलीभीत। पानी के अंधाधुंध दोहन को रोकने और पानी के संरक्षण के लिए उदासीनता भारी पड़ सकती है। समय रहते बेशकीमती पानी को बर्बाद किया जाना बंद नहीं किया गया तो भविष्य में पीलीभीत को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। विशेषज्ञों के अनुसार अभी उपलब्ध पानी का मात्र दो प्रतिशत भाग ही पीने योग्य है, यह हमारे लिए खतरे की घंटी है। शहर के मोअज्जिज लोग इसके लिए लोगों से आगे आने के अलावा संबंधित एजेंसियों से जल संरक्षण के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने के साथ नियम-कानून बनाए जाने पर जोर दे रहे हैं।
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जल संरक्षण के लिए करने होंगे प्रयास
शहर के निकट बहने वाली देवहा और खकरा नदी के पानी को सुरक्षित और संरक्षित करने के लिए 15 वर्ष पहले अभियान चलाया गया था। इसके चलते मझोला की डिस्टलरी को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाना पड़ा था। इसको नजीर बनाकर हमें जल संरक्षण के लिए और भी प्रयास करने होंगे।- टीएच खान, सचिव-सेव इंवायरमेंट सोसाइटी।
लोगों को करना होगा जागरूक
लोगों को जल संरक्षण के लिए जागरूक करना होगा। पर्यावरण संरक्षण के लिए तैयार अपने प्रोजेक्ट में मैंने जल संरक्षण को प्रमुखता से शामिल किया है। इसके तहत जंगल सेे सटे क्षेत्र के स्कूलों में अभियान के दौरान जानकारी भी देते हैं।
परवेज हनीफ, अध्यक्ष-समाज कल्याण विकास अध्ययन समिति।

गोमती के लिए आगे आएं लोग
लखनऊ को जोड़ने वाली गोमती नदी का अस्तित्व मिट रहा है, इसके बचाव के लिए सभी को आगे आना होगा। हमारी संस्था ने इस दिशा में प्रयास शुरू किए थे, मगर अभी काफी काम बाकी है।
अतहर कलीम, सचिव,
वाइल्डलाइफ बायोडायवर्सिटी कंजर्वेशन सोसाइटी।

दोपहर बाद करें फसलों की सिंचाई
कृषि अध्यापक होने के नाते अक्सर किसानों के बीच जाने का अवसर मिलता है। पानी की बचत के लिए हमेशा दोपहर बाद सिंचाई की सलाह देता हूं। किसानों को इसका लाभ भी मिल रहा है।
आरपी गंगवार, अध्यापक एवं पर्यावरण प्रेमी।


पानी का भी शुल्क लगे

पब्लिक फ्री में मिलने वाली चीज का महत्व नहीं समझती। बिजली, मोबाइल, डीजल पेट्रोल की तरह इसकी भी कीमत तय होनी चाहिए। इसके लिए मीटर लगे और रीडिंग के हिसाब से शुल्क हो।
अजीत वाजपेई, मधुबन।

डिस्पोजल बर्तनों का प्रयोग करें

शादी बारात एवं अन्य कार्यक्रमों में दावत के दौरान बर्तनों की सफाई में काफी पानी बर्बाद होता है। इसके लिए डिस्पोजल बर्तनों को बढ़ावा देना चाहिए।
अनुभव गंगवार, बल्लभनगर।

वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जरूरी
सरकार को वाटर ट्रीटमेंट प्लांट लगाकर शहर में बर्बाद हो रहे पानी को बचाकर दुबारा प्रयोग के लायक बनाना चाहिए।
शेखर जायसवाल, एकतानगर।

धुलाई सेंटर पर लगे अंकुश
शहर में बड़ी संख्या में चल रहे वाहन धुलाई सेंटरों के लाइसेंस जारी कर शुल्क लगना चाहिए साथ ही इनकी संख्या को भी सीमित होनी चाहिए।
गौरव पाल, अशोक कॉलोनी।
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