गुजर रहा साल, नहीं बदली बदहाली की तस्वीर

Pilibhit Updated Thu, 27 Dec 2012 05:30 AM IST
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पीलीभीत। वर्ष 2012 के अलविदा कहने और नए साल के स्वागत में जश्न की तैयारी चल रही है, लेकिन इस साल भी जिले की बदहाल तस्वीर नहीं बदली। आजादी के छह दशक बाद भी बिजली, पानी, सड़क, बेरोजगारी आदि का दर्द यहां के जनप्रतिनिधियों के प्रयासों को बयां कर रहा है।
जिले के अधिकांश लोग खेती पर निर्भर हैं, लेकिन किसान अब भी खाद, पानी, उपज की कीमत को तरस रहे हैं। सड़कों पर नजर डालें तो बरेली हरिद्वार हाइवे की हालत इतनी दयनीय है कि इस पर बड़े-बड़े गड्ढों से उड़ते धूल के गुबार लिंक सड़कों की दुर्दशा को बयां कर देते हैं। सदर तहसील की अधिकांश आबादी विकास खंड जहॉनाबाद और अमरिया में रहती है और उसे इस सड़क की समस्या से जूझना पड़ता है। उधर, सदर तहसील के ही मझोला इलाके में बंद हो चुकी चीनी मिल से सब कुछ खोकर यहां के किसान, मिल कर्मचारी, व्यापारी और आम जनता परेशान हैं। चीनी मिल चालू कराने का बड़ा मुद्दा है, लेकिन सांसद और विधायक सिर्फ आश्वासन ही दे रहे हैं। लोगों को दर्द है कि नेताओं ने सिर्फ वादे किए, उनकी इस समस्या का हल किसी ने नहीं कराया। पूरनपुर तहसील की आधी आबादी नदियों के किनारे है, जो बाढ़ से तबाह होती रही है। यहां के गभिया सहराई इलाके में बंगाली परिवारों के चेहरे पर गरीबी और लाचारी का दर्द झलकता है। इसी तरह बीसलपुर और बरखेड़ा इलाके में बिजली, पानी, सड़क और बाढ़ मुख्य समस्या है। यहां के लोगों का भी दर्द विकास न होना है। पीलीभीत की जनता ओवरब्रिज और बड़ी रेल लाइन का सपना संजोए हैं, जबकि यहां से मेनका गांधी पांच बार चुनाव जीतीं और वरुण गांधी वर्तमान में सांसद हैं, फिर भी लोगों का सपना पूरा नहीं हो सका।
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आजादी के छह दशक बीत गए, लेकिन पिछड़ेपन का दाग नहीं छूटा। पहले कांग्रेस ने राज किया, फिर भाजपा की सरकार में यहां से विधायक रहे, मंत्री भी बने। बसपा की सरकार में भी जिले से विधायक रहे और अनीस अहमद खां मंत्री रहे। अब सपा सरकार में सदर सीट से विधायक हाजी रियाज अहमद खादी एवं ग्रामोद्योग राज्य मंत्री हैं। लोकसभा में मेनका गांधी ने पांच बार प्रतिनिधित्व किया तो वर्तमान में उनके पुत्र वरुण गांधी यहां से सांसद हैं, लेकिन क्षेत्र की बदहाली दूर न हो सकी।
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जिले की प्रमुख समस्याएं
1. बड़ी रेल लाइन और शहर में ओवरब्रिज।
2. जर्जर सड़कें, अतिक्रमण, गंदगी, बिजली, पानी की समस्यां
3. गत्ता फैक्ट्री और मझोला सहकारी चीनी मिल बंद होने से बेरोजगारी बढ़ी
4. नये उद्योगों की स्थापना नहीं, महानगरों को जा रहे युवा
5. बाढ़ समस्या का स्थायी हल नहीं
6. जिले में उच्च शिक्षा का अभाव
7. कृषि प्रधान जिला, फिर भी खाद की प्रमुख समस्या
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क्या कहते हैं जन प्रतिनिधि
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सपा सरकार में बनीं तमाम योजनाएं
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सपा सरकार में जिले के विकास की तमाम योजनाएं बनी हैं। हरिद्वार हाइवे के लिए प्रयास सफल हुआ है। निर्माण को मंजूरी मिल गई है। अगले साल इस पर काम पूरा हो जाएगा। मझोला की बंद चीनी मिल का चालू कराने, सड़क, परिवहन और बाढ़ समस्या का भी स्थाई समाधान किया जा रहा है।
हाजी रियाज अहमद, राज्य मंत्री, खादी एवं ग्रामोद्योग।
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विकास को लगातार प्रयास जारी
जिले की विकास के लिए पहले मेरी मां ने और अब खुद लगा हूं। हरिद्वार हाइवे के निर्माण को मंजूरी दिलाकर काम भी शुरू करा दिया है। ब्राडगेज के लिए लगातार प्रयास जारी हैं तथा बाढ़ समस्या के स्थाई समाधान की योजना बना रहा हूं। आगामी वर्षों में यह सभी काम पूरे हो जाएंगे।
वरुण गांधी, सांसद।

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