जमीन देने पर किसानों ने जताई सहमति

Pilibhit Updated Wed, 19 Dec 2012 05:31 AM IST
पीलीभीत। विकास खंड ललौरीखेड़ा के गांव खरुआ में वर्ष 2006 में एसएसबी बटालियन के लिए अधिग्रहीत की गई 72 एकड़ कृषि भूमि के विवाद को निपटाने के लिए मंगलवार को सहमति बन गई है। किसान मजदूर संगठन के मुखिया पूर्व विधायक वीएम सिंह की मध्यस्थता में जिला प्रशासन और एसएसबी अधिकारियों के साथ हुई बैठक में किसान जमीन देने पर राजी हो गए हैं। बैठक में तय किया गया कि जमीनों की मौजूदा कीमत के साथ उन्हें पुनर्वास योजना का भी लाभ दिलाया जाएगा।
गौरतलब है कि वर्ष 2006 में गांव खरुआ में 61 किसानों की कृषि भूमि एसएसबी ने अधिग्रहीत कर ली थी। यह मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। किसान मजदूर संगठन के मुखिया वीएम सिंह इसकी पैरवी कर रहे हैं। मामले में समझौते के प्रयास किए जा रहे हैं। मंगलवार को एसएसबी, प्रशासनिक अधिकारियों, वीएम सिंह और पीड़ित किसानों की गांधी प्रेक्षागृह में बैठक हुई। जिसमें तय हुआ कि किसानों का उनकी जमीन का मूल्य मौजूदा सर्किल रेट के मुताबिक दिया जाएगा। एसडीएम सदर ने बताया कि खरुआ में मौजूदा सर्किल रेट 60, 40 और 33 लाख रुपये हेक्टेयर है। पीड़ित किसानों को राज्य की पुनर्वास पॉलिसी के तहत मुआवजा भी देने पर सहमति बनी। यह भी तय किया गया कि निकट भविष्य में केन्द्र सरकार मुआवजा पालिसी लागू करने जा रही है। उच्चतम न्यायालय में समझौते की औपचारिकता के समय तक यदि केंद्र की पॉलिसी लागू हो जाती है तो राज्य और केंद्र में जो अधिक लाभदायक होगी, उसी पॉलिसी के तहत भुगतान किया जाएगा। किसान नेता वीएम सिंह ने कहा कि औपचारिकता होने तक भूमि पर कोई कार्य नहीं किया जाएगा।
वार्ता के दौरान डीएम के प्रतिनिधि के रूप में सिटी मजिस्ट्रेट डॉ. एमएम खान, एसएसबी के कमांडेंट एस कपूर व अन्य अधिकारी, किसान मजदूर संगठन के मंडल अध्यक्ष गयासुउद्दीन और गांव के कृष्ण कुमार शर्मा, तेजराम, कोमिल प्रसाद, सियाराम, गंगाराम, प्यारेलाल, जयपाल, विनोद कुमार, चरण सिंह कश्यप व मेंहदी हसन थे। इससे पूर्व वीएम सिंह ने गांव पहुंचकर पीड़ितों के साथ बैठक की। उन्होंने पीड़ितों की मंशा समझी। कहा कि उन्होंने किसानों की लड़ाई उच्चतम न्यायालय तक लड़ी है। उनका मकसद है कि किसी किसान का नुकसान न हो। अगर गांव के लोग चाहें तो एसएसबी व प्रशासनिक अधिकारियों के साथ वार्ता कर समझौता किया जा सकता है।
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एसडीएम को बताईं किसानों की समस्याएं
पीलीभीत। किसान मजदूर संगठन के मुखिया वीएम सिंह ने गांधी सभागार में मंगलवार को किसानों के साथ बैठक में उन्होंने एसडीएम सदर पीके आर्य को बताया कि छोटे किसानों को पर्ची नहीं मिल पा रही है। गन्ना सेंटरों पर बाहर से गन्ना आ रहा है। गन्ने का भुगतान नहीं हो रहा है। श्री सिंह ने कहा कि हाईकोर्ट ने छह अगस्त 2012 को आदेश किया है। जिसमें कहा गया है कि गन्ने का मूल्य किसान को 14 दिन में न मिलने पर अगले दिन से 15 प्रतिशत ब्याज दिया जाएगा। ब्याज का भुगतान न होने तक वसूली स्थगित रखी जाएगी। इस मौके पर श्रवण दत्त सिंह समेत अनेक किसान मौजूद रहे।

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